
2 अप्रैल 1805 को ओडेंस, डेनमार्क में हंस क्रिश्चियन एंडरसन का जन्म हुआ। हंस क्रिश्चियन एंडरसन प्रसिद्ध डेनिश लेखक, नाटक, यात्रा-वृत्तांत, उपन्यास और कविता बहुमुखी) लेखक बने। उन्हें सबसे ज्यादा उनकी साहित्यिक परियों की कहानियों के लिए याद किया जाता है। एंडरसन की परियों की कहानियाँ, जिनमें नौ खंडों में 156 कहानियाँ शामिल हैं, 125 से ज्यादा भाषाओं में अनुवादित की जा चुकी हैं। हंस क्रिश्चियन एंडरसन के कुछ प्रेरक उद्धरण
दुनिया के काम आना ही खुश रहने का एकमात्र तरीका है।
जहाँ शब्द साथ छोड़ देते हैं, वहाँ संगीत बोलता है।
जब दिल का पंछी गाना शुरू करता है, तो अक्सर तर्क अपने कान बंद कर लेता है।
सिर्फ जिंदा रहना ही काफी नहीं है, तितली ने कहा, इंसान को धूप, आजादी और एक छोटा सा फूल भी चाहिए।
सफर करना ही असल में जीना है।
जिंदगी का मजा लो। मरने के लिए तो बहुत समय पड़ा है।
जिंदगी एक खूबसूरत धुन की तरह है, बस उसके बोल थोड़े उलझे हुए हैं।
हर इंसान की जिंदगी एक परियों की कहानी है, जिसे भगवान की उंगलियों ने लिखा है।
वह हँसी और नाची, जबकि उसके दिल में मौत का ख्याल बसा हुआ था।
जिंदगी अपने आप में ही सबसे अद्भुत परियों की कहानी है।
पूरी दुनिया चमत्कारों की एक कड़ी है, लेकिन हम उनके इतने आदी हो चुके हैं कि उन्हें आम बातें कहने लगे हैं।
आप जिस भी चीज को देखते हैं, वह एक परियों की कहानी बन सकती हैय और आप जिस भी चीज को छूते हैं, उससे एक कहानी निकल सकती है।
अगर आप मेरी रूह की गहराइयों में झाँकते, तो आप मेरी तड़प की वजह को पूरी तरह समझ जाते, और शायद मुझ पर तरस खाते। यहाँ तक कि एक खुली और साफ-सुथरी झील की भी अपनी कुछ अनजानी गहराइयाँ होती हैं, जिनके बारे में कोई गोताखोर नहीं जानता।
मौत हवा से भी तेज चलती है, और जो कुछ वह एक बार ले जाती है, उसे कभी वापस नहीं लौटाती।
तुम एक सपने देखने वाले इंसान हो, और यही तुम्हारी बदकिस्मती है।
मेरी अपनी जिंदगी ही मेरे तमाम कामों का सबसे बेहतरीन उदाहरण साबित होगी।
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम्हारा जन्म बत्तखों के बाड़े में हुआ है, जब तक कि तुम एक हंस के अंडे से निकले हो!
उसने पहले कभी इतना खूबसूरत डांस नहीं किया था, तेज चाकू उसके पैरों को काट रहे थे, लेकिन उसे इसका जरा भी एहसास नहीं हुआ, क्योंकि उसके दिल का दर्द उन जख्मों से कहीं ज्यादा गहरा था।
मुझे पता है कि तुम क्या चाहती हो। यह तुम्हारी बहुत बड़ी बेवकूफी है, लेकिन तुम्हें तुम्हारी मर्जी के मुताबिक ही मिलेगा, हालाँकि, यह तुम्हें सिर्फ और सिर्फ दुख ही देगा, मेरी प्यारी राजकुमारी। समुद्र की चुड़ैल। लेकिन क्या हम सभी को, जो इस धरती पर रहते हैं, दूसरों को अपना सबसे बेहतरीन देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और जो कुछ भी हमारी शक्ति में है, उसे पेश नहीं करना चाहिए?
वे देख सकते थे कि वह सचमुच एक राजकुमारी थी और इसमें कोई शक नहीं था क्योंकि उसने बीस गद्दों और उसके ऊपर रखे बीस और पंखों वाले बिस्तरों के नीचे रखी एक मटर को भी महसूस कर लिया था। एक राजकुमारी के अलावा कोई और इतना कोमल नहीं हो सकता था। -हंस क्रिश्चियन एंडरसन
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