19 जून 2015 को सैग हार्बर, न्यूयॉर्क में प्रसिद्ध अमेरिकी उपन्यासकार और कथाकार जेम्स साल्टर (जेम्स अर्नोल्ड होरोविट्ज, जन्म 10 जून 1925, पासेक, न्यू जर्सी) का निधन हुआ। जेम्स साल्टर शुरुआत में यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स में करियर ऑफिसर और पायलट रहे। साल्टर ने अपने पहले नॉवेल द हंटर्स के सफल प्रकाशन के बाद 1957 में सेना से इस्तीफा दे दिया। फिल्म राइटिंग और फिल्म डायरेक्टिंग में कुछ समय तक काम करने के बाद 1979 में साल्टर ने सोलो फेसेस नॉवेल पब्लिश किया। जेम्स साल्टर अपने लेखन के लिए कई लिटरेरी अवॉर्ड मिले, जिनमें उन कामों के लिए देर से मिली पहचान भी शामिल है जिनकी पब्लिकेशन के समय आलोचना हुई थी। यहां पेश हैं जेम्स साल्टर के कुछ विचारणीय उद्धरण और उनके साहित्य से कुछ संवाद
कभी-कभी आपको पता होता है कि आपके शानदार पल कब आ रहे हैं, और कभी-कभी वे अतीत से उभरकर आते हैं। शायद लोगों के साथ भी ऐसा ही होता है।
मेरे लिए लिखने का मतलब है लगातार और बिना रुके कोशिश करना, सही शब्द खोजने की कोशिश करना, जब तक कि आप उस मुकाम पर न पहुँच जाएँ जहाँ से आगे कोई प्रोग्रेस न हो सके और या तो आपके पास कुछ हो या न हो।
आपको अपनी जिंदगी को अपनी मर्जी से गढ़ने और यह दावा करने का पूरा हक है कि वह सच है।
वे सस्ते में यात्रा कर रहे हैं, साथ में थोड़ी सुस्ती और कभी-कभी मिलने वाली वह लग्जरी भी है जो सिर्फ असली साधन होने पर ही मिलती है। वे लेवाइस (जींस) और धूप में रहते हैं। कभी-कभी वे नदियों की धाराओं में अपने दाँत साफ करते हैं।
कोई भी जिंदगी पूरी नहीं होती। बस कुछ टुकड़े होते हैं। हम कुछ भी न पाने के लिए पैदा होते हैं, सब कुछ हमारे हाथों से फिसल जाने के लिए।
उन्हें खामोशी और व्हिस्की के सुनहरे रंग के साथ पढ़ना पसंद था। उन्हें खाना, लोग और बातचीत पसंद थी, लेकिन पढ़ना एक कभी न खत्म होने वाला आनंद था। दूसरों के लिए संगीत में जो खुशी होती थी, उनके लिए वही खुशी पन्ने पर लिखे शब्दों में थी।
लिखना क्यों? क्योंकि यह सब गायब हो जाएगा। बस गद्य और कविताएँ, किताबें, यानी जो लिखा गया है, वही बचेगा। इंसान बहुत किस्मत वाला था कि उसने किताब बनाई। इसके बिना अतीत पूरी तरह गायब हो जाता और हमारे पास कुछ नहीं बचताय हम धरती पर बिल्कुल खाली-हाथ रह जाते।
एक समय ऐसा आता है जब आपको एहसास होता है कि सब कुछ एक सपना है, और सिर्फ वही चीजें सच हो सकती हैं जो लिखकर सहेजी गई हों।
प्यार को इंतजार करना पड़ता है, इसे इंसान की हड्डियाँ तोड़नी पड़ती हैं।
कुछ बातें मुझे वैसी ही याद हैं जैसी वे थीं। समय के साथ उनका रंग थोड़ा फीका पड़ गया है, जैसे किसी भूले-बिसरे सूट की जेब में पड़े सिक्के। हालाँकि ज्यादातर बातें बदल गई हैं या दूसरी बातों को सामने लाने के लिए उन्हें नए सिरे से सजाया गया है। कुछ तो साफ तौर पर नकली हैं फिर भी वे कम जरूरी नहीं हैं। भविष्य बनाने के लिए इंसान अतीत को बदलता है।
मुझे ऐसे लोग पसंद हैं जिन्होंने सबसे अच्छे और सबसे बुरे दौर देखे हैं, जिनकी जिंदगी कभी भी आसान नहीं रही। तूफानों ने उन्हें झकझोरा है, और कभी-कभी वे महीनों तक बिना किसी हलचल के शांत भी पड़े रहे हैं। अगर वे नाकाम भी होते हैं, तो भी कुछ न कुछ तो बच ही जाता है। जिंदगी सिर्फ हल्की-फुल्की खनक नहीं रही इसमें जबरदस्त उतार-चढ़ाव भी रहे हैं।
कोई भी जिंदगी पूरी नहीं होती। बस कुछ टुकड़े होते हैं। हम खाली हाथ रहने के लिए पैदा हुए हैं, सब कुछ हमारे हाथों से फिसल जाता है। और फिर भी, यह बहाव, मुलाकातों, संघर्षों और सपनों का यह सैलाब !
यह अद्भुत है, यह दुनिया, यह जिंदगी। जब तक यह आपके पास है, इसका आनंद लें।
मैं अपनी जिंदगी, अपने कपड़ों और अपनी बातों से ऊब गया हूँ। मैं ऊपरी सतह को ऐसे काट रहा हूँ जैसे कोई ग्रे रंग की बर्फ हो, ताकि उसके नीचे जो है उसे पा सकूँ, वरना मैं मर जाऊँगा। मैं सतह को काँपते हुए महसूस कर सकता हूँ, ऐसा लगता है कि वह टूट जाएगी, पर कभी टूटती नहीं। मुझे आज की घटनाओं में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं इसे कैसे सही ठहराऊँ? मैं इसे कैसे समझाऊँ? मैं वही शब्द नहीं इस्तेमाल करना चाहता जो हमेशा से करता आया हूँ। मुझे कुछ ज्यादा समृद्ध, व्यापक, गहरा और असरदार चाहिए।
लिखने की असली प्रेरणा क्या है? क्योंकि यह सब गायब हो जाएगा।
कभी-कभी आपको पता होता है कि आपके शानदार पल कब गुजर रहे हैं, और कभी-कभी वे अतीत से उभरकर आते हैं। शायद लोगों के साथ भी ऐसा ही होता है। महिलाएं तब प्यार में पड़ती हैं जब वे आपको जान जाती हैं। पुरुष इसके ठीक उलट होते हैं। जब वे आखिरकार आपको जान जाते हैं, तो वे जाने के लिए तैयार होते हैं।
बातचीत असल में सच सामने लाने का एक तरीका है। बातचीत के कुछ शब्द किसी किरदार के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं।
मैं शब्दों को अपने हाथों में रगड़ने, उन्हें घुमाने-फिराने और महसूस करने का शौकीन हूँ, मैं सोचता रहता हूँ कि क्या यह सच में सबसे सही शब्द है।
मैं उन्हें ही असली हीरो मानता हूँ जिनके पास मुश्किल काम होता है, जो बिना डरे उसका सामना करते हैं और जीते हैं। इस दुनिया में महिलाएं ऐसा ही करती हैं।
उन्हें खामोशी और व्हिस्की के सुनहरे रंग के साथ पढ़ना पसंद था। उन्हें खाना, लोग और बातचीत पसंद थी, लेकिन पढ़ना एक कभी न खत्म होने वाला आनंद था। दूसरों के लिए संगीत में जो खुशी होती है, वही खुशी उन्हें पन्ने पर लिखे शब्दों में मिलती थी।
किताब उसकी गोद में थी, उसने आगे नहीं पढ़ा था। किसी की जिंदगी बदलने की ताकत एक पैराग्राफ या एक अकेली बात से मिल सकती है। जो बातें हमारे दिल में उतर जाती हैं, वे बहुत बारीक होती हैं, जैसे नदी के पानी में रहने वाले वे छोटे जीव जो तैरने वालों के शरीर में घुस जाते हैं। वह उत्साहित थी, उसमें नई ताकत आ गई थी। ऐसा लग रहा था कि सधे हुए वाक्य, बाकी कई चीजों की तरह, बिल्कुल सही समय पर आए हैं। दूसरों की जिंदगी की रोशनी के बिना हम अपनी जिंदगी के बारे में कैसे सोच सकते हैं?
हल्की बर्फबारी, इतनी हल्की और बारीक कि बस ठंड का एहसास कराती है।
उम्र धीरे-धीरे नहीं बढ़ती, बल्कि तेजी से आती है। एक दिन कुछ नहीं बदलता, और एक हफ्ते बाद सब कुछ बदल जाता है। एक हफ्ता भी बहुत लंबा समय है, यह रातों-रात हो सकता है। आप वही रहते हैं, और अचानक एक सुबह आपके होंठों के कोनों पर दो साफ, कभी न मिटने वाली लकीरें उभर आती हैं।
वे चुपचाप लेटे हुए थे। वह कमरे में कहीं दूर देख रही थी। उसकी वजह से उसे बेचैनी हो रही थी। यह नहीं चलेगा। यह तो बस अलग-अलग तरह के लोगों का आकर्षण है, उसने कहा। हम अलग-अलग तरह के लोग नहीं हैं। मेरा मतलब सिर्फ तुम और मैं नहीं है।
बच्चे हमारी फसल हैं, हमारे खेत हैं, हमारी जमीन हैं। वे अंधेरे में छोड़े गए पक्षियों की तरह हैं। वे नई गलतियों की तरह हैं। फिर भी, वे ही एकमात्र जरिया हैं जिनसे हम अपने जीवन से ज्यादा सफल और समझदार जीवन पा सकते हैं। किसी न किसी तरह वे एक काम जरूर करेंगे, एक कदम आगे जरूर बढ़ेंगे, वे शिखर तक जरूर पहुँचेंगे। हमें उस पर भरोसा है, उस चमक पर जो भविष्य से आती है, उन दिनों से जिन्हें हम कभी नहीं देख पाएँगे। बच्चों को जीना चाहिए, उन्हें जीतना चाहिए। बच्चों को मरना होगा, यह एक ऐसा विचार है जिसे हम स्वीकार नहीं कर सकते।
उन सबमें वही सच्चा प्यार था। उन सबमें वही सबसे अच्छा था। वह दूसरा शानदार प्यार जो इंसान को मदहोश कर देता था, जिसके लिए इंसान तरसता था, जिससे जलता था, जिस पर यकीन करता था, वह असल जिंदगी नहीं थी। वह तो जिंदगी की तलाश थी, वह जिंदगी का एक ठहराव था। लेकिन किसी ऐसे बच्चे के करीब होना जिसके लिए इंसान ने सब कुछ न्योछावर कर दिया हो, जिसकी जिंदगी को खुद अपनी जिंदगी से सुरक्षित और पोषित किया हो, उस बच्चे का अपने पास शांति से होना ही असली, सबसे गहरा और एकमात्र आनंद था।
ड्रेस कोड बिना स्टाइल वाले लोगों के लिए होते हैं। -जेम्स साल्टर #JamesSalter
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