9 सितंबर 1828 को यास्नाया पोलीआना, रूस, में लियो टॉल्स्टॉय (लेव निकोलायेविच टॉल्स्टॉय) का जन्म हुआ। विश्व विख्यात रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय को उन्हें सर्वकालिक महानतम और सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक कहा गया। लियो टॉल्स्टॉय बड़े जमींदार, बड़े भू-भाग के काउंट (नवाब) थे। टॉल्स्टॉय ने अपनी जवानी के दिनों में ही अपनी आत्मकथा जैसी तीन किताबों की सीरीज – चाइल्डहुड, बॉयहुड और यूथ और क्रीमिया युद्ध के अपने अनुभवों पर आधारित सेवास्तोपोल स्केचेस से काफी नाम कमाया। वॉर एंड पीस, अन्ना कारेनिना रिजरेक्शन लियो टॉल्स्टॉय की जवानी की गलतियों पर आधारित है, यथार्थवादी कथा-साहित्य के बेहतरीन उदाहरणों और अब तक लिखे गए तीन सबसे महान उपन्यासों में गिना जाता है। #LeoTolstoy की रचनाओं में अल्योशा द पॉट आफ्टर द बॉल जैसी छोटी कहानियाँ और फैमिली हैप्पीनेस द डेथ ऑफ इवान इलिच, द क्र्यूजर सोनाटा, द डेविल और हाजी मुरात जैसे छोटे उपन्यास (नोवेला) शामिल हैं। उन्होंने दार्शनिक, नैतिक और धार्मिक विषयों पर नाटक और निबंध भी लिखे।
लियो टॉल्स्टॉय 1870 के दशक में गहरे नैतिक संकट से गुजरे, जिसके बाद उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक जागृति का अनुभव हुआ, जिसका जिक्र उनकी गैर-काल्पनिक रचना कन्फेशन में मिलता है। ईसा मसीह की नैतिक शिक्षाओं खासकर सरमन ऑन द माउंट (पहाड़ पर दिए गए उपदेश) की उनके द्वारा की गई सीधी व्याख्या ने उन्हें एक पक्के ईसाई अराजकतावादी और शांतिवादी में बदल दिया। अहिंसक प्रतिरोध पर उनके विचारों का जो द किंगडम ऑफ गॉड इज विदिन यू जैसी रचनाओं में व्यक्त किए गए थे, महात्मा गांधी, लुडविग विट्गेन्स्टाइन, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, और जेम्स बेवेल जैसी 20वीं सदी की महानतम हस्तियों पर लियो टॉल्स्टॉय का गहरा असर पड़ा। वे हेनरी जॉर्ज की आर्थिक विचारधारा जॉर्जिज्म के भी पक्के समर्थक बन गए और इसे अपनी लेखन शैली में, खासकर रिजरेक्शन में शामिल किया।
लियो टॉल्स्टॉय को उनके जीवनकाल में और उसके बाद भी अनगिनत लेखकों और आलोचकों से तारीफ मिली। वर्जीनिया वूल्फ ने टॉल्स्टॉय को सभी उपन्यासकारों में सबसे महान कहा, और गैरी सॉल मॉर्सन ने वॉर एंड पीस को सभी उपन्यासों में सबसे महान बताया। लियो टॉल्स्टॉय को 1902 से 1906 तक हर साल साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए और 1901, 1902 व 1909 में शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया लेकिन टॉल्स्टॉय को कभी नोबेल पुरस्कार न मिलना, नोबेल पुरस्कार से जुड़ा एक बड़ा विवाद बना हुआ है।
यहां पेश हैं लियो टॉल्स्टॉय के प्रेरक, विचारणीय, अनुकरणीय उद्धरण
हर कोई दुनिया बदलने के बारे में सोचता है, लेकिन कोई भी खुद को बदलने के बारे में नहीं सोचता।
सभी खुशहाल परिवार एक जैसे होते हैं, हर दुखी परिवार अपने तरीके से दुखी होता है।
अगर आप पूर्णता की तलाश में हैं, तो आप कभी संतुष्ट नहीं होंगे।
वह नीचे उतर गया, कोशिश कर रहा था कि उसे ज्यादा देर तक न देखे, मानो वह सूरज हो, फिर भी उसने उसे सूरज की तरह, बिना देखे ही देख लिया।
सम्मान का आविष्कार उस खाली जगह को ढकने के लिए किया गया था जहाँ प्यार होना चाहिए।
हम केवल यही जान सकते हैं कि हम कुछ नहीं जानते। और यही मानवीय ज्ञान की सर्वोच्च डिग्री है।
केवल वे लोग जो दृढ़ता से प्रेम करने में सक्षम हैं, वे भी भारी दुःख सह सकते हैं, लेकिन प्रेम की यही आवश्यकता उनके दुःख का प्रतिकार करती है और उन्हें स्वस्थ करती है।
अगर मुझसे पूछा जाए कि मैं सबसे महत्वपूर्ण सलाह क्या दे सकता हूँ, जो मुझे हमारी सदी के पुरुषों के लिए सबसे उपयोगी लगती है, तो मैं बस यही कहूँगा, ईश्वर के नाम पर, एक क्षण रुकें, अपना काम बंद करें, अपने चारों ओर देखें।
अगर आप खुश रहना चाहते हैं, तो खुश रहें।
एक युवा पुरुष के लिए बुद्धिमान महिलाओं की संगति से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है।
गाँव में एक शांत, एकांत जीवन, जहाँ उन लोगों के लिए उपयोगी होने की संभावना हो जिनका भला करना आसान है, और जो खुद ऐसा करवाने के आदी नहीं हैं, फिर वह काम जिससे किसी काम के होने की उम्मीद होय फिर आराम, प्रकृति, किताबें, संगीत, अपने पड़ोसी के लिए प्रेम यही मेरी खुशी की अवधारणा है।
अपनी आत्मा में खोजबीन करते हुए, हम अक्सर कुछ ऐसा खोज निकालते हैं जो वहाँ अनदेखा पड़ा होना चाहिए था।
जब आप किसी से प्यार करते हैं, तो आप उस व्यक्ति से वैसे ही प्यार करते हैं जैसे वह है, न कि वैसे जैसे आप उसे देखना चाहते हैं।
ईश्वर के नाम पर, एक पल रुकें, अपना काम बंद करें, अपने चारों ओर देखें।
मैंने हमेशा तुमसे प्यार किया है, और जब तुम किसी से प्यार करते हो, तो तुम उस पूरे व्यक्ति से प्यार करते हो, जैसे वह है, न कि वैसे जैसे तुम उसे देखना चाहते हो।
स्वतंत्र विचारक वे होते हैं जो बिना किसी पूर्वाग्रह के और अपने रीति-रिवाजों, विशेषाधिकारों या विश्वासों के विपरीत चीजों को समझने से डरे बिना अपने दिमाग का इस्तेमाल करने को तैयार रहते हैं। यह मानसिक स्थिति आम नहीं है, लेकिन सही सोच के लिए यह जरूरी है।
गलत, गलत होना बंद नहीं हो जाता क्योंकि इसमें बहुसंख्यक हिस्सा लेते हैं।
दो सबसे शक्तिशाली योद्धा हैं धैर्य और समय।
प्रेम। मुझे यह शब्द इसलिए पसंद नहीं क्योंकि यह मेरे लिए बहुत ज्यादा मायने रखता है, जितना आप समझ सकते हैं उससे कहीं ज्यादा।
सभी योद्धाओं में सबसे शक्तिशाली ये दो हैं समय और धैर्य।
जीवन की सारी विविधता, सारा आकर्षण, सारी सुंदरता प्रकाश और छाया से बनी है।
अगर हर कोई अपने विश्वासों के लिए लड़े तो युद्ध ही न हो।
मनुष्य भोजन के लिए जानवरों को मारे बिना भी जीवित और स्वस्थ रह सकता है, इसलिए, यदि वह मांस खाता है, तो वह केवल अपनी भूख मिटाने के लिए पशु जीवन का हनन कर रहा है। और ऐसा करना अनैतिक है।
जहाँ सरलता, अच्छाई और सच्चाई नहीं है, वहाँ महानता नहीं है। -लियो टॉल्स्टॉय
Inspiring, thought-provoking, and exemplary quotes from Leo Tolstoy, the influential Russian writer and one of the greatest of all time
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