21 जून 1839 को रियो डी जेनेरो, रियो डी जेनेरो राज्य, ब्राजील में मचादो दे असिस (जोआकिम मारिया मचाडो डे असिस) का जन्म हुआ। मचादो दे असिस प्रसिद्ध अग्रणी ब्राजीलियाई उपन्यासकार, कवि, नाटककार, कथाकार और व्यापक रूप से ब्राजीलियाई साहित्य के सबसे महान लेखक के रूप में स्थापित हुए। 1897 में #MachadodeAssis ने ब्राजीलियन एकेडमी ऑफ लेटर्स की स्थापना की और इसके पहले अध्यक्ष बने। वे कई भाषाएँ जानते थे फ्रेंच, अंग्रेजी, जर्मन और ग्रीक भाषाएँ खुद सीखी थीं। मचाडो के लेखन ने ब्राजील में यथार्थवादी आंदोलन को आकार दिया। मचादो दे असिस अपनी हाजिरजवाबी और समाज की आँखें खोलने वाली आलोचनाओं के लिए जाने गए। Machado de Assis की सबसे बेहतरीन रचनाएँ डॉम कास्मुरो (1899), मेमोरियास पोस्टुमास डी ब्रास कुबास (ब्रास कुबास की मरणोपरांत यादें, जिसे एक छोटे विजेता का समाधि-लेख के रूप में भी अनुवादित किया गया है) और क्विंकास बोरबा (अंग्रेजी में फिलॉसॉफर ऑर डॉग?) मानी जाती हैं। 1893 में मचादो दे असिस ने ए मिसा डो गैलो (आधी रात की प्रार्थना) प्रकाशित की, जिसे ब्राजीलियाई साहित्य की सबसे बेहतरीन कहानी माना जाता है।
यहां प्रस्तुत हैं मचादो दे असिस के कुछ विचारोत्तेजक उद्धरण
उन्हें लगा कि अच्छाई और बुराई के बीच एक ढीला-ढाला संतुलन होता है, और जीने की कला यही है कि सबसे बड़ी बुराई से भी सबसे बड़ी अच्छाई हासिल की जाए।
हर इंसान की कीमत उतनी ही होती है जितना प्यार दूसरे लोग उसे देते हैं, और इसी बात से यह आम कहावत बनी है कि खूबसूरती देखने वाले की नजर में होती है।
हम समय को मारते हैं, समय हमें दफना देता है।
अगर आपकी दयालुता को कृतघ्नता से पुरस्कृत किया जाता है, तो बुरा मत मानिए, तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरने की तुलना में अपने सपनों के बादलों से गिरना बेहतर है।
सबसे अच्छी बात यह है कि मैं अपनी कलम पर अपनी पकड़ ढीली कर दूं और इसे तब तक भटकने दूं जब तक कि इसे कोई प्रवेश द्वार न मिल जाए। एक प्रवेश द्वार होना चाहिए, सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है, यह नियम साहित्यिक शैली के साथ-साथ जीवन पर भी लागू होता है। हर शब्द दूसरे को खींचता है, एक विचार दूसरे को, और इसी तरह किताबें, सरकारें और क्रांतियाँ बनती हैं, कुछ लोग तो यहाँ तक कहते हैं कि प्रकृति ने अपनी प्रजातियाँ इसी तरह बनाई हैं।
दुनिया में हमारी उदासीनता से ज्यादा राक्षसी रूप से विशाल कुछ भी नहीं है।
बिना संघर्ष के जीवन सार्वभौमिक जीव में एक मृत सागर है।
कल का सूरज अपने रास्ते पर है, एक अथक सूरज, जीवन की तरह अज्ञेय।
सबसे छोटे विचारों को सबसे लंबे पैर देने से बुरा कुछ नहीं है।
एक पीढ़ी की आहों से अगली पीढ़ी की उम्मीदें बनती हैं।
उसके लिए तारे आसमान से चिपके हुए बहुत सारे संगीत के सुरों की तरह लगते थे, बस किसी के खुलने का इंतजार कर रहे थे। किसी दिन आसमान खाली हो जाएगा, लेकिन तब तक धरती संगीत के सुरों का एक तारामंडल बन चुकी होगी।
पास्कल को यह कहने दें कि मनुष्य एक सोचने वाला ईख है। वह गलत हैय मनुष्य एक सोचने वाला त्रुटिपूर्ण है। जीवन में प्रत्येक अवधि एक नया संस्करण है जो पिछले संस्करण को सही करता है और बदले में अगले द्वारा सही किया जाएगा, जब तक कि निश्चित संस्करण का प्रकाशन नहीं हो जाता, जिसे प्रकाशक कीड़ों को दान कर देता है।
यह अवसर ही है जो क्रांति लाता है।
महिलाओं में सेक्स सामान्यता को सही करता है, पुरुषों में यह इसे बढ़ाता है। -मचादो दे असिस
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