नई दिल्ली। भारत में गर्मी तेज होने लगी है। ज्यादा गर्मी से पूर्व ही एयर कंडीशनर एसी खरीदने वालों को महंगाई का झटका लगने वाला है। प्रमुख कंपनियां 5 से 15 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाने जा रही हैं। कच्चे माल की बढ़ती लागत, कमजोर रुपया और नए ऊर्जा दक्षता मानकों के कारण यह बढ़ोतरी की जा रही है। इलैक्ट्रिक और इलैक्ट्रानिक उद्योग से जुड़ी कंपनियों के अनुसार फरवरी से अप्रैल के बीच अलग-अलग मॉडल के हिसाब से कीमतों में इजाफा किया जा रहा है। एसी की कीमतों में वृद्धि करने वाली कंपनियों में डाइकिन, वोल्टास, ब्लू स्टार, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, हायर और मित्सुबिशी हेवी आदि शामिल हैं।
एयर कंडीशनर निर्माण और विपणन कंपनियों का कहना है कि कॉपर जैसी धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी, रुपये की कमजोरी, नई ऊर्जा-दक्षता नीतियां और बढ़े हुए फ्रेट चार्ज के कारण लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है। डाइकिन इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कंवल जीत जावा के अनुसार उनकी कंपनी अप्रैल से एसी की कीमतों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करेगी, जो अलग-अलग मॉडल पर निर्भर करेगी। ब्लूस्टार के प्रबंध निदेशक बी. थियागराजन ने बताया कि कंपनी फरवरी के मध्य में ही 8-10 प्रतिशत कीमत बढ़ा चुकी है। यह अलग बात है कि बाजार में अभी पुराने स्टॉक उपलब्ध होने के कारण ग्राहकों को तुरंत ज्यादा अंतर महसूस नहीं हो रहा है।
एसी बनाने वाली प्रमुख कंपनी वोल्टास के प्रबंध निदेशक मुकुंदन मेनन ने कहा कि बढ़ती लागत को देखते हुए कंपनी इस साल 5 से 15 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाएगी। एलजी इलैक्ट्रानिक इंडिया के निदेशक संजय चितकारा के अनुसार नई ऊर्जा दक्षता नीति के बाद 3-स्टार एसी की कीमत करीब 7 प्रतिशत और 5-स्टार मॉडल की कीमत 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। मालूम हो कि इसी साल ब्यूरो आफ एनर्जी एफिसिएंशी बीईई के नए स्टार रेटिंग नियम भी लागू हुए हैं। नए मानकों के तहत 5-स्टार एसी लगभग 10 प्रतिशत अधिक ऊर्जा-दक्ष होंगे, कहा जा रहा है कि इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय में बिजली बिल में बचत होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2026 में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है, जिससे एसी की मांग में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। भारत में रूम एसी का बाजार फिलहाल लगभग 1.35 करोड़ यूनिट का माना जाता है। हालांकि बढ़ती महंगाई, घटती आय से पहले से जारी कारोबारी मंदी जारी रहने की संभावना है। वैसे भी अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद तेल, गैस इत्यादि का आवागमन ठप्प है और संघर्ष अभी काफी लंबा जारी रहने की संभावना है। पहले ही तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है, ऐसे में कम लोग ही एसी या ऐसी अन्य लक्जरी चीजें खरीद पाएंगे। एसी की अधिक बिक्री से लोगों की जेब, बिजली, पर्यावरण पर और दबाव बढ़ेगा।

