
संयुक्त राष्ट्र, न्यू यॉर्क (एक्सप्लेनर.कॉम स्पेशल)। दुनिया इन दिनों भयंकर पर्यावरणीय संकटों से त्रस्त है और खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदूषण और अस्वस्थ वातावरण हर साल दुनिया भर में अनुमानित 90 लाख लोगों की समय से पहले होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य जोखिमों में से एक बन गया है। इस आँकड़े में जहरीले रसायनों के संपर्क, लेड पॉइजनिंग और असुरक्षित पानी से होने वाली मौतें शामिल हैं, लेकिन वायु प्रदूषण इनमें सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा प्रदूषण, खराब पर्यावरण के कारण कम से कम एक फीसदी आबादी प्रभावित है जिसे इलाज और देखभाल की जरूरत होती है, जिस पर अरबों डालर श्रम बल के लाखों कार्यदिवस लगते हैं। गर्मी कम करने के कृत्रिम उपायों, जो पर्यावरण और गर्मी बढ़ाने के बड़े कारण भी हैं, पर अरबों डालर खर्च होते हैं। मानव समुदाय एक भयंकर दुष्चक्र में फंसा है।
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2026 को दुनिया भर में मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईवी) के नेतृत्व में 2026 का यह वैश्विक अभियान जलवायु परिवर्तन पर तत्काल कार्रवाई पर केंद्रित है। इस आयोजन का आधिकारिक मेजबान देश इस बार अजरबैजान है, जिसका मुख्य विषय है – प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का संदेश है,
इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, हर जगह चेतावनी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
पिछले ग्यारह साल रिकॉर्ड पर दर्ज सबसे गर्म ग्यारह साल रहे हैं।
और इसका नुकसान सिर्फ बढ़ते तापमान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदूषित हवा से लेकर बंजर जमीन, ढहते पारिस्थितिकी तंत्र और विलुप्त होती जैव विविधता तक फैला हुआ है।
यह स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है, घरों को तबाह कर रहा है और भुखमरी को और गहरा कर रहा है।
दुनिया 1.5 डिग्री से ऊपर के अस्थायी तापमान की ओर बढ़ रही है।
तापमान में होने वाली हर थोड़ी सी भी बढ़ोतरी ज्यादा नुकसान पहुँचाती है, खासकर उन लोगों को जो सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।
हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि तापमान में यह बढ़ोतरी जितनी हो सके उतनी कम, उतनी कम समय के लिए और उतनी ही सुरक्षित हो, और हम तेजी से तापमान को वापस नीचे ला सकें।
इसका मतलब है उत्सर्जन में भारी कटौती करना।
जीवाश्म ईंधनों से दूर हटकर नवीकरणीय ऊर्जा की ओर एक न्यायसंगत बदलाव की प्रक्रिया को तेज करना, यही लागत कम करने और वास्तविक ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने का एकमात्र टिकाऊ रास्ता है।
मीथेन उत्सर्जन में कटौती करना, जो निकट भविष्य में होने वाली ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने का सबसे तेज और सबसे सस्ता तरीका है।
जंगलों, जमीन और समुद्रों की रक्षा करना।
समुदायों को उन विनाशकारी प्रभावों के अनुरूप ढलने में मदद करना, जो पहले ही सामने आ चुके हैं।
और इसका मतलब है विकासशील देशों से किए गए जलवायु वित्त के वादों को पूरा करना, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके, उनकी आजीविका सुरक्षित रहे और उनकी अर्थव्यवस्थाएँ मजबूत हो सकें।
यही वह पल है जब हमें कार्रवाई करनी होगी, अपने पर्यावरण के लिए और अपने भविष्य के लिए। -एंटोनियो गुटेरेस (महासचिव, संयुक्त राष्ट्र)
New York, UN Secretary-General Antonio Guterres warns, The world is in grave danger. On World Environment Day 2026, let’s make a pledge, inspired by nature, for the climate, for our future
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