1 अप्रैल 1815 को शॉनहाउसेन, जर्मनी में ओटो वॉन बिस्मार्क (ओटो एडुआर्ड लियोपोल्ड, प्रिंस ऑफ बिस्मार्क, काउंट ऑफ बिस्मार्क-शॉनहाउसेन, ड्यूक ऑफ लॉनबर्ग) का जन्म हुआ। ओटो वॉन बिस्मार्क प्रसिद्ध जर्मन राजनेता और कूटनीतिज्ञ बने, उन्होंने जर्मनी के एकीकरण का नेतृत्व किया और 1871 से 1890 तक इसके पहले चांसलर के रूप में कार्य किया। बिस्मार्क की रियलपॉलिटिक (यथार्थवादी राजनीति) और दृढ़ शासन शैली के कारण उन्हें आयरन चांसलर कहा गया। यहां पेश हैं ओटो वॉन बिस्मार्क के कुछ तीखे, चुटीले, मनोरंजक, विचारणीय उद्धरण
राजनीति संभावनाओं की कला है, जो प्राप्त किया जा सकता है उसकी कला, यह अगले सबसे अच्छे विकल्प को चुनने की कला है।
केवल मूर्ख ही अपनी गलतियों से सीखते हैं। बुद्धिमान व्यक्ति दूसरों की गलतियों से सीखता है।
ईश्वर की विशेष कृपा मूर्खों, पियक्कड़ों और संयुक्त राज्य अमेरिका पर होती है।
मूर्ख अनुभव से सीखते हैं। मैं दूसरों के अनुभव से सीखना पसंद करता हूँ।
एक दिन, बाल्कन क्षेत्र की किसी तुच्छ और मूर्खतापूर्ण घटना के कारण एक बड़ा यूरोपीय युद्ध छिड़ जाएगा।
लोग चुनाव से पहले, युद्ध के दौरान, या शिकार के बाद जितना झूठ बोलते हैं, उतना कभी नहीं बोलते।
राजनीति में किसी भी बात पर तब तक विश्वास न करें, जब तक कि उसे आधिकारिक तौर पर नकार न दिया जाए।
जब आप पूरी दुनिया को मूर्ख बनाना चाहते हैं, तो उन्हें सच बता दें।
निवारक युद्ध ठीक वैसा ही है, जैसे मृत्यु के भय से आत्महत्या कर लेना।
कानून सॉसेज (मांस के कबाब) की तरह होते हैं। उन्हें बनते हुए न देखना ही बेहतर होता है।
कमजोरों का भाग्य यही है कि वे बलवानों द्वारा निगल लिए जाएँ।
विनम्र रहें, कूटनीतिक भाषा में लिखें, यहाँ तक कि युद्ध की घोषणा करते समय भी विनम्रता के नियमों का पालन करना चाहिए।
राजनीति का रहस्य क्या है? रूस के साथ एक अच्छी संधि करना।
मनुष्य घटनाओं के प्रवाह को नियंत्रित नहीं कर सकता, वह केवल उनके साथ बह सकता है और उन्हें सही दिशा दे सकता है।
फॉस्ट ने शिकायत की थी कि उसके सीने में दो आत्माएँ बसती हैं, लेकिन मेरे भीतर तो आत्माओं की पूरी भीड़ जमा है और वे आपस में झगड़ती रहती हैं। यह बिल्कुल किसी गणराज्य में रहने जैसा अनुभव है।
आज के बड़े-बड़े प्रश्न भाषणों और बहुमत के निर्णयों से हल नहीं होंगे, बल्कि लोहे और रक्त (शक्ति और युद्ध) से ही हल होंगे।
मूर्ख कहते हैं कि वे अनुभव से सीखते हैं। मैं दूसरों के अनुभव से लाभ उठाना पसंद करता हूँ।
यदि कभी काला और लाल (क्रांतिकारी शक्तियाँ) फिर से एकजुट हो गए, तो राजमुकुट धारण करने वाले शासक, धन-संपत्ति और विशेषाधिकार रखने वाले लोग सब के सब थर-थर काँपने लगेंगे!
शिकारी कुत्ते उसी का पीछा करते हैं, जो उन्हें भोजन देता है।
राजनीति कोई तर्क पर आधारित विज्ञान नहीं है, बल्कि यह लगातार बदलती हुई परिस्थितियों में, हर पल सबसे कम हानिकारक और सबसे अधिक उपयोगी विकल्प को चुनने की एक क्षमता है। सबसे जरूरी बात इतिहास बनाना है, उसे लिखना नहीं।
राजनेता का काम इतिहास में ईश्वर के कदमों की आहट सुनना है, और जब वह आगे बढ़ रहा हो, तो उसके साथ चलने की कोशिश करना है।
हम एक अद्भुत दौर में जी रहे हैं, जहाँ शक्तिशाली अपनी नैतिक दुविधाओं के कारण कमजोर पड़ जाता है, और कमजोर अपनी हिम्मत के बल पर शक्तिशाली बन जाता है।
जिंदगी डेंटिस्ट के पास जाने जैसी है। आपको हमेशा लगता है कि सबसे बुरा पल अभी आना बाकी है, लेकिन असल में वह पहले ही गुजर चुका होता है।
राजनीति इंसान के चरित्र को बर्बाद कर देती है।
समय के बड़े सवालों का फैसला भाषणों और बहुमत के वोटों से नहीं होता, 1848 और 1849 में यही गलती हुई थी, बल्कि उनका फैसला लोहे और खून से होता है।
अगर यूरोप में कभी फिर से कोई युद्ध हुआ, तो उसकी शुरुआत बाल्कन क्षेत्र की किसी बेहद बेवकूफी भरी बात से ही होगी। -ओटो वॉन बिस्मार्क
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