
3 अप्रैल 1965 को कराची, पाकिस्तान में नाजिया हसन का जन्म हुआ। नाजिया हसन लोकप्रिय पाकिस्तानी-अंग्रेजी गायिका, गीतकार और समाजसेवी बनीं। नाजिया हसन दक्षिण एशियाई पॉप की रानी कहलाईं, उन्हें पाकिस्तान के इतिहास में सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक माना जाता है और वह उपमहाद्वीप की पहली पॉप स्टार थीं। नाजिया हसन ने अपने गायन की शुरुआत आप जैसा कोई गीत से की, यह गीत 1980 में भारतीय फिल्म कुर्बानी में दिखाई दिया। नाजिया हसन को इस एकल गीत के लिए प्रशंसा मिली और उन्होंने 1981 में 15 वर्ष की आयु में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता, वह यह पुरस्कार जीतने वाली पहली पाकिस्तानी और सबसे कम उम्र में प्राप्तकर्ता बनी हुई हैं। आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आये, तो बात बन जाये हाँ हाँ बात बन जाये .. गाना 1980 के दशक में रेडियो और टेपरिकार्डर पर खूब बजता था। यह गीत फिरोज खान लिखित, निर्मित और निर्देशित, 20 जून 1980 को रिलीज फिल्म कुर्बानी में मशहूर अदाकारा जीनत अमान पर फिल्माया गया था।
नाजिया हसन को एक प्यारी छोटी परी के रूप में याद किया जाता है, जो म्यूजिक इंडस्ट्री में एक ताजा, मासूम आवाज लेकर आईं।
नाजिया हसन ने एक बार कहा था, जब रंग को बोलने की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी जीवन की सबसे सरल चीजें चमकदार वस्तुओं की तुलना में बहुत अधिक ध्यान मांगती हैं।
नाजिया हसन ने एक और जगह कहा, जब आप किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं तो आपको शांत और स्थिर बैठना होगा न खांसना, न बात करना, कहीं लोग यह न सोचें कि आप बदतमीज हैं।
नाजिया हसन हसन लोगों की जरूरतों, दुख-दर्द को महसूस करती और उनके लिए कुछ करने को तत्पर रहती थीं। उन्होंने अपने एल्बम की सारी रॉयल्टी चैरिटी में दान कर दी। नाजिया अक्सर कहती थीं कि उनका असली जुनून दूसरों की मदद करना है।
नाजिया के अंतिम दिन बड़े मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजरे। अपनी जिंदगी के आखिर में, उन्होंने अपनी निजी परेशानियों के बारे में बात की, और कहा कि वह अपने एक्स-हस्बैंड के साथ जीने के बजाय मरना पसंद करेंगी क्योंकि कैंसर की लड़ाई के दौरान उनके साथ उनके एक्स-हस्बैंड ने बहुत खराब बर्ताव किया था।
नाजिया हसन की 13 अगस्त 2000 को 35 साल की उम्र में लंदन में लंग कैंसर से मौत हो गई। इससे तीन दिन पहले जब उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें नॉर्थ लंदन हॉस्पिस में भर्ती कराया गया था। नाजिया को 5 सितंबर 2000 को लंदन के हेंडन कब्रिस्तान के मुस्लिम हिस्से में इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया गया। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार को दिए एक इंटरव्यू में उनके भाई जोहेब ने बताया, वह एक दुखी इंसान के तौर पर गुजरीं, उनकी मौत बहुत तकलीफदेह थी। जोहेब हसन ने बाद में बताया कि नाजिया ने अपनी शादीशुदा जिंदगी की दिक्कतों के बारे में अपने परिवार को तब तक नहीं बताया जब तक कि अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले उनका तलाक नहीं हो गया।
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