
26 जुलाई 2025 को कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स में जाने माने अमेरिकी संगीतकार, गीतकार और कॉमेडियन टॉम लेहरर (थॉमस एंड्रयू लेहरर, जन्म 9 अप्रैल 1928, न्यू यॉर्क) का निधन हुआ। टॉम लेहरर ने छोटे, मजेदार और अक्सर राजनीतिक विषयों वाले गाने रिकॉर्ड किए यह गाने 1950 और 1960 के दशक में बहुत लोकप्रिय हुए। उनके गाने प्रायः मशहूर संगीत शैलियों की पैरोडी (मजाकिया नकल) होते थे, जिनमें अक्सर ओरिजिनल धुनें इस्तेमाल की जाती थीं। लेहरर की शुरुआती परफॉर्मेंस में ऐसे गाने शामिल थे जो समसामयिक विषयों पर नहीं थे और जिनमें डार्क ह्यूमर (गंभीर विषयों पर मजाक) होता था, जैसे पॉइजनिंग पिजन्स इन द पार्क। 1960 के दशक में टॉम लेहरर ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर गाने बनाए, टेलीविजन शो दैट वॉज द वीक दैट वॉज के अमेरिकी वर्शन के लिए विशेष रूप से लिखा। लेहरर ने एक दोस्त की बात का जिक्र किया था, हमेशा सबसे बुरे की उम्मीद करो और तुम्हें पैगंबर माना जाएगा। 1970 के दशक की शुरुआत में #TomLehrer ने पब्लिक परफॉर्मेंस से काफी हद तक संन्यास ले लिया। वे कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सांता क्रूज में गणित और म्यूजिकल थिएटर के इतिहास को पढ़ाने में अपना समय देना चाहते थे।
फरवरी 2008 में एक फोन कॉल के दौरान अखबार द वाशिंगटन पोस्ट के जीन वेनगार्टन ने टॉम लेहरर का ऑफ द रिकॉर्ड इंटरव्यू लिया, वेनगार्टन ने पूछा कि क्या वह रिकॉर्ड के लिए कुछ छाप सकते हैं, तो लेहरर ने जवाब दिया, बस लोगों को बता दो कि मैं ओबामा को वोट दे रहा हूँ।
टॉम लेहरर कई सालों तक हार्वर्ड के डॉक्टरेट प्रोग्राम में रहे, साथ ही अपने म्यूजिक करियर के लिए भी समय निकालते रहे। उन्होंने एक बार कहा था, मैंने कई, कई साल सभी जरूरी शर्तें पूरी करने में बिताए, जितने साल हो सकते थे और मैंने थीसिस पर काम शुरू किया। लेकिन मैं बस एक ग्रैड स्टूडेंट बनना चाहता था, यह एक शानदार जिंदगी होती है। मैं यही बनना चाहता था और बदकिस्मती से आप एक ही समय में पीएचडी स्टूडेंट और ग्रैड स्टूडेंट दोनों नहीं हो सकते। टॉम लेहरर ने कई कॉन्सर्ट टूर किए और 1959 में अपना दूसरा एल्बम रिकॉर्ड किया। उन्होंने दूसरा एल्बम दो वर्शन में रिलीज किया, गाने वही थे, लेकिन मोर ऑफ टॉम लेहरर एक स्टूडियो रिकॉर्डिंग थी और एन इवनिंग वेस्टेड विद टॉम लेहरर कॉन्सर्ट में लाइव रिकॉर्ड की गई थी। 2013 में लेहरर ने पॉइजनिंग पिजन्स इन द पार्क गाने के स्टूडियो सेशन को याद किया, जो बोस्टन में स्ट्राइकनीन-युक्त मकई से कबूतरों को नियंत्रित करने के तरीके के बारे में था। कॉपी करने वाला व्यक्ति आखिरी मिनट में म्यूजिक के हिस्से लेकर आया और उन्हें बैंड को बाँट दिया, उस पर कोई टाइटल नहीं था और कोई बोल (लिरिक्स) भी नहीं थे। फिर उन्होंने उसे बजाकर देखा, कितना प्यारा सा छोटा सा वॉल्ट्ज है… और इंजीनियर ने कहा, पॉइजनिंग पिजन्स इन द पार्क, टेक वन .. और पियानो बजाने वाले ने कहा, क्या ? और सचमुच स्टूल से नीचे गिर पड़ा।
कॉमेडी बहुत जरूरी है। एक तो यह आपको मानसिक रूप से ठीक रखती है। लेकिन यह असल में किसी की सोच बदलने जैसा नहीं है। मेरा मतलब है, यह थोड़ी-बहुत सोच बदल सकती है, क्योंकि अगर लोग कोई शो देखते हैं या नाइटक्लब जाते हैं या टीवी देखते हैं, और सुनते हैं कि बहुत से लोग किसी ऐसी चीज पर हँस रहे हैं जिसे आप मजेदार नहीं मानते थे तो कम से कम यह आपको दोबारा सोचने पर मजबूर करेगा।
मेरे लिए मजेदार होना अपनी बात रखने से ज्यादा जरूरी है, लेकिन मुझे नहीं पता। ज्यादातर राजनेता अपनी बात रखने में इतने दिलचस्पी रखते हैं कि वे.. मैं खुद मजेदार बने रहना पसंद करूँगा और मैं किसी ऐसे व्यक्ति को सुनना पसंद करूँगा जिसमें थोड़ी सेंस ऑफ ह्यूमर हो।
अगर आप मुझसे कोई रॉक गाना या रैप गाना लिखने के लिए कहते, तो मैं नहीं कर पाता क्योंकि वे मेरी उंगलियों में नहीं बसे हैं।
मैं कोई ओरिजिनल कंपोजर नहीं हूँ। धुनें जरूरी नहीं कि दूसरी धुनों से चुराई गई हों सिवाय कुछ मामलों के लेकिन वे उन गानों की शैली में होती हैं जिन्हें सुनकर मैं बड़ा हुआ हूँ।
खैर, मैं असल में धार्मिक मान्यताओं पर हमला नहीं कर रहा था द वेटिकन रैग गाने में,, मैं कैथोलिक चर्च के रीति-रिवाजों की औपचारिकता पर हमला कर रहा था, हालाँकि, लोगों ने इसे गलत समझा।
जो लोग मेरी परफॉर्मेंस सुनने या मेरे रिकॉर्ड खरीदने आते थे, वे ऐसे नहीं थे जो द वेटिकन रैग गाने से, नाराज होते। लेकिन मुझे लगता है कि कुछ और लोग भी थे जो नाराज हुए।
मुझे अपनी साक्षरता पर बहुत गर्व है, जो भी हो, मैं दिखावटी हूँ, पूरी तरह से दिखावटी। उदाहरण के लिए, मुझे हम्म कहना पसंद है।
और हालाँकि मैं अभिव्यक्ति की आजमदी के पक्ष में हूँ और सेंसरशिप के खिलाफ हूँ, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिनके लिए मैं जेल नहीं जाना चाहता।
अगर मैं किसी डिपार्टमेंट स्टोर में किसी फिल्म स्टार को कुछ खरीदते हुए देखता हूँ, तो मैं चुपके से उनके पास जाकर देखता हूँ कि वे क्या कह रहे हैं, वे कैसे दिखते हैं, उनकी आवाज कैसी है। यह प्राइवेसी में दखल है।
मैंने देखा है कि लोग सड़क पर मेरे पास से गुजर सकते हैं, जिन्होंने अभी-अभी अखबार में मेरी तस्वीर देखी हो, और वे मुझे पहचानेंगे नहीं। अगर लोगों ने मुझे टीवी पर देखा होता, तो वे मुड़कर जरूर देखते। वे कहते, जरा रुको। मुझे नहीं पता कि यह कौन है, लेकिन यह कोई खास आदमी है।
मुझमें परफॉर्मर वाला स्वभाव नहीं है, और मैं निश्चित रूप से हर रात ऐसा नहीं कर सकता था।
लोग किसी मशहूर व्यक्ति को असल जिंदगी में देखने के लिए कहीं भी जा सकते हैं, चाहे वे कुछ भी करते हों।
एक बार जब आप कोई मजाक सुन लेते हैं, तो वह उतना मजेदार नहीं लगता, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कैसे सुनाया गया है। और मुझे लगता है कि संगीत के साथ भी ऐसा ही है, मेरे कुछ गाने लंबे समय तक इसलिए चले क्योंकि उनमें बहुत कुछ है। आप उन्हें एक से ज्यादा बार सुनना चाहते हैं।
मेरा अंदाजा है कि मैंने 20 सालों में 37 गाने लिखे और यह कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं थी। ऐसा नहीं था कि मैं बस लिखता ही गया और फिर छोड़ दिया।
मैं नाइटक्लब और कॉन्सर्ट में परफॉर्म करता था , खासकर कॉन्सर्ट में, जो मैंने ज्यादातर किए, और वहाँ वही लोग आते थे जो पहले से ही मेरी बातों से सहमत थे। ऐसा नहीं था कि लोग अचानक टीवी चालू करें और उन्हें कुछ आपत्तिजनक सुनने को मिल जाए।
मैंने सुना है कि मेरे मरने की बात कही गई थी। आप जो पढ़ते हैं, उस पर भरोसा नहीं कर सकते। वह बस किसी की कही हुई एक मामूली बात थी जिसे किसी ने उठा लिया, और अब उसे बार-बार दोहराया जा रहा है, और इसलिए गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
मुझे लगता है कि राजनीति में सब कुछ इतना अजीब है कि उस पर मजाक करना बहुत मुश्किल है।
अक्टूबर 2020 में लेहरर ने अपने लिखे सभी गानों का संगीत और बोल पब्लिक डोमेन में डाल दिए। संक्षेप में अब मेरे गानों पर मेरा कोई अधिकार नहीं है। तो आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं और मुझे कोई पैसे भेजने की जरूरत नहीं है। -टॉम लेहरर
Everything in politics is so strange that it is very difficult to make fun of it—Witty quote by American musician, songwriter, and comedian Tom Lehrer
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