बिजनेस टाइकून और महिंद्रा समूह के चेयरमैन Anand Mahindra ने सोशल मीडिया पर कहा कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विकास रोजगार के लिए चुनौती बन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आईटी सेक्टर के कर्मचारियों पर इसके प्रभाव की चिंता जताई।

आनंद महिंद्रा के प्रमुख बिंदु

  • AI से रोजगार पर असर: कई पारंपरिक आईटी नौकरियां ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम के कारण खतरे में हैं।
  • तकनीकी विकास जरूरी: उन्होंने कहा कि AI और ऑटोमेशन का विकास सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद होना चाहिए।
  • नीतिगत सुझाव: सरकार और उद्योग दोनों को AI के प्रभाव को संतुलित करने के लिए नीतियां बनानी चाहिए, ताकि नौकरी खोने वाले लोगों के लिए विकल्प उपलब्ध हों।
  • सामाजिक‑आर्थिक जिम्मेदारी: तकनीकी विकास के साथ कौशल प्रशिक्षण, पुनर्प्रशिक्षण और शिक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि महिंद्रा की चिंता वाजिब है, क्योंकि AI सिर्फ तकनीकी परिवर्तन नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित करता है। युवा और अनुभवी आईटी पेशेवरों के लिए अब नई कौशल विकास योजनाओं की जरूरत बढ़ गई है।

आगे की संभावना

  • कंपनियां AI और ऑटोमेशन के साथ कर्मचारियों के कौशल को अपग्रेड करने के प्रोग्राम शुरू कर सकती हैं।
  • उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी के जरिए AI‑सक्षम रोजगार तैयार करना।
  • नीति निर्माता AI के फायदे और नुकसान को संतुलित करने की दिशा में कदम उठाएँगे।