2 अप्रैल 1872 को न्यूयॉर्क में यूरोपीय टेलीग्राफ पर आधारित एक सिंगल-वायर टेलीग्राफ प्रणाली के आविष्कार में योगदान देने वाले आविष्कारक और चित्रकार सैमुअल फिनले ब्रीज मोर्स (जन्म 27 अप्रैल 1791, चार्ल्सटाउन, बोस्टन, मैसाचुसेट्स) का निधन हुआ। सैमुअल मोर्स 1837 में संदेश संप्रेषण की तकनीक मोर्स कोड के सह-डेवलपर और उसके नामकरणकर्ता बने, और उन्होंने टेलीग्राफी के व्यावसायिक उपयोग को विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। सैमुअल मोर्स वैज्ञानिक बनने से पहले जाने माने चित्रकार थे। लेकिन चित्रकला की दुनिया में उन्हें बहुत ख्याति नहीं मिली। अधेड़ उम्र में उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में पदार्पण किया और एक वैज्ञानिक, तकनीक के विकासकर्ता के रूप में दुनिया में प्रसिद्ध हुए। अपनी तकनीक के सफल प्रयोगों और उपभोग की सफलता के बाद उन्होंने कहा था, वह दिन दूर नहीं जब इस देश की पूरी सतह पर ऐसी नसें (तारों के जाल) बिछा दी जाएंगी, जो विचार की गति से, पूरे देश में घटित होने वाली हर घटना की जानकारी फैला देंगी और इस तरह, वास्तव में, पूरे देश को एक ही मोहल्ले में बदल देंगी।
सैमुअल मोर्स के कुछ और उद्धरण
हर बच्चे का एक सपना होता है, उस सपने का पीछा करना और उसे हकीकत बनाना हर बच्चे के अपने हाथों में होता है। एक का आविष्कार दूसरे के लिए एक औजार बन जाता है।
यदि बिजली की उपस्थिति को सर्किट के किसी भी हिस्से में दृश्यमान बनाया जा सकता है, तो मुझे कोई कारण नजर नहीं आता कि बिजली के माध्यम से जानकारी (संदेश) को तुरंत क्यों नहीं भेजा जा सकता।
विज्ञान और कला एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।
चित्रकला कई लोगों के लिए एक मुस्कुराती हुई प्रेमिका (अनुकूल साथी) रही है, लेकिन मेरे लिए वह एक क्रूर बेवफा साबित हुई, मैंने उसे नहीं छोड़ा, बल्कि उसने मुझे छोड़ दिया।
मेरी कोई इच्छा नहीं है कि मुझे एक चित्रकार के रूप में याद किया जाए, क्योंकि मैं कभी चित्रकार था ही नहीं, उस पेशे के बारे में मेरा विचार शायद बहुत ऊँचा था या मैं कहूँ, अब भी बहुत ऊँचा है। मैं कला के क्षेत्र में ऊँचा स्थान पाने का काम उन दूसरों के लिए छोड़ देता हूँ जो इसके अधिक योग्य हैं।
संभवतः सैमुअल मोर्स दास प्रथा जारी रखने के पक्षधर थे, इसलिए उन्होंने कहा, इसलिए, केवल गुलामों को अपने पास रखना, अपने आप में कोई ऐसी स्थिति नहीं है जिसमें कोई नैतिक बुराई हो, ठीक वैसे ही, जैसे माता-पिता होना, या नियोक्ता होना, या शासक होना अपने आप में कोई नैतिक बुराई नहीं है।
अफसोस! चित्र शब्द का नाम सुनते ही मेरे दिल में एक ऐसी उदासी छा जाती है, जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता।
हमें अपने ऑपरेटरों का वेतन बढ़ाना ही होगा, वरना वे सब हमसे छिन जाएँगेकृयानी, वे सभी ऑपरेटर जो वास्तव में किसी काम के हैं। आपको याद होगा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पहली बैठक में, मैंने यह पक्ष रखा था कि हमारी नीति यह होनी चाहिए कि हम ऑपरेटर के पद को इतना आकर्षक बनाएँ, उन्हें इतना अच्छा वेतन दें, और उनकी कार्य-स्थिति को इतना सुखद बनाएँ कि बुद्धिमान और चरित्रवान लोग इस पद को पाने के लिए लालायित हों, और इसे खोने से डरें। मैं आज भी यही मानता हूँ और आप मुझ पर भरोसा कर सकते हैं कि इस सिद्धांत पर चलना ही सबसे समझदारी भरी और किफायती (आर्थिक रूप से सही) नीति है।
जेसुइट्स एक गुप्त संस्था हैं एक तरह का मेसोनिक संगठन, जिसमें बेहद घिनौनी और नफरत भरी बातें भी शामिल हैं, और जो उससे हजार गुना ज्यादा खतरनाक है। (जेसुइट्स, इसाई धार्मिक संगठन)।
हाथीदांत पर बनी छोटी पेंटिंग के लिए मेरी कीमत पाँच डॉलर है, और इस कीमत पर मुझे तीन या चार काम मिल चुके हैं। प्रोफाइल चित्रों के लिए मेरी कीमत एक डॉलर है, और हर कोई इस कीमत पर मुझे काम देने को तैयार है। -सैमुअल मोर्स
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