
अहमदाबाद। गुजरात में नकली नोटों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोट छापने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। सूरत से संचालित इस फर्जी करेंसी नेटवर्क में 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोट बरामद किए गए हैं, जबकि 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच की इस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि फर्जी बैंक नोटों के इस नेटवर्क को एक आध्यात्मिक आश्रम से संचालित किया जा रहा था। नकली नोट तैयार करने का काम सूरत के कामरेज तालुका के धोरण पारडी गांव में स्थित श्री सत्य योग फाउंडेशन के आश्रम में किया जा रहा था। बाहर से धर्म और योग का केंद्र दिखने वाला यह आश्रम अंदर ही अंदर फर्जी करेंसी के कारोबार का अड्डा बना हुआ था।
बताया जाता है कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सूरत से नकली नोटों की बड़ी खेप अहमदाबाद लाई जा रही है। इसके बाद अमराईवाड़ी इलाके में निगरानी रखी गई, जहां संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक महिला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 500 रुपये के 40 हजार से ज्यादा नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये नोट सूरत के वराछा इलाके में छापे गए थे। इन्हें बाजार में खपाने के लिए खास स्कीम बनाई गई थी। 500 असली दो और 1500 नकली लो यानी 66 लाख रुपये के बदले 2 करोड़ रुपये की नकली करेंसी बाजार में उतारने की तैयारी थी। कहा जा रहा है कि आरोपी अपनी पहली ही डील में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
क्राइम ब्रांच ने सूरत में आश्रम और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर प्रिंटिंग मशीन, कंप्यूटर, विशेष कागज, रंग और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आश्रम की गाड़ियों का इस्तेमाल इस नेटवर्क में किया जा रहा था। बरामद नोटों के सीरियल नंबर दर्ज करने में पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
इस अत्यधिक अनैतिक, अवैध फर्जीवाड़े के बावत क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियान ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुकेश थुम्मर, प्रदीप जोटांगिया के साथ-साथ अशोक मावानी, रमेश भालर, दिव्येश राणा, भरत काकड़िया और एक महिला आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी सूरत के रहने वाले हैं। मुख्य साजिशकर्ताओं में सत्य योग फाउंडेशन के प्रदीप जोटांगिया उर्फ घ्घ्प्रदीप गुरुजी शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

