
मॉस्घ्को। लगभग 4 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पहली बार रूस की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे शांति की उम्मीद बढ़ती दिखाई दे रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध अब अंत की ओर बढ़ रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ है और दोनों देशों ने एक-एक हजार युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद यह कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली में से एक होगी। पुतिन के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, क्योंकि अब तक रूस लगातार सख्त सैन्य रुख अपनाता रहा था।
मॉस्को में आयोजित रूस के विक्ट्री डे समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, मुझे लगता है कि यह मामला अब खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। उनके इस बयान को कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब यह संदेश देना चाहता है कि वह बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं मानता। लंबे समय से युद्ध की वजह से रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बना हुआ है। ऐसे में मॉस्को की ओर से नरम संकेतों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बातचीत में पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यूक्रेन को रूस के खिलाफ एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। पुतिन के मुताबिक, पश्चिमी देशों ने अपने भू-राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए यूक्रेन को समर्थन दिया और रूस की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह युद्ध केवल रूस और यूक्रेन के बीच का संघर्ष नहीं है, बल्कि पश्चिमी ताकतों द्वारा रूस के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, उन्होंने सोचा था कि रूस कुछ महीनों में कमजोर पड़ जाएगा और उसकी व्यवस्था टूट जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पुतिन ने एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नाटो के विस्तार और यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिशों को इस संघर्ष की प्रमुख वजह बताया। पुतिन ने कहा कि रूस लंबे समय से नाटो के पूर्वी विस्तार को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता रहा है। उनका आरोप था कि पश्चिमी देशों ने रूस को लगातार गुमराह किया और उसकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देकर पश्चिमी देशों ने युद्ध को और लंबा खींचा। रूस का मानना है कि यदि यूक्रेन नाटो में शामिल होता है, तो यह उसकी सीमाओं के बेहद करीब पश्चिमी सैन्य उपस्थिति को मजबूत कर देगा, जिसे मॉस्को अपने लिए सीधा खतरा मानता है।
यूक्रेन युद्ध के अलावा पुतिन ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव पर भी प्रतिक्रिया देते हुए इस स्थिति को “बेहद जटिल संघर्ष” बताया। पुतिन ने कहा कि रूस के ईरान और फारस की खाड़ी के देशों दोनों से अच्छे संबंध हैं, इसलिए यह संघर्ष रूस के लिए भी कठिन स्थिति पैदा करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह तनाव जल्द समाप्त होगा और सभी पक्ष शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे। रूसी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि तेहरान पर परमाणु हथियार बनाने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष के हित में संघर्ष को लंबा खींचना नहीं है, क्योंकि इससे सभी को नुकसान होगा।
मॉस्को के रेड स्क्वायर में इस बार आयोजित पारंपरिक सैन्य परेड पहले से अलग नजर आई। विक्ट्री डे परेड पर जहां भारी टैंक और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया जाता था, वहां इस बार बड़े डिजिटल स्क्रीन पर मिसाइलों, ड्रोन और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें दिखाई गईं। यूक्रेन युद्ध में हिस्सा लेने वाले रूसी सैनिकों ने परेड में मार्च किया। इसके अलावा रूस के करीबी सहयोगी माने जाने वाले उत्तर कोरिया के सैनिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने आठ मिनट के भाषण में पुतिन ने रूसी सैनिकों की सराहना की और नाटो पर रूस के खिलाफ आक्रामक नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। जब पुतिन से पूछा गया कि क्या वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से सीधे मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा कि ऐसी बातचीत तभी संभव है जब दोनों पक्ष स्थायी शांति के ढांचे पर सहमत हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यूरोप के साथ संवाद की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। पुतिन ने पूर्व जर्मन चांसलर गेरहार्ड श्रोडर को अपना पसंदीदा संपर्क बताया।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की। यह संघर्ष विराम रूस के विजय दिवस समारोह के दौरान लागू हुआ। ट्रंप ने कहा कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों इस अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। उन्होंने वॉशिंगटन में पत्रकारों से कहा, मैं चाहता हूं कि यह लड़ाई खत्म हो। रूस-यूक्रेन युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे भयावह संघर्ष बन चुका है। फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में हजारों सैनिक और नागरिक मारे जा चुके हैं, जबकि लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। यूक्रेन के कई शहर भारी तबाही का सामना कर चुके हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी इस युद्ध से प्रभावित हुई है।
Victory Day Parade, Moscow: Vladimir Putin signals an end to the Russia-Ukraine war; temporary ceasefire implemented; both nations agree to exchange 1,000 prisoners of war each
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