
18 मई 2023 को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में प्रसिद्ध अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी, नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और अभिनेता जिम ब्राउन (जेम्स नथानिएल ब्राउन, जन्म 17 फरवरी 1936 सेंट सिमंस, जॉर्जिया) ने 1957 से 1965 तक नेशनल फुटबॉल लीग की टीम क्लीवलैंड ब्राउन के लिए फुलबैक के तौर पर खेला। उन्हें अब तक के सबसे महान रनिंग बैक में से एक, और साथ ही नेशनल फुटबॉल लीग के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। ब्राउन को लीग में अपने हर सीजन में प्रो बाउल और ऑल-प्रो टीम के लिए चुना गया, और उन्हें तीन बार सबसे मूल्यवान खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किया गया। ब्राउन ने 1964 में ब्राउन टीम के साथ नेशनल फुटबॉल लीग चैंपियनशिप जीती। उन्होंने अपने नौ सीजन में से आठ में रशिंग यार्ड के मामले में लीग में शीर्ष स्थान हासिल किया, और जब तक उन्होंने संन्यास लिया, तब तक उनके नाम अधिकांश प्रमुख रशिंग रिकॉर्ड दर्ज हो चुके थे। 1999 में द स्पोर्टिंग न्यूज और एसोसिएटेड प्रेस ने उन्हें तब तक का सबसे महान पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी घोषित किया।
1950 के दशक में, जब नागरिक अधिकार आंदोलन जोर पकड़ रहा था, तब नस्लीय मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले गिने-चुने एथलीटों में से एक जिम ब्राउन भी थे। नागरिक अधिकार आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले सबसे प्रमुख अफ्रीकी-अमेरिकी एथलीटों में से एक ब्राउन ने, अन्य अफ्रीकी-अमेरिकी एथलीटों से भी खेल के मैदान के बाहर इस तरह के आंदोलनों में शामिल होने का आह्वान किया।
एक उदारवादी व्यक्ति आपकी टांग काट देगा, ताकि वह आपको बैसाखी थमा सके।
सफलता केवल कुलीन वर्ग के लिए नहीं है। सफलता उन लोगों के लिए है जो इसे चाहते हैं, इसके लिए योजना बनाते हैं, और इसे पाने के लिए कदम उठाते हैं।
मुझे लोगों की सोच या धारणाओं को बदलने की कोशिश करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं जैसा हूँ, वैसा ही हूँय और अगर आप मुझे समझने के लिए समय नहीं निकालते, तो यह आपकी अपनी समस्या होगी।
कमजोरी दिखाने से आपके विरोधी और मजबूत होते हैं। यह उन्हें प्रेरित करता है। यह उन्हें और जोर से वार करने के लिए उकसाता है। और तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन जब आप कोई डर नहीं दिखाते, या जब आप कोई तकलीफ जाहिर नहीं करते, तो आपके पास अपने विरोधी का मनोबल तोड़ने का मौका होता है। आप अपने दुश्मनों को हतोत्साहित कर देते हैं। निचोड़ यह है कि, अगर आप सही ढंग से सोचें, तो आपको इन सब बातों के बारे में सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। आपको बस इतना सोचना है कि मेरे सामने खड़ा व्यक्ति भी एक इंसान है, और मैं भी। और वह कभी भी मुझसे ज्यादा मेहनत नहीं कर पाएगा। वह कभी भी मुझसे बेहतर सोच नहीं पाएगा। और अगर वह मुझसे ज्यादा मेहनत नहीं कर सकता, और मुझसे बेहतर सोच नहीं सकता, तो वह मुझे कभी हरा नहीं पाएगा।
टीम के साथी एक-दूसरे का साथ तब भी देते हैं, जब भीड़ का शोर थम चुका होता है।
यह पक्का करें कि जब भी कोई आपको टैकल करे, तो उसे यह अच्छी तरह याद रहे कि उसमें कितनी तकलीफ होती है।
मैं निराशा में नहीं जीता। मैं एक योद्धा हूँ। और मुझे आज तक जो कुछ भी मिला है, उसके लिए मुझे लड़ना पड़ा है।
मैं बच्चों को नंबर 1 बनना नहीं सिखाता। जो संगठन या लोग आपसे कहते हैं कि आपको नंबर 1 बनना ही है, यह सोच सही नहीं है। आपको नंबर 1 बनने की जरूरत नहीं है। मैं तो बस यह सिखाता हूँ कि आप जितना बेहतर कर सकते हैं, उतना बेहतर करें। आपके पास जो कुछ भी है, उसका इस्तेमाल करें और अपनी पूरी क्षमता से बेहतरीन प्रदर्शन करें। वैसे भी, आप इससे ज्यादा और कुछ कर भी तो नहीं सकते। मैंने अपने स्टैंडर्ड इतने ऊँचे रखे थे कि कोई भी मेरे साथ मुझसे ज्यादा सख्ती से पेश नहीं आ सकता था।
जब आपको कोई समस्या होती है, तो नियम आपकी समस्या का हल नहीं होते। इसका हल है देखभाल और शिक्षा।
आप जानते हैं, अमेरिका एक महान देश है। यह महान इसलिए है क्योंकि यह आपको लड़ने का मौका देता है। और अगर आपमें हिम्मत और लगन है, तो आप जीत सकते हैं।
मैं ऐसा इंसान नहीं हूँ जो सच में रंग-भेद में विश्वास रखता हो। मैं उन असमानताओं को पहचानता हूँ जिनसे कुछ संस्कृतियों को गुजरना पड़ता है। मैं गुलामी के इतिहास और उन सभी बातों को समझता हूँ। लेकिन मैं कोई पीड़ित नहीं हूँ। मैं वोट दे सकता हूँ, मैं हिस्सा ले सकता हूँ। मैं अपना पैसा लगा सकता हूँ। मैं अपना समय लगा सकता हूँ। और मैं यही कर रहा हूँ। मैं किसी के लिए काम नहीं कर रहा हूँ। मैं जो कर रहा हूँ, उससे कोई पैसा नहीं कमा रहा हूँ। मैं यह इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि किसी और ने मेरे लिए ऐसा किया था।
मैं ऐसा इंसान नहीं हूँ जो सच में रंग-भेद में विश्वास रखता हो। मैं उन असमानताओं को पहचानता हूँ जिनसे कुछ संस्कृतियों को गुजरना पड़ता है। मैं गुलामी के इतिहास और उन सभी बातों को समझता हूँ। लेकिन
बहुत से ऐसे रनिंग बैक थे जो मेरी ही तरह अच्छे थे। असली फर्क यह था कि मैं ध्यान केंद्रित कर सकता था। मैंने कभी भी आराम नहीं किया और न ही अपनी कुदरती काबिलियत पर निर्भर रहा।
मैं हफ्ते के छह दिन लैक्रोस खेलना ज्यादा पसंद करूँगा और सातवें दिन फुटबॉल।
पैसे ने आज के अश्वेत खिलाड़ियों को बदल दिया है। जिन अफ्रीकी पुरुषों में अपनी कम्युनिटी में बदलाव लाने की काबिलियत है, जिसकी उस कम्युनिटी को इतनी सख्त जरूरत है, वे सिर्फ अपने करियर, कुछ चैरिटी और इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि वे कितना पैसा कमा सकते हैं।
मैं उन असमानताओं को पहचानता हूँ जिनसे कुछ संस्कृतियों को गुजरना पड़ता है। मैं गुलामी के इतिहास को समझता हूँ। मैं उन सभी बातों को जानता हूँ। लेकिन मैं कोई पीड़ित नहीं हूँ। मैं वोट दे सकता हूँ, मैं हिस्सा ले सकता हूँ, मैं अपना पैसा लगा सकता हूँ, मैं अपना समय लगा सकता हूँ, और मैं यही कर रहा हूँ। मैं किसी के लिए काम नहीं कर रहा हूँ। मैं जो काम कर रहा हूँ, उससे मुझे कोई पैसा नहीं मिल रहा है। मैं यह इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि किसी और ने मेरे लिए ऐसा किया था।
लैक्रोस शायद सबसे अच्छा खेल है जो मैंने कभी खेला है।
ब्लैक अमेरिका की स्थिति के बारे में, मैं कई सालों से काम कर रहा हूँ। और डोनाल्ड ट्रंप, ने अपने शुरुआती दिनों में कुछ बातें कही थीं कि वे इस बारे में कुछ करना चाहते हैं। हमारे आस-पड़ोस में आजकल बहुत ज्यादा हिंसा हो रही है। हमें शिक्षा की जरूरत है। और हमें नौकरियों की जरूरत है। मैं यही कहना चाह रहा हूँ।
जब आपको किसी दोस्त की जरूरत हो, तो आप हमेशा अपने टीम के साथियों पर भरोसा कर सकते हैं।
अगर आप किसी बात पर सच में यकीन करते हैं, और वह बात गलत निकलती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपमें ईमानदारी की कमी है।
जब मैं जवान था, तो मेरी जिंदगी के तीन सबसे महान लोग गोरे थे। मैं ऐसा इंसान नहीं हूँ जो लोगों को उनके रंग के आधार पर देखता हो।
फुटबॉल के बाहर के सामाजिक मुद्दे अब उतने साफ नहीं हैं जितने पहले हुआ करते थे, जब समाज में एकीकरण हुआ था और कुछ अधिकार कानून बनाकर दिए गए थे। नागरिक अधिकार आंदोलन अब खत्म हो चुका है। लोग जहाँ चाहें घर खरीद सकते हैं, जहाँ चाहें फर्स्ट क्लास में सफर कर सकते हैं, और जहाँ चाहें खाना खा सकते हैं।
मैं बहुत ही संवेदनशील इंसान हूँ। मुझे सम्मान मिलना पसंद है। मैं बहुत वफादार हूँ। मुझे यह पसंद है कि यह रिश्ता दोनों तरफ से हो।
अपनी उम्र के हिसाब से बर्ताव करें। छात्र आपको अपना दोस्त, यार या हमउम्र नहीं मानते। वे आपसे उम्मीद करते हैं कि आप एक समझदार और परिपक्व इंसान की तरह पेश आएँगे, कई युवा शिक्षकों में लोकप्रिय होने की चाहत होती है, जिसके लिए वे ऐसे तरीके अपना लेते हैं जिनसे आगे चलकर अनगिनत समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं। -जिम ब्राउन
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