
नई दिल्ली 2 अक्टूबर 2026। आम आदमी पार्टी, अधिकवक्ता, सिविल सोसायटी, जनसंगठनों, छात्र और युवा संगठनों के कुछ समूह शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर अपनी चिंताएं उठाईं। प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया और इंडियन यूथ कांग्रेस समेत कई संगठनों के शामिल होने की बात कही गई है। गांधी जयंती पर आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से मतदाता सूचियों और चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार गुप्ता के इस्तीफे या उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों के प्रबंधन और एसआईआर की प्रक्रिया ने मतदाताओं के अधिकारों तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंताएं पैदा की हैं। पिछले करीब 10 दिन से चुनाव आयोग से जुड़ी गंभीर धांधलियों की खबरें आ रही हैं। चुनाव आयोग ने अवैधानिक काम कर करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूचियों से काट दिए और नाम जुड़वाने के लिए करोड़ों लोगों को अनावश्यक परेशान किया।
निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज भी शामिल हैं। प्रदर्शन में शामिल होने से पहले मीडिया से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि बड़ी संख्या में जेन-जी, महिलाएं और युवा निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन पुलिस हमें बता रही है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जबकि आप ने छह दिन पहले यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आधिकारिक तौर पर अनुमति मांगी थी। आप ने कहा- पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को हिरासत में ले लिया है। आप ने कहा कि केंद्र सरकार सवालों से भाग रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों को भी मौके पर तैनात किया गया है। प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। नई दिल्ली इलाके में प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। लोगों को प्रभावित मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग विरोध अभियान की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक, उसका 2 अक्टूबर का कार्यक्रम मुंबई से शुरू हुआ।
प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के विभिन्न समूहों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के मद्देनजर आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चैक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चैक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस और लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए यातायात और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए हैं।
Protests were held in several locations, including Delhi and Mumbai, against Election Commissioner Gyanesh Kumar for allegedly acting unlawfully against the public interest; police detained hundreds of people
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