7 सितंबर 1950 को ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क में मार्गरेट एलेन पैगी नूनन का जन्म हुआ। पैगी नूनन प्रमुख अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की स्तंभकार, एनबीसी न्यूज और एबीसी न्यूज के लिए लेखन करती रही हैं। 1984 से 1986 तक पैगी नूनन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की मुख्य भाषण लेखिका और विशेष सहायक थीं। नूनन की पाँच किताबें न्यूयॉर्क टाइम्स की सूची में बेस्टसेलर रही हैं। अमेरिका: अ ट्रिब्यूट टू हीरोज उनकी चर्चित किताब है जिसके लिए पैगी नूनन को एमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। विचारों से वे दक्षिणपंथी हैं।
यहां पेश हैं पैगी नूनन के कुछ चुनिंदा विचारणीय उद्धरण
निराशावादी सोच न तो असलियत पर आधारित होती है और न ही मजबूत। यह अवास्तविक और एक तरह से कायरतापूर्ण है क्योंकि इसका मतलब है कि आपको कोशिश ही नहीं करनी पड़ती।
बड़ी बातें अक्सर छोटे शब्दों में ही सबसे अच्छी तरह कही जाती हैं।
रोनाल्ड रीगन ने कहा था कि जिंदगी का मजा लें ऐसा न करना कृतघ्नता है।
ज्यादातर लोगों को उतनी सराहना नहीं मिलती जितनी मिलनी चाहिए, और हम अपनी जिंदगी में जो सबसे साहसी काम करते हैं, उनके बारे में अक्सर सिर्फ हमें ही पता होता है। जो आदमी अपनी पत्नी के प्रति वफादार रहता है या जो वकील ड्रग्स का पैसा लेने से इनकार कर देता है, उसके लिए कोई जश्न नहीं मनाया जाता।
एक महान भाषण साहित्य होता है।
हमें फिर से उन चीजों के प्रति सजग होने का प्रयास करना चाहिए जिनकी हमारे देश के लोग वास्तव में हमारे राष्ट्रीय जीवन में लालसा रखते हैं, क्षमा और अनुग्रह, परिपक्वता और ज्ञान।
यहाँ मैं यह कहना चाहूँगी, क्योंकि वाशिंगटन में कुछ लोग इंटरनेट को नियंत्रित करने के तरीके ढूँढ़ने में रुचि रखते हैं, कि हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नियंत्रित करने की आवश्यकता नहीं है, हमें स्वयं को नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
कहा जाता है कि ह्यूबर्ट हम्फ्री (अमेरिका के 38वें उपराष्ट्रपति) की पत्नी ने उन्हें सलाह दी थी, डार्लिंग, किसी भाषण को यादगार बनाने के लिए उसका बहुत लंबा होना जरूरी नहीं है।
अमेरिका में 50 साल से ज्यादा उम्र का हर व्यक्ति खुद को शरणार्थी जैसा महसूस करता है। पुराने अमेरिका में भी बहुत से माता-पिता ऐसे थे जो ठीक से परवरिश नहीं कर पाते थे। ऐसे माता-पिता हमेशा होते हैं, क्योंकि बच्चों की परवरिश करना मुश्किल काम है। पहले ऐसे माता-पिता कह सकते थे, जाओ बाहर जाकर कल्चर (समाज) में खेलो, और उस कल्चर पर, जो काफी हद तक मासूम और उबाऊ था, बच्चों की परवरिश के मामले में कमोबेश भरोसा किया जा सकता था। लेकिन अब बड़े-बुजुर्ग जानते हैं कि बच्चों को बाहर कल्चर में खेलने के लिए नहीं भेजा जा सकता, क्योंकि वह कल्चर उन्हें बिगाड़ सकता है और परेशान कर सकता है। #PeggyNoonan
मुझे जो मिला, वह तोहफे या इच्छाओं का पूरा होना नहीं, बल्कि शांति का अहसास था। असल में, मुझे शांति ही मिली। और जब आपके पास शांति होती है, तो आप मजबूत बन सकते हैं, और जब आप मजबूत होते हैं, तो आप मुश्किल हालात का सामना कर सकते हैं और ऐसा आप थकान, माथे पर चिंता की लकीरों और झुके हुए कंधों के साथ नहीं, बल्कि काफी हद तक खुशी, मजाक-मस्ती और कभी-कभी तो पूरे उत्साह के साथ कर सकते हैं।
मैं यह भी जानती हूँ कि यदि ईश्वर ने आपके लिए कुछ विशेष रखा है, तो आपके भीतर उसका ज्ञान है, जिसके कारण आप उस चीज के अलावा किसी भी चीज से संतुष्ट नहीं होते। जब तक आप उसे पा नहीं लेते, तब तक आप बेचैन रहते हैं।
जैसे-जैसे हम समाज में ज्यादा खुले विचारों वाले (सहिष्णु) होते गए हैं, हम ज्यादा बंद दिल वाले होते गए हैं।
यहाँ एक पुरानी परंपरा है जिसे वापस लाने की सख्त जरूरत है, आपको राजनीति में अपनी जगह बनानी होगी। आपको जिंदगी जीनी चाहिए, उपलब्धियों की एक श्रृंखला बनानी चाहिए और फिर सार्वजनिक सेवा में जाना चाहिए।
लेकिन एक काम अभी तुरंत किया जा सकता है, और वह हैरू तापमान कम करें। किसी भी तरह से आप और हर कोई। बस इसे कम करें।
मेरी पीढ़ी, जो बड़ी होते हुए धार्मिक विश्वास और अस्तित्वगत निराशा के बीच चुनाव के सामने थी, ने मारिजुआना को चुना। अब हम अपने कैबरनेट चरण में हैं।
बड़ी बातें सबसे अच्छी तरह कही जाती हैं, लगभग हमेशा छोटे शब्दों में कही जाती हैं। -पैगी नूनन
Thought-provoking quotes from Peggy Noonan, a columnist, commentator, and former speechwriter for President Ronald Reagan
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