मुंबई 19 मार्च 2026। इन दिनों भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद डावांडोल है। जल्द ही आम जनता को भारी महंगाई का सामना और वस्तुओं की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। भारतीय शेयर बाजार के लिए 19 मार्च गुरुवार का दिन बेहद खराब रहा। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और बड़ी बिकवाली के चलते बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पिछले तीन सेशन से जारी रिकवरी आज पूरी तरह धुल गई। सेंसेक्स करीब 2,496 अंक या 3.26ःः टूटकर 74,207.24 के निचले स्तर तक चला गया। निफ्टी 50 भी 775.65 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की और 23,002.15 के लेवल पर बंद हुआ। आज के कारोबारी सेशन में निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
आंतरिक गड़बड़ियों के शिकार एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर ने बैंकिंग सेक्टर में डर का माहौल और बढ़ा दिया। आखिरी सेशन तक एचडीएफसी बैंक के शेयर करीब 3.39 प्रतिशत तक टूटकर 53,451.00 लो लेवल पर आ गए। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और महंगाई को लेकर चिंता जताई, जिससे वैश्विक निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से पैसा निकालना शुरू कर दिया। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतों ने भारतीय इकोनॉमी और मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाला।
19 मार्च की सुबह जैसे ही बाजार खुला, ऐसा लगा कि बिकवाली का सैलाब आ गया। सुबह 9ः16 बजे के करीब सेंसेक्स 1,584.43 अंक (2.07 प्रतिशत) टूटकर 75,119.70 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी 500.45 अंक (2.10ः) गिरकर 23,277.35 पर पहुंचा। प्री-ओपनिंग सेशन में तो हालात और भी खराब थे, जहां सेंसेक्स 2,200 अंक और निफ्टी 580 अंक तक नीचे चले गए थे। बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई. रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल के साथ सभी सेक्टोरल इंडेकस लाल निशान में थे. लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट रही।
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को हिला कर रख दिया है। गुरुवार की सुबह कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो गुरुवार सुबह 3 प्रतिशत से ज्यादा उछल गई हैं। ब्रेंट क्रूड में 3.69 डालर या 3.44 प्रतिशत की तेजी आई और यह 111.07 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूआईआई क्रूड भी 2.29 डालर या 2.38 प्रतिशत बढ़कर 98.61 डालर पर ट्रेड कर रहा है। युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ने का डर है। जानकारों का मानना है कि जब तक युद्ध थमता नहीं, तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहेंगी।
19 मार्च को एशियाई बाजारों की शुरुआत बहुत खराब रही। आज सुबह से ही पूरे एशिया के बाजारों में भगदड़ मची है। जापान का निक्केई हांगकांग का हेंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 3 प्रतिशत तक टूट चुके हैं। गिफ्ट निफ्टी भी 550 पॉइंट नीचे ट्रेड कर रहा था, जिसने पहले ही संकेत दे दिया था कि आज भारतीय बाजार के लिए सुबह बहुत भारी होने वाली है।