नई दिल्ली, 21 मार्च 2026। लॉकडाउन जैसी हो गई देश में करोड़ों लोगों की जिंदगी। 2-4 किलो फुटकर में गैस खरीद कर गुजारा करने वालों को किसी भाव गैस नहीं मिल रही। ब्लैकिए 4 से 5 हजार का सिलेंडर दे रहे हैं, वह भी सभी जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रही। गैस वितरण केंद्रों को कम गैस आपूर्ति हो रही है। रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों की संख्या बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20 प्रतिशत परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4 से 5 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। यह दावा इंडियन सर्वे और रिसर्च फर्म लोकलसर्किल्स की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक में सिलेंडर लेने वालों की संख्या पिछले हफ्ते के मुकाबले 6ः बढ़ गई है। सर्वे में सामने आया कि इस हफ्ते 68 प्रतिशत भारतीय घरों को गैस डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 57 प्रतिशत था।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के कारण होर्मुज रूट बंद होने, गैस उत्पादन और आपूर्ति ठप्प होने से भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब पैनिक बुकिंग में कमी आई है, इस दावे के उलट जमीनी हालात बेहद खराब हैं। बहुत लोगों को गैस विल्कुल नहीं मिल रही और बहुतों को बहुत देर से मिल रही है। गैस के विकल्प न के बराबर हैं। ऐसे में लाखों लोग लॉकडाउन की तरह अपने गांवों को जा चुके हैं, जा रहे हैं। गैस की उपलब्धता आसान होने के अभी आसार नजर नहीं आ रहे।
सरकार ने गैस सप्लाई को पारदर्शी बनाने के लिए जो डिजिटल सिस्टम बनाया था, अब उसी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। करीब 12 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने धोखाधड़ी वाले संदेश मिलने की शिकायत की है। इन मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उनका सिलेंडर डिलीवर हो गया है, जबकि उनके घर गैस पहुंची ही नहीं। इस फैंटम डिलीवरी यानी कागजों पर होने वाली डिलीवरी ने ऑफिशियल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का भरोसा कम कर दिया है। गैस बुकिंग में भी ऑफिशियल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिक्कत आ रही है।
लोकलसर्किल्स के अनुसार, भारत के 328 जिलों के 57,000 लोगों पर हुए सर्वे में सामने आया कि केवल 28 प्रतिशत परिवारों को ही समय पर गैस मिल पा रही है। इस सर्वे में शहर और गांव के 61 प्रतिशत पुरुष और 39 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं जिनमें से अधिकांश ने गैस सप्लाई में परेशानी की बात कही।
बताया जाता है कि लोकलसर्किल्स अब यह सर्वे रिपोर्ट केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सौंपने जा रहां है। संस्था ने मांग की है कि गैस की जमाखोरी करने वाले डीलरों और धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। डिजिटल सिस्टम में आ रही खामियों को दूर करने की भी अपील की गई है ताकि आम आदमी को ब्लैक में सिलेंडर न खरीदना पड़े।
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