
2 अक्टूबर 2022 को नोवाटो, कैलिफोर्निया (अमेरिका) में नेटिव अमेरिकन नागरिक अधिकारों की कार्यकर्ता और अभिनेत्री साचीन लिटिलफेदर (मारिया लुईस क्रूज, जन्म 14 नवंबर 1946 सालिनास, कैलिफोर्निया) का निधन हुआ। उनकी मौत के बाद परिवार के सदस्यों और पत्रकारों ने साचीन लिटिलफेदर पर नेटिव अमेरिकन मूल का होने का झूठा दावा करने का आरोप लगाया। लिटिलफेदर ने 1973 में 45वें अकादमी अवार्ड्स (ऑस्कर) में मार्लन ब्रैंडो का प्रतिनिधित्व किया था। वहाँ उन्होंने ब्रैंडो की ओर से द गॉडफादर फिल्म में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए मिले बेस्ट एक्टर अवार्ड को लेने से इनकार कर दिया। अवार्ड जीतने के प्रबल दावेदार ब्रैंडो ने हॉलीवुड में नेटिव अमेरिकन्स को दिखाए जाने के तरीके के विरोध में और वउंडेड नी में चल रहे गतिरोध की ओर ध्यान खींचने के लिए समारोह का बहिष्कार किया था। अपनी स्पीच के दौरान ब्रैंडो के बहिष्कार पर दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली थी, कुछ लोग हूटिंग कर रहे थे तो कुछ तालियाँ बजा रहे थे।
अकादमी अवार्ड्स की स्पीच के बाद, #SacheenLittlefeather ने हॉस्पिस केयर (गंभीर रूप से बीमार लोगों की देखभाल) में काम किया। उन्होंने नेटिव अमेरिकन्स से जुड़े मुद्दों, खासकर हेल्थकेयर और बेरोजगारी के लिए अपना एक्टिविज्म जारी रखा। साचीन लिटिलफेदर ने नेटिव अमेरिकन्स के बारे में फिल्में भी बनाईं। जून 2022 में अकादमी ने लिटिलफेदर को माफीनामा भेजा, जिसे उनकी मौत से दो हफ्ते पहले 17 सितंबर को एन इवनिंग विद साचीन लिटिलफेदर कार्यक्रम में पूरा पढ़कर सुनाया गया। लिटिलफेदर का कहना था कि उनके पिता अपाचे और याकी मूल के थे और उनकी माँ यूरोपीय मूल की थीं। बहरहाल, जो भी हो, साचीन लिटिलफेदर ने अमेरिकन मूल निवासियों के हक में आवाज उठाई, यह महत्वपूर्ण बात है। एक देश के वंचित, शोषित वर्ग के हित में होने वाला संघर्ष, उन्हें मिलने वाला समर्थन दूसरे देशों के वंचितों के लिए सहारा बनता है।
यहां पेश हैं साचीन लिटिलफेदर के कुछ प्रेरक, विचारोत्तेजक उद्धरण
मूल निवासियों के संघर्षों और जीतों को स्वीकार करना और उनकी कहानियों व इतिहास को मिटाए जाने के विरुद्ध लड़ना जरूरी है।
हमें याद रखना चाहिए कि आज हमारे काम ही उस दुनिया को आकार देंगे जो कल हमारे बच्चों को विरासत में मिलेगी।
कहानी कहने की ताकत दिलों, दिमागों और पूरे समाज को बदल सकती है।
असली ताकत अपनी कमजोरियों को स्वीकार करने और अपनी गलतियों से सीखने में है। कोई भी आवाज इतनी छोटी नहीं होती कि उससे कोई फर्क न पड़े। अपनी बात कहें, खुलकर बोलें और अपनी आवाज लोगों तक पहुँचाएँ।
कहीं भी और कभी भी अपने मन को मजबूत बनाएँ।
प्रकृति से हमारा जुड़ाव हमारे अपने अंदर की दुनिया की झलक है। आइए, हम दोनों के लिए प्यार और सम्मान की भावना को बढ़ाएँ।
याद रखें कि अपनी देखभाल करना स्वार्थ नहीं है। यह हमारी भलाई और हमारे समुदाय की सेहत के लिए जरूरी है।
समझदारी हमारे पूर्वजों की बातों को सुनने और सभी जीवों के आपसी जुड़ाव को समझने से आती है।
ठीक होने का रास्ता मूल निवासियों के साथ अतीत में हुए अन्याय को मानने और उसे सुधारने से शुरू होता है।
हमें डर और बँटवारे की दीवारें खड़ी करने के बजाय समझदारी और दया का पुल बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
शिक्षा सशक्तिकरण और असमानता के चक्र को तोड़ने का एक शक्तिशाली जरिया है।
मुश्किल समय में, हिम्मत और लचीलापन ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है।
हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन और संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि हम सभी जीवन के चक्र में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
बराबरी कोई विशेषाधिकार नहीं है, यह एक बुनियादी मानवाधिकार है।
उम्मीद ही वह चिंगारी है जो बदलाव लाती है। आइए, इसे बनाए रखें और जिंदा रखें।
शक्तिशाली विचार बस आपकी जेब में हैं।
किसी समाज की असली पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे कमजोर सदस्यों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
हमारी विविधता ही हमारी ताकत है। आइए, अपने अंतर का जश्न मनाएँ और उसे अपनाएँ।
कला में लोगों को प्रेरित करने, ठीक करने और एक साथ लाने की ताकत होती है। हमें कभी भी इसकी क्षमता को कम नहीं समझना चाहिए।
आजादी को सिर्फ राजनीतिक या कानूनी शब्दों में परिभाषित नहीं किया जा सकता, इसमें आर्थिक और सामाजिक न्याय भी शामिल होना चाहिए।
हम जो विरासत पीछे छोड़ते हैं, वह हमारे जीने के सालों से नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी पर हमारे असर से तय होती है।
अपने दिल की आवाज सुनें, क्योंकि उसमें पीढ़ियों की समझदारी छिपी होती है।
डर को अपने कामों पर हावी न होने दें। विरोध के बावजूद, जिस बात पर आप यकीन करते हैं, उसके लिए खड़े हों।
असली नेतृत्व का मतलब ताकत या नियंत्रण नहीं है, इसका मतलब है दूसरों की सेवा करना और सकारात्मक बदलाव लाना।
प्यार वह सार्वभौमिक भाषा है जो सीमाओं से परे है और बाधाओं को तोड़ती है।
न्याय की खोज में, आइए हम माफी और ठीक होने की अहमियत को न भूलें। हमारी ताकत हमारी अलग पहचान में नहीं, बल्कि बदलाव के लिए एक साथ मिलकर काम करने की क्षमता में है।
दया का हर काम, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, उसमें सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा करने की ताकत होती है।
धरती माँ का सम्मान करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।
जीवन के हर रूप की पवित्रता का सम्मान करें और उसकी रक्षा करें।
एक सार्थक जीवन वही है जो प्यार, करुणा और न्याय की विरासत छोड़ता है। – साचीन लिटिलफेदर
Powerful ideas right in your pocket – inspiring, thought-provoking quotes from Sacheen Littlefeather, Native American rights activist and actress
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