
30 जुलाई 1818 को थॉर्नटन, यूनाइटेड किंगडम में एमिली जेन ब्रोंटे का जन्म हुआ। एमिली ब्रोंटे प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका, कवियत्री बनीं। 1847 में अपने उपन्यास वुदरिंग हाइट्स चर्चा में आईं। एमिली ब्रोंटे अपनी बहनों शार्लोट और ऐनी के साथ मिलकर एक कविता पुस्तक लिखी जिसका पोएम्स बाय क्यूरर, एलिस एंड एक्टन बेल। एमिली ब्रोंटे परिवार के छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर की थीं, उनमें से चार ही वयस्क होने तक जीवित रहे। जब एमिली तीन साल की थीं तब उनकी माँ मारिया ब्रैनवेल का निधन हो गया। बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उनकी मौसी, एलिजाबेथ ब्रैनवेल ने संभाली। स्कूल में बिताए कुछ छोटे समय को छोड़कर, एमिली ब्रोंटे को ज्यादातर उनके पिता पैट्रिक ब्रोंटे ने घर पर ही पढ़ाया, वे हॉवर्थ में पादरी थे। एमिली ब्रोंटे अपने भाई-बहनों, खासकर अपनी छोटी बहन ऐनी के बहुत करीब थीं और उन्होंने मिलकर ग्लास टाउन, एंग्रिया और गोंडल जैसी काल्पनिक दुनियाओं पर आधारित किताबें और पत्रिकाएँ लिखीं। #EmilyBronte की बहन शार्लेट ने उन्हें एकांतप्रिय, दृढ़ इच्छाशक्ति वाली और लीक से हटकर चलने वाली बताया जिन्हें प्रकृति और जानवरों से गहरा लगाव था। उनकी रचनाएं शुरू में एलिस बेल उपनाम से प्रकाशित हुईं। उस समय एमिली ब्रोंटे की रचनाओं को बहुत ज्यादा पसंद नहीं किया गया था, कई आलोचकों का मानना था कि वदरिंग हाइट्स के पात्र असभ्य और अनैतिक थे। इसके बावजूद इस उपन्यास को अंग्रेजी साहित्य की एक क्लासिक रचना माना जाता है। उपन्यास के प्रकाशन के एक साल बाद 1848 में 19 दिसंबर को 30 साल की उम्र में एमिली ब्रोंटे का निधन हो गया।
एमिली ब्रोंटे के कुछ विचारोत्तेजक उद्धरण यहां प्रस्तुत हैं।
धोखाधड़ी और हिंसा दोनों तरफ नोक वाले भाले की तरह होते हैं, ये दुश्मनों से ज्यादा उन लोगों को चोट पहुँचाते हैं जो इनका सहारा लेते हैं।
मैंने अपने जीवन में सपने देखे हैं, ऐसे सपने जो हमेशा मेरे साथ रहे हैं, और मेरे विचारों को बदल दिया है, वे मेरे भीतर से होकर गुजरे हैं, जैसे पानी में शराब, और मेरे मन का रंग बदल दिया है।
मैं वहीं चलूँगी जहाँ मेरा स्वभाव मुझे ले जाएगा।
विचार अत्याचारी होते हैं जो हमें पीड़ा देने के लिए बार-बार लौटते हैं।
यह अजीब है कि लोग दुनिया में अकेले होने पर भी इतने लालची क्यों होते हैं।
अगर मैं कर सकती, तो हमेशा मौन और गुमनामी में काम करती, और अपने प्रयासों को उनके परिणामों से पहचानती।
पतझड़ के पेड़ से झिलमिलाता हर पत्ता मुझे आनंद की बातें सुनाता है।
वह इस दुनिया के लिए बहुत तेज जलती थी।
ईमानदार लोग अपने कर्म नहीं छिपाते।
कितना क्रूर, तुम्हारी रगों में बर्फ का पानी भरा है और मेरी रगों में उबल रहा है।
काश मैं फिर से लड़की होती, आधी जंगली, साहसी और आजाद।
जो व्यक्ति दस बजे तक अपने दिन का आधा काम पूरा नहीं करता, उसके बाकी आधे काम अधूरे रह जाने की संभावना रहती है।
विश्वासघात और हिंसा दोनों सिरों से नुकीले भाले हैं ये उन लोगों को उनके दुश्मनों से भी ज्यादा जख्म देते हैं जो इनका सहारा लेते हैं।
एक समझदार आदमी को अपने अंदर पर्याप्त संगति ढूँढ़नी चाहिए।
वे सब कुछ भूल गए जैसे ही वे फिर से साथ आए।
प्यार जंगली गुलाब की झाड़ी जैसा है, दोस्ती होली के पेड़ जैसी। जब गुलाब की झाड़ी खिलती है तो होली का रंग गहरा होता है, लेकिन कौन सा सबसे ज्यादा लगातार खिलेगा?
मैं सच कह सकती हूँ कि मुझे बिल्लियाँ पसंद हैं, बिल्ली एक ऐसा जानवर है जिसमें लगभग किसी भी अन्य जानवर से ज्यादा मानवीय भावनाएँ होती हैं।
और मैं उस उदास उदासी के बीच से निकलकर, बादलों से रहित, उजले दिन में पहुँच गई।
अगर बादल मैंने ही पैदा किया था, तो उसे हटाने की कोशिश करना मेरा फर्ज था।
अगर तुमने कभी मुझे उस नजर से देखा होता जो मैं जानती हूँ कि तुममें है, तो मैं तुम्हारी गुलाम हो जाती।
यह काँटा हनीसकल के सामने नहीं झुका था, बल्कि हनीसकल काँटे को गले लगा रहा था। -एमिली ब्रोंटे
I wish I were a girl again, half-wild, adventurous, and free”—a thought-provoking quote by the English writer and poet Emily Brontë
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