
19 अक्टूबर 1973 को ले कैनट, फ्रांस में शिकागो से प्रकाशित कला और प्रगतिशील साहित्यिक पत्रिका द लिटिल रिव्यू की संस्थापक, संपादक और प्रकाशक मार्गरेट कैरोलीन एंडरसन (जन्म 24 नवंबर 1886 इंडियानापोलिस, इंडियाना) का निधन हुआ। द लिटिल रिव्यू पत्रिका में 1914 से 1929 के बीच आधुनिक अमेरिकी, अंग्रेजी और आयरिश लेखकों की रचनाएँ प्रकाशित की गईं। #MargaretCarolineAnderson की यह पत्रिका मुख्य रूप से 20वीं सदी के कई प्रमुख अमेरिकी और ब्रिटिश लेखकों (जैसे एज्रा पाउंड और टी. एस. एलियट) को संयुक्त राज्य अमेरिका में पेश करने और जेम्स जॉयस के उस समय अप्रकाशित उपन्यास यूलिसिस के पहले तेरह अध्यायों को प्रकाशित करने के लिए जानी जाती है। गुरजिएफ (रूसी दार्शनिक, रहस्यवादी, आध्यात्मिक गुरु, संगीतकार और आंदोलनों के शिक्षक जॉर्ज इवानोविच गुर्जियेफ) की शिक्षाओं पर एंडरसन के दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह येल विश्वविद्यालय की बीनेके रेयर बुक एंड मैन्युस्क्रिप्ट लाइब्रेरी में सुरक्षित है। कला और कला पर सार्थक चर्चा को समर्पित द लिटिल रिव्यू पत्रिका के पहले अंक में नीत्शे, नारीवाद और मनोविश्लेषण पर लेख शामिल थे।
मार्गरेट कैरोलीन एंडरसन के कुछ प्रेरक, विचारणीय उद्धरण यहां प्रस्तुत हैं
पेरिस एक ऐसा शहर है जहाँ हर कोई रहना पसंद करता है। कभी-कभी मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि यह दुनिया का इकलौता शहर है जहाँ आप रेलवे स्टेशन गारे डी’ओर्से से बाहर निकलते ही एक साथ कई मुख्य आकर्षण देख सकते हैं, सीन नदी और उसके पुल व किताबों के स्टॉल, लूव्र, नोट्रे डेम, ट्यूलरीज गार्डन, प्लेस डे ला कॉनकॉर्ड, और चैंप्स एलिसीज की शुरुआत, यानी लक्जमबर्ग गार्डन और पैलेस रॉयल को छोड़कर लगभग सब कुछ। लेकिन ट्रेन से उतरते ही और कौन सा शहर आपको इतना कुछ दिखा सकता है?
सच्चे प्रेम में, आप सामने वाले व्यक्ति की भलाई चाहते हैं। रोमांटिक प्रेम में, आप सामने वाले व्यक्ति को ही पाना चाहते हैं।
यह सबसे खूबसूरत चीज है जिसे हम कभी प्रकाशित करेंगे। भले ही यह हमारे जीवन का आखिरी प्रयास क्यों न हो, आइए इसे छापें!
मैं उस चीज में विश्वास करती हूँ जो किसी के आगे झुकती नहीं, जो कभी डगमगाती नहीं, जिसे कोई हरा नहीं सकता, जो बेहद आकर्षक है और अविश्वसनीय है दूसरे शब्दों में, मैं जीवन की कला में विश्वास करती हूँ। मैंने हमेशा उन चीजों का विरोध किया है जो सादी, बेमेल, अचेतन, दब्बू, अवांछित, बिना योजना की, बेडौल, बिना प्रतिबद्धता वाली या बिना कोशिश के की गई हों ये सभी अंततः अनचाहे परिणामों की ओर ले जाती हैं। मैं उन चीजों में विश्वास करता हूँ जो किसी के आगे झुकती नहीं, जो खुशामद नहीं करतीं, जिन्हें कोई हरा नहीं सकता, जो बेहद आकर्षक हैं, जो अविश्वसनीय हैं दूसरे शब्दों में मैं जीवन की कला में विश्वास करता हूँ।
जब मैं मानव इतिहास को देखती हूँ, तो मुझे दो कहानियाँ नजर आती हैं। ये दोनों साथ-साथ चलती हैं, लेकिन कभी आपस में नहीं मिलतीं। एक उन लोगों की कहानी है जो बस जैसे-तैसे जीते हैं, और जो कुछ भी उनके सामने आता है, उसे स्वीकार कर लेते हैं दूसरी उन लोगों की कहानी है जो अपनी इच्छा के अनुसार जीते हैं और अपनी जिंदगी की घटनाओं को खुद रचते हैं।
मेरा सबसे बड़ा दुश्मन वास्तविकता है। मैंने तीस सालों तक सफलतापूर्वक इससे लड़ाई लड़ी है।
हमारे यहाँ, प्यार करना भी उतना ही दंडनीय अपराध है, जितना कि हत्या या डकैती करना।
मुझे किसी ऐसे व्यक्ति को देखे हुए बरसों हो गए हैं, जिसे देखकर लगे कि वह प्यार में है। अब किसी के चेहरे पर तब तक चमक नहीं आती, जब तक कि बात राजनीति की न हो। (द फायरी फाउंटेन्स, 1951 से) -मार्गरेट कैरोलीन एंडरसन
My greatest enemy is reality — Margaret Caroline Anderson, author and editor of the progressive literary magazine The Little Review

