19 ईसापूर्व 21 सितंबर को इटली के ब्रिंडिसी में ऑगस्टन युग के प्राचीन रोमन कवि वर्जिल (पब्लियस वर्जिलियस मारो, जन्म 15 अक्टूबर 70 ईसापूर्व, सिसलपाइन गॉल) का निधन हुआ। वर्जिल ने लैटिन साहित्य की तीन सबसे प्रसिद्ध कविताओं एक्लॉग्स (बुकोलिक्स), जॉर्जिक्स और महाकाव्य एनीड की रचना की। टीकाकारों के अनुसार, वर्जिल ने पाँच साल की उम्र में अपनी पहली शिक्षा प्राप्त की और बाद में रेटोरिक (वक्तृत्व कला), चिकित्सा और खगोल विज्ञान का अध्ययन करने के लिए क्रेमोना, मिलान और अंत में रोम गए, जिसे उन्होंने दर्शनशास्त्र के लिए छोड़ दिया। नियोटेरिक लेखकों असिनियस पोलियो और सिन्ना के प्रति #Virgil के प्रशंसापूर्ण उल्लेखों से यह अनुमान लगाया गया है कि वे कुछ समय के लिए कैटुलस के नियोटेरिक समूह से जुड़े थे। कैटलेप्टोन के अनुसार, उन्होंने नेपल्स में सिरो के एपिकुरियन स्कूल में रहते हुए कविता लिखना शुरू किया।
यहां प्रस्तुत हैं वर्जिल के कुछ रोचक, प्रेरक, विचारोत्तेजक उद्धरण
चाहे कुछ भी हो, हर बुरी किस्मत को सहनशक्ति से जीता जा सकता है।
नरक में उतरना आसान है, पूरी रात, पूरे दिन, अंधेरे हेड्स (नरक) के दरवाजे खुले रहते हैं, लेकिन रास्ते से वापस आना, स्वर्ग की मीठी हवा में फिर से बाहर आना, यही असली काम है, यही असली बोझ है।
कोई भी दिन तुम्हें समय की यादों से मिटा नहीं पाएगा।
प्यार सब कुछ जीत लेता है, इसलिए, आइए हम प्यार के आगे झुक जाएँ।
किस्मत उसका साथ देती है जो हिम्मत करता है।
बुराई छिपने से पनपती और बढ़ती है।
वे सब कुछ कर सकते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि वे कर सकते हैं। वह इंसान खुशकिस्मत है जो चीजों की वजहों को जान पाया है।
मौजूदा हालात का सामना करो और बेहतर चीजों का इंतजार करो।
मुसीबत के आगे हार मत मानो, बल्कि और बहादुरी से आगे बढ़ो।
चलते हुए गाते रहो, इससे सफर कम थकाऊ लगेगा।
जिस चीज से हर इंसान को अपने साथ होने का डर था, जब उसने देखा कि वह किसी और को बर्बाद कर देगी, तो उसे उससे कोई परेशानी नहीं हुई।
डर कमजोर सोच की निशानी है।
हर इंसान अपनी इच्छा को ही भगवान बना लेता है।
हममें से हर कोई अपना नर्क खुद ढोता है।
खुशकिस्मत है वह जिसका मन चीजों की वजहों को समझने और सभी डर और अटल किस्मत को कुचलने की ताकत रखता है।
भेड़ों के झुंड को भेड़िये से, फसल को तूफान से और पेड़ों को हवा से डर लगता है।
लगातार काम करने से जीत मिलती है।
हिम्मत बनाए रखो और खुशी के दिनों के लिए खुद को बचाकर रखो।
समय के साथ सब कुछ बिगड़ जाता है।
सही समय आ गया है, और रास्ता सामने है।
किस्मत कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेगी।
हमारे सबसे प्यारे पल सबसे तेजी से बीत जाते हैं।
दवा बीमारी को और बढ़ा देती है।
उम्र सब कुछ छीन लेती है, यहाँ तक कि दिमाग भी।
अच्छाई भी तब और सुंदर लगती है जब वह किसी सुंदर इंसान में दिखे।
हारी हुई सेना के लिए एकमात्र सुरक्षा यही है कि वे सुरक्षा की उम्मीद न करें।
सबसे बड़ी दौलत अच्छी सेहत है।
मैंने दुख देखा है और दुखी लोगों की मदद करना सीखा है।
प्यार से प्यार बढ़ता है, प्यार कोई नियम नहीं मानता, यह सबके लिए एक जैसा है।
जो लोग मानते हैं कि वे जीत सकते हैं, वे जीत सकते हैं।
डटे रहो और बेहतर हालात के लिए खुद को बचाकर रखो।
इस बीच समय तेजी से बीत रहा है, ऐसा समय जो कभी वापस नहीं आएगा।
खुद मुसीबत का सामना करने के बाद, मैं मुसीबत में फँसे लोगों की मदद करना सीख रहा हूँ।
लोग इसलिए कुछ कर पाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे कर सकते हैं।
समय सब कुछ बहा ले जाता है।
एक अपराध से ही पूरे देश को जान लो।
अगर मैं स्वर्ग को नहीं हिला सकता, तो मैं नरक में तहलका मचा दूँगा।
तुम्हारी आने वाली पीढ़ियाँ ही तुम्हारे कामों का फल पाएँगी। -वर्जिल
If I cannot move heaven, I will raise hell — Interesting, inspiring, and thought-provoking quote by the ancient Roman poet Virgil
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