
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य नियामक एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तीन खाद्य व्यवसाय संचालकों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 13 अगस्त को निलंबित कर दिए हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि इन कंपनियों के खिलाफ भ्रामक दावे करने, अत्यंत खराब स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आए हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को जोखिम हो सकता था। एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि मेघालय की ए.बी. एंटरप्राइज तथा ओडिशा की जाइका ऑर्गेनिक्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड और नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज के लाइसेंस निरीक्षण और नियामकीय कार्रवाई के बाद निलंबित कर दिए गए हैं।
ए.बी. एंटरप्राइज के मामले में एफएसएसएआई ने पाया कि कंपनी अपने उत्पादों के लेबल और प्रचार सामग्री में स्वास्थ्य लाभ से जुड़े दावे कर रही थी, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 का उल्लंघन है। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी अपने एफएसएसएआई लाइसेंस में आवश्यक विनिर्माण स्वीकृति के बिना खाद्य उत्पादों का कारोबार कर रही थी। नियामक के अनुसार, कंपनी को सुधार नोटिस जारी किया गया था और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया था, ताकि वह अपना पक्ष रख सके। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। एफएसएसएआई ने कहा कि ऐसे दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और उनके खरीद व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, कंपनी को अगले आदेश तक सभी खाद्य कारोबार गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया गया है। जाइका ऑर्गेनिक्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र में निरीक्षण के दौरान व्यापक स्तर पर स्वच्छता और सैनिटेशन संबंधी कमियां पाई गईं।
खाद्य नियामक एफएसएसएआई के अनुसार खाद्य उत्पादों का निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। इसके अलावा, खराब हाउसकीपिंग, कीट नियंत्रण से जुड़ी समस्याएं, जंग लगे उपकरण, कच्चे माल और तैयार उत्पादों का अनुचित भंडारण तथा उत्पादन प्रक्रियाओं में आवश्यक नियंत्रण का अभाव पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ उत्पादों और सामग्री पर निर्माण तिथि, बैच नंबर और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित नहीं थीं। अनुपालन मूल्यांकन में कंपनी को 90 में से केवल 10 अंक यानी 12 प्रतिशत प्राप्त हुए, जो श्नॉन-कम्प्लायंसश् श्रेणी में आता है।
एफएसएसएआई ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों में भौतिक, रासायनिक और जैविक जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसी तरह, नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की गई। निरीक्षण में कंपनी के उत्पादन परिसर में अत्यंत खराब स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली में गंभीर कमियां पाई गईं। जांच के दौरान प्रसंस्करण और भंडारण क्षेत्रों में मक्खियां, मकड़ी के जाले, कीटों के प्रवेश मार्ग, जल स्रोतों के आसपास शैवाल की मौजूदगी, जंग लगे उपकरण और खाद्य सामग्री के पास कचरे का जमाव पाया गया। इसके अलावा, तैयार उत्पादों के भंडारण की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं थी और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया में भी कई खामियां मिलीं। एफएसएसएआई ने पाया कि खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड और नियंत्रण नमूनों से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।
एफएसएसएआई के अनुसार, नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज को अनुपालन मूल्यांकन में 80 में से केवल 20 अंक यानी 25 प्रतिशत स्कोर मिला, जो इसे भी नॉन-कम्प्लायंस श्रेणी में रखता है। एफएसएसएआई ने कहा कि अनिवार्य स्वच्छता और सैनिटेशन मानकों के गंभीर उल्लंघन तथा उससे उत्पन्न खाद्य सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए कंपनी का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। नियामक ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
FSSAI has cancelled the licenses of A.B. Enterprise, Jaika Organics, and Narayani Foods and Beverages after finding their food and beverage products to be substandard and harmful

