4 अप्रैल 1968 को लोरेन मोटेल, मेम्फिस, टेनेसी में मार्टिन लूथर किंग जूनियर (जन्म 15 जनवरी 1929 अटलांटा, जॉर्जिया) की हत्या कर दी गई। मार्टिन लूथर किंग जूनियर प्रमुख अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और बैपटिस्ट पादरी और 1955 से 1968 में अपनी हत्या तक नागरिक अधिकार आंदोलन के प्रमुख नेता रहे। 3 अप्रैल 1968 को आई हैव बीन टू द माउंटेनटॉप शीर्षक वाला ऐतिहासिक और अंतिम वक्तव्य मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने मेम्फिस, टेनेसी में मेसन टेंपल (क्राइस्ट मुख्यालय में चर्च ऑफ गॉड) के बाहर दिया। भाषण मुख्य रूप से मेम्फिस स्वच्छता हड़ताल से संबंधित था। किंग ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने आदर्शों पर कायम रहने की चुनौती देते हुए एकता, आर्थिक कार्रवाई, बहिष्कार और अहिंसक विरोध का आह्वान किया। भाषण के अंत में उन्होंने अपनी असामयिक मृत्यु की संभावना जताई। अगले ही दिन उनकी हत्या कर दी गई। मार्टिन लूथर किंग जूनियर के आदर्श महात्मा गांधी थे। उन्होंने अश्वेत और मानवाधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। मार्टिन लूथर किंग जूनियर के कुछ उद्धरण यहां प्रस्तुत हैं
अंधेरा, अंधेरे को नहीं मिटा सकता, केवल प्रकाश ही ऐसा कर सकता है। नफरत, नफरत को नहीं मिटा सकती, केवल प्यार ही ऐसा कर सकता है।
मैंने प्यार के साथ बने रहने का फैसला किया है… नफरत एक ऐसा बोझ है जिसे उठाना बहुत भारी है।
हमारी जिंदगी उस दिन खत्म होना शुरू हो जाती है, जिस दिन हम उन चीजों के बारे में चुप हो जाते हैं जो मायने रखती हैं।
आखिर में, हमें अपने दुश्मनों के शब्द नहीं, बल्कि अपने दोस्तों की चुप्पी याद रहेगी।
विश्वास का मतलब है पहला कदम उठाना, भले ही आपको पूरी सीढ़ी दिखाई न दे रही हो।
अगर आप उड़ नहीं सकते तो दौड़ें, अगर आप दौड़ नहीं सकते तो चलें, अगर आप चल नहीं सकते तो रेंगें, लेकिन आप जो भी करें, आपको आगे बढ़ते रहना होगा।
लेकिन मुझे किसी तरह यह पता है कि तारे तभी दिखाई देते हैं, जब काफी अंधेरा हो।
किसी भी इंसान को खुद पर इतना हावी न होने दें कि आप उससे नफरत करने लगें।
एक ऐसा समय आता है जब इंसान को एक ऐसा रुख अपनाना पड़ता है जो न तो सुरक्षित होता है, न ही राजनीतिक रूप से सही, और न ही लोकप्रियय लेकिन उसे वह रुख अपनाना ही पड़ता है, क्योंकि उसका अंतर्मन उसे बताता है कि यही सही है।
दुनिया में सच्ची अज्ञानता और जान-बूझकर की गई मूर्खता से ज्यादा खतरनाक कुछ भी नहीं है।
किसी इंसान की असली पहचान इस बात से नहीं होती कि वह सुख-सुविधा के पलों में कैसा व्यवहार करता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह चुनौतियों और विवादों के समय कैसा व्यवहार करता है।
बुद्धिमत्ता और चरित्र, यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
हर कोई महान बन सकता है… क्योंकि हर कोई सेवा कर सकता है। सेवा करने के लिए आपको कॉलेज की डिग्री की जरूरत नहीं है। सेवा करने के लिए आपको व्याकरण के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है। आपको बस एक ऐसे दिल की जरूरत है जो करुणा से भरा हो। एक ऐसी आत्मा की जरूरत है जो प्यार से बनी हो।
कोई भी इंसान तब तक यह नहीं जान पाता कि वह क्यों जिंदा है, जब तक उसे यह पता न चल जाए कि वह किस चीज के लिए अपनी जान दे सकता है।
हमें यह समझना होगा कि हम जिस लक्ष्य की तलाश में हैं, वह एक ऐसा समाज है जो खुद के साथ शांति से रहता हो, एक ऐसा समाज जो अपने अंतर्मन के साथ जी सके।
कहीं भी होने वाला अन्याय, हर जगह होने वाले न्याय के लिए एक खतरा है।
जो इंसान किसी आदर्श के लिए अपनी जान नहीं दे सकता, वह जीने के लायक नहीं है।
माफी कोई कभी-कभार किया जाने वाला काम नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर बनी रहने वाली सोच है। अगर किसी इंसान को सड़क साफ करने का काम मिलता है, तो उसे सड़क ऐसे साफ करनी चाहिए जैसे माइकल एंजेलो पेंटिंग बनाते थे, या बीथोवेन संगीत बनाते थे, या शेक्सपियर कविताएँ लिखते थे। उसे सड़क इतनी अच्छी तरह साफ करनी चाहिए कि स्वर्ग और धरती की सारी शक्तियाँ रुककर कहें, यहाँ एक महान सड़क साफ करने वाला रहता था, जिसने अपना काम बहुत अच्छे से किया।
हमें सीमित निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन असीम आशा को कभी नहीं खोना चाहिए।
जो लोग खुशी नहीं ढूँढ़ रहे होते, उन्हें ही खुशी मिलने की सबसे ज्यादा संभावना होती हैय क्योंकि जो लोग खुशी ढूँढ़ रहे होते हैं, वे यह भूल जाते हैं कि खुश रहने का सबसे पक्का तरीका दूसरों के लिए खुशी ढूँढ़ना है।
एक समय ऐसा आता है जब चुप्पी भी एक तरह का विश्वासघात होती है।
हममें से सबसे बुरे इंसान में भी कुछ अच्छाई होती है, और हममें से सबसे अच्छे इंसान में भी कुछ बुराई होती है। जब हमें यह बात समझ आ जाती है, तो हम अपने दुश्मनों से नफरत कम करने लगते हैं। -मार्टिन लूथर किंग जूनियर,
यह कभी मत भूलना कि जर्मनी में हिटलर ने जो कुछ भी किया, वह सब कानूनी था।
मेरा एक सपना है कि मेरे चार छोटे बच्चे एक दिन ऐसे देश में रहेंगे, जहाँ उन्हें उनकी चमड़ी के रंग के आधार पर नहीं, बल्कि उनके चरित्र के आधार पर परखा जाएगा।
जैसे-जैसे मेरी मुश्किलें बढ़ती गईं, मुझे जल्द ही यह एहसास हो गया कि मैं अपनी स्थिति पर दो तरह से प्रतिक्रिया दे सकता हूँ, या तो कड़वाहट के साथ प्रतिक्रिया दूँ, या फिर उस दुख को एक रचनात्मक शक्ति में बदलने की कोशिश करूँ। मैंने दूसरा रास्ता चुनने का फैसला किया।
मेरा एक सपना है कि एक दिन छोटे काले लड़के-लड़कियाँ, छोटे गोरे लड़के-लड़कियों का हाथ थामे होंगे।
विज्ञान जाँच-पड़ताल करता है, धर्म उसकी व्याख्या करता है। विज्ञान इंसान को ज्ञान देता है, जो कि शक्ति है धर्म इंसान को विवेक देता है, जो कि आत्म-नियंत्रण है। विज्ञान मुख्य रूप से तथ्यों से जुड़ा होता हैय धर्म मुख्य रूप से मूल्यों से जुड़ा होता है। ये दोनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। -मार्टिन लूथर किंग जूनियर
हमें भाइयों की तरह मिलकर रहना होगा, या फिर मूर्खों की तरह एक साथ मिट जाना होगा।
SPECIAL Note – प्रेस / मीडिया विशेष – आप अपने समाचार, विज्ञापन, रचनाएं छपवाने, समाचार पत्र, पत्रिका पंजीयन, सोशल मीडिया, समाचार वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, कंटेंट राइटिंग इत्यादि प्रेस/मीडिया विषयक कार्यों हेतु व्हाट्सऐप 9411175848 पर संपर्क करें।