अंतरराष्ट्रीय संगठन International Organization for Migration (IOM) की नवीनतम रिपोर्ट में 2025 में विश्व भर में अप्रवासियों और शरणार्थियों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, हर दिन लगभग 21 अप्रवासी या शरणार्थियों की मौत या लापता होने की घटनाएँ दर्ज की गईं।
गंभीर क्षेत्र
- मेडिटरेनियन सागर: यूरोप जाने की कोशिश में नाव डूबने और पलायन की घटनाएँ प्रमुख कारण हैं।
- अफ्रीका के सहरा और भूमध्यसागरीय मार्ग: अत्यधिक गर्मी और जलवायु खतरों के कारण मृत्यु दर बढ़ी।
- एशिया और दक्षिण-पश्चिमी प्रवासी मार्ग: श्रमिक और शरणार्थी कठिन परिस्थितियों के कारण जोखिम में हैं।
रिपोर्ट की मुख्य बातें
- अप्रवासी और शरणार्थियों के लिए सुरक्षित मार्ग और आश्रय की कमी।
- तटीय और सीमा सुरक्षा प्रयासों के बावजूद बचाव कार्यों में कमी।
- बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष जोखिम।
IOM की सिफारिशें
- वैश्विक सहयोग बढ़ाना और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना।
- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुसार शरणार्थियों और अप्रवासियों की सुरक्षा।
- खोज और बचाव (SAR) नेटवर्क का विस्तार और बेहतर निगरानी।
- स्थानीय समुदायों में जागरूकता और सहायता कार्यक्रम बढ़ाना।
विश्लेषकों का कहना है कि अप्रवासियों की मृत्यु दर में वृद्धि राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध, आर्थिक संकट और जलवायु संकट के कारण और अधिक गहराई से देखने की जरूरत है।

