गदरपुर (ऊधम सिंह नगर) उत्तराखंड 10 अगस्त 2026। कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड टीम द्वारा सोमवार को गदरपुर के शहनाई वाटिका में सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन-2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जनपद ऊधम सिंह नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों किसान, महिलाएं, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में करीब 50 फीसदी महिला किसानों की भागीदारी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया गया है। महिला किसानों की यह भागीदारी कृषि और सहकारिता में महिलाओं की बढ़ती भूमिका एवं उनके विश्वास को दर्शाती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के वन एवं वन्यजीव कैबिनेट मंत्री माननीय सुबोध उनियाल ने व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न हो पाने पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से कृभको द्वारा गदरपुर में आयोजित इस सफल सम्मेलन की बधाई दी और कहा कि ऐसे मंचों से किसानों को नई तकनीक, बाजार और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृभको के प्रयासों से क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और सहकारिता आंदोलन और मजबूत होगा। कार्यक्रम में विधायक तिलकराज बेहड़, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सुभाष बेहड़, समीर पाठक भी मौजूद रहे।
कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है। आज महिलाएं उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा महिला किसानों को बाजार, तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय अवसरों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। अरोड़ा ने कहा कि आज सहकारिता के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। दूध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों से लेकर गोबर आधारित सहकारी मॉडल और भारत टैक्सी जैसी नई सहकारी पहलों तक, सहकारिता का स्वरूप लगातार व्यापक हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान और सहकारी समितियां मिलकर एक बेहद मजबूत आर्थिक मॉडल तैयार कर सकती हैं। किसान उत्पादन करे और सहकारी संस्थाएं उसे बाजार, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़ें, तो किसानों की आय और उनकी आर्थिक स्थिति को निश्चित रूप से मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने मृदा परीक्षण को किसानों के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि मिट्टी की सही जानकारी से किसान अनावश्यक खर्च कम करके कम लागत में बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। उन्होंने जैविक खेती, प्रमाणित बीजों और भौगोलिक संकेतक टैग वाले स्थानीय उत्पादों की विपणन के लिए प्रयास करने का संकल्प भी दोहराया। शिल्पी अरोड़ा ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया के अनेक देश खाद्यान्न की आपूर्ति को लेकर संघर्ष कर रहे थे, तब भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार उपलब्ध था। यह उपलब्धि देश के किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के योगदान और मजबूत कृषि एवं सहकारी व्यवस्था का परिणाम है। इसलिए किसानों को मजबूत करना केवल कृषि क्षेत्र की आवश्यकता नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है।
किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कृभको द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड के किसानों के लिए कृभको उर्वरक की उपलब्धता बढ़ाने तथा राज्य का कोटा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही किसान बिचैलियों से बचकर अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकता है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सहकारी समितियों को लगातार मजबूत कर रही है। जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान ने कहा कि आज का किसान लगातार नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपना रहा है। उन्होंने किसानों और सहकारिता के बीच बेहतर समन्वय को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम में कृभको के क्षेत्रीय प्रबंधक तेजेंद्र सिंह ने किसानों तथा सहकारिता क्षेत्र के लिए कृभको द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी साझा की। सम्मेलन में देश सेवा और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई लोगों को सम्मानित किया गया। हवलदार हीरा सिंह, मान कौर (स्व0 इकवाल सिंह, द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक की पत्नी) तथा सब मेजर खड़क सिंह कार्की (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भागीदा रहे) को सम्मानित किया गया। क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील किसान सुरजीत डाबर और महिला एफपीओ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीमा ठुकराल को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन के आयोजकों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि किसान और सहकारिता एक-दूसरे के पूरक हैं, यदि किसानों को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और बेहतर बाजार से जोड़ा जाए और सहकारी संस्थाएं इसमें प्रभावी भूमिका निभाएं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है।
कृभको के क्षेत्रीय अधिकारी जाबर सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समापन पर शिल्पी अरोड़ा ने कहा मैं आगे भी किसानों के साथ जुड़कर उनके लिए नए अवसर तलाशने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों के उत्पादों की विपणन में मदद करने तथा सहकारिता के माध्यम से उन्हें मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहूंगी। उन्होंने कहा किसान मजबूत होगा तो सहकारिता मजबूत होगी, और सहकारिता मजबूत होगी तो गांव और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
KRIBHCO emphasized maximizing profits from farming at the Cooperatives and Farmers’ Grand Conference, highlighting how cooperatives and KRIBHCO are supporting agriculture
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