16 अक्टूबर 1888 को लॉन्गएकर स्क्वायर, न्यूयॉर्क में यूजीन ओ’नील (यूजीन ग्लैडस्टोन ओश्नील सीनियर) का जन्म हुआ। यूजीन ओ’नील जाने माने अमेरिकी नाटककार बने। उनके काव्यात्मक शीर्षकों वाले नाटक, अमेरिका में यथार्थवाद की नाट्य तकनीकों को लाने वाले शुरुआती नाटकों में से थे। इन तकनीकों को पहले चेखव, इब्सन और स्ट्रिंडबर्ग से जोड़ा जाता था। यूजीन ओ’नील की त्रासदी लॉन्ग डेज जर्नी इनटू नाइट को 20वीं सदी के बेहतरीन अमेरिकी नाटकों की सूची में शामिल है। इस सूची में टेनेसी विलियम्स का नाटक अ स्ट्रीटकार नेम्ड डिजायर और आर्थर मिलर का नाटक डेथ ऑफ अ सेल्समैन भी शामिल हैं। उन्हें 1936 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार और 1957 में सर्वश्रेष्ठ नाटक के लिए टोनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यूजीन ओ’नील इकलौते ऐसे नाटककार हैं जिन्हें नाटक के लिए चार पुलित्जर पुरस्कार मिले। यूजीन ओ’नील के नाटकों में सबसे पहले अमेरिकी बोलचाल की अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल हुआ और इनमें समाज के हाशिए पर रहने वाले पात्रों को दिखाया गया। ये पात्र अपनी उम्मीदों और आकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन अंततः मोहभंग और निराशा के गर्त में डूब जाते हैं। यूजीन ओ’नील के नाटकों में त्रासदी, निराशा, संघर्ष, गुस्सा और आलोचना शामिल है। उन्हें साहित्य के लिए 1936 का नोबेल पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ नाटक के लिए 1957 का टोनी पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त यूजीन ओ’नील को अन्य अनेक सम्मान और पुरस्कार मिले। यूजीन ओ’नील और उनके नाटकों पर फिल्में एवं टीवी शो भी बने। वॉरेन बीटी की 1981 की फिल्म रेड्स में जैक निकोलसन ने यूजीन ओ’नील का किरदार निभाया है। इस भूमिका के लिए #EugeneONeill को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। जॉर्ज सी. व्हाइट ने 1964 में कनेक्टिकट के वाटरफोर्ड में यूजीन ओ’नील थिएटर सेंटर की स्थापना की।
यहां प्रस्तुत हैं यूजीन ओ’नील के कुछ विचारोत्तेजक, प्रेरक उद्धरण
हमने छोटी-छोटी बातों के खिलाफ इतनी लंबी लड़ाई लड़ी कि हम खुद भी छोटे हो गए।
शायद जिंदगी को दो बार जागने के बीच का एक बुरा सपना मानना ही सबसे सही होगा।
लेकिन जमीन तो जमीन है और यह वॉल स्ट्रीट के धोखेबाजों के स्टॉक्स और बॉन्ड्स से कहीं ज्यादा सुरक्षित है।
खैर, तुम चाहती थीं कि मैं नीली वर्दी वाला हीरो बनूँ, तो अब तुम्हें इसे स्वीकार कर लेना चाहिए! हत्या करने से किसी के तौर-तरीके बेहतर नहीं हो जाते!
काम को लेकर आप कभी भी जरूरत से ज्यादा सावधान नहीं हो सकते। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, यह सबसे खतरनाक आदत है।
फिर वसंत के मौसम में मेरे साथ कुछ हुआ। हाँ, मुझे याद है। मुझे जेम्स टायरोन से प्यार हो गया और कुछ समय के लिए मैं बहुत खुश था।
खुशी डरपोक लोगों से नफरत करती है! और विज्ञान भी!
आप खुद से कहेंगे, मैं बस एक बूढ़ा आदमी हूँ जो जिंदगी से डरता है, लेकिन मरने से और भी ज्यादा डरता है। तो मैं नशे में रहता हूँ और किसी भी कीमत पर जिंदगी से चिपका हुआ हूँ, तो क्या हुआ?
क्योंकि कोई भी बेवकूफ जानता है कि जो आप हासिल करना चाहते हैं, उसके लिए कड़ी मेहनत करना ही खुश रहने का एकमात्र तरीका है। लेकिन इसके आगे, सब कुछ पूरी तरह आप पर निर्भर है। आप जो करना चाहते हैं, उसे खोजने और पाने का काम आपको खुद ही करना होगा। इस मामले में आपके अलावा कोई और आपके किसी काम का नहीं है।
आप बस श्अच्छेश् ही नहीं हैं, आप तो नेक इंसान हैं।
मुझे पता है कि बात करने का कोई फायदा नहीं है। लेकिन कभी-कभी मैं बहुत अकेला महसूस करता हूँ।
अगर उस भूत के पास पैसे हैं, तो मैं उससे कहूँगा कि वह तुम्हें परेशान न करे, वरना उसके पैसे भी चले जाएँगे!
हाँ, हकीकत का कोई मतलब नहीं होता, है ना? आप जो मानना चाहते हैं, वही एकमात्र सच है! -यूजीन ओ’नील
मैं जीने से क्यों डरता हूँ, जबकि मुझे जिंदगी से शरीर की सुंदरता से, और धरती, आसमान और समंदर के जीवंत रंगों से प्यार है? मैं प्यार से क्यों डरता हूँ, जबकि मुझे प्यार से ही प्यार है? हे ईश्वर, मुझे बिना चमड़ी के क्यों पैदा किया, कि किसी को छूने या किसी के द्वारा छुए जाने के लिए मुझे कवच पहनना पड़ता है?
नहीं, मुझे लगता है कि मैं उस आदमी की तरह हूँ जो हमेशा सिगरेट के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाता रहता है। उसके पास सिगरेट बनाने का कोई सामान नहीं है, बस उसकी आदत है।
एडमंड, मैं कसम खाकर कहता हूँ कि अगर मैं पीछे मुड़कर देखूँ और पाऊँ कि मैं एक बेहतरीन कलाकार बन सकता था, तो मैं खुशी-खुशी यह सब सहने को तैयार हूँ, कि मेरे पास अपनी जमीन का एक टुकड़ा न हो, बैंक में एक पैसा न हो, और बुढ़ापे में रहने के लिए कोई घर न हो, सिवाय एक आश्रय-गृह के।
सिर्फ वही अतीत सच है, जब आप खुश थे।
लिखना, मेरे लिए जिंदगी जीने से एक तरह की छुट्टी है।
जिंदगी का दुख ही उसे सार्थक बनाता है। मुझे लगता है कि कोई भी जिंदगी, जो जीने लायक है, वह किसी सपने को पूरा करने की कोशिश में ही निहित है, और सपना जितना बड़ा होता है, उसे पूरा करना उतना ही मुश्किल होता है। हम सबके पास अपने सपने जरूर होने चाहिए। अगर किसी के पास सपने नहीं हैं, तो समझो वह मरे हुए के बराबर है। असली सफलता तो विफलता में ही छिपी है। जिस भी इंसान का सपना काफी बड़ा होता है, उसे असफल होना ही पड़ता है और उसे इसे जीवित रहने की एक शर्त के रूप में स्वीकार करना ही होगा। अगर वह कभी एक पल के लिए भी यह सोच ले कि वह सफल हो गया है, तो समझो उसका काम तमाम हो गया।
मैं निराशावादी बिल्कुल नहीं हूँ बल्कि इसके उलट, अपने जख्मों के बावजूद, मैं जिंदगी को लेकर बेहद उत्साहित हूँ।
जिंदगी ने हमारे साथ जो कुछ भी किया है, उसे हम बदल नहीं सकते। ये सब तब हो जाता है जब हमें पता भी नहीं चलता, और एक बार जब ये हो जाए, तो ये हमें और भी कई काम करने पर मजबूर कर देते हैं। आखिरकार, आपके और आपके असली व्यक्तित्व के बीच इतनी रुकावटें आ जाती हैं कि आप हमेशा के लिए अपना असली रूप खो बैठते हैं।
मैं नाचने से क्यों डरता हूँ, जबकि मुझे संगीत, लय, नजाकत, गीत और हँसी-मजाक से इतना प्यार है? मैं जीने से क्यों डरता हूँ, जबकि मुझे जिंदगी, शरीर की सुंदरता, और धरती, आसमान व समंदर के जीवंत रंगों से इतना लगाव है? मैं प्यार करने से क्यों डरता हूँ, जबकि मुझे प्यार से ही इतना प्यार है?
जिज्ञासा ने बिल्ली को मार डाला, और संतुष्टि ने उसे वापस जिंदा कर दिया।
हमेशा नशे में रहो। बस यही मायने रखता है यही एकमात्र सवाल है। अगर आप नहीं चाहते कि समय का भयानक बोझ आपके कंधों पर लदे और आपको कुचलकर जमीन पर गिरा दे, तो हमेशा नशे में रहो। किस चीज का नशा? शराब का, कविता का, या फिर नेकी का जो भी आपको पसंद हो। बस, नशे में रहो।
किसी भी चीज पर, कभी भी, कहीं भी, और किसी भी बहाने से सेंसरशिप लगाना हमेशा से मूर्खों और कट्टर लोगों का आखघ्रिी हथियार रहा है और आगे भी रहेगा।
इंसान अधूरा पैदा होता है। वह खुद को जोड़ते-जोड़ते ही जीता है। ईश्वर की कृपा ही वह गोंद है जो उसे जोड़े रखती है।
किसी परी-कथा के मोह में फँसकर, हम अपनी पूरी जिंदगी एक जादुई दरवाजे और शांति के खोए हुए साम्राज्य की तलाश में बिता देते हैं।
यह एक बेहतरीन खेल है खुशी की तलाश।
बीता हुआ कल ही आज है, है ना? और यही आने वाला कल भी है। हम सब इससे झूठ बोलकर बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन जिंदगी हमें ऐसा करने नहीं देती।
इंसान का अकेलापन असल में जिंदगी से उसके डर का ही दूसरा नाम है।
हम उसी चीज से बने हैं जिससे कूड़ा-करकट बनता है, तो चलो, शराब पिएँ और इस बात को भूल जाएँ।
कैथलीन, मुझे कोहरे से कोई दिक्कत नहीं थी। मुझे तो कोहरा बहुत पसंद है। यह आपको दुनिया से और दुनिया को आपसे छिपा लेता है। आपको ऐसा लगता है कि सब कुछ बदल गया है, और अब कुछ भी वैसा नहीं रहा जैसा पहले दिखता था। अब कोई तुम्हें ढूँढ़ नहीं सकता, न ही छू सकता है।
भाड़ में जाए सच! दुनिया का इतिहास गवाह है कि सच का कोई मोल नहीं होता। वकीलों की भाषा में कहें तो, यह बेमतलब और गैर-जरूरी है। एक हसीन सपने का झूठ ही हम जैसे पागलों और भटके हुए लोगों को जिंदा रखता है चाहे हम नशे में हों या होश में।
मान लो मैं तुमसे कहूँ कि मुझे बस खूबसूरती बुला रही है दूर और अनजान जगहों की खूबसूरतीय वह रहस्य और जादू जो मुझे अपनी ओर खींचता है, खुली और विशाल जगहों की आजादी की चाहय बस यूँ ही भटकते रहने का आनंद उस राज की तलाश में जो क्षितिज के पार कहीं छिपा है?
जिंदगी एक ऐसी कोठरी है जिसकी दीवारें आईने हैं।
जैसे किसी संत को परम आनंद का दर्शन हो जाए। जैसे किसी अदृश्य हाथ ने दुनिया के सामने पड़े पर्दे को हटा दिया हो। एक पल के लिए तुम देख पाते हो और उस राज को देखते ही, तुम खुद भी वही राज बन जाते हो। एक पल के लिए जिंदगी का कोई मतलब समझ आता है! फिर वह हाथ पर्दा गिरा देता है और तुम फिर से अकेले रह जाते हो, धुंध में खो जाते हो, और बिना किसी ठोस वजह के, बस कहीं न कहीं की ओर लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ते रहते हो!
एडमंड, मेरा इंसान के रूप में पैदा होना ही एक बहुत बड़ी गलती थी, इससे कहीं बेहतर होता अगर मैं एक समुद्री पक्षी या मछली होता। सच तो यह है कि मैं हमेशा एक अजनबी ही रहूँगा, जिसे कभी अपनापन महसूस नहीं होता, जो असल में कुछ चाहता भी नहीं और जिसे कोई चाहता भी नहीं, जो कभी किसी का नहीं हो सकता, और जिसे हमेशा मौत से थोड़ा-बहुत प्यार तो रहेगा ही!
मैंने मूर्खता के साथ खूब नाच किया है, और मैं इसका दोष लेने से भी नहीं कतराता।
मैंने जिंदगी की शराब का घूँट भरा है और बदले में शर्मिंदगी उठाई है।
लेकिन मुझे पता है कि मुझे सुकून जरूर मिलेगा, वह शांति जिसकी मेरी आत्मा को तलाश है,
वहाँ, जहाँ पानी की बौछारों के बीच इंद्रधनुष खेलते हैं,
और लहरों के खारे चुंबन के बीच।
पागलपन का दृश्य। ओफेलिया का प्रवेश!
तुमने कहा था कि उन्हें खुशी का राज मिल गया है, क्योंकि उन्होंने कभी यह नहीं सुना था कि प्यार करना कोई पाप हो सकता है।
कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें बताने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं उन्हें लोगों की आँखों में ही पढ़ लेता हूँ। मुझे लगता है कि तुम्हारे साथ दिक्कत यह है कि तुम अभी भी बहुत ज्यादा दूसरों पर निर्भर हो। तुम बाहर से बहुत ज्यादा उम्मीदें रखते हो, जबकि खुद से बहुत कम अपेक्षा करते हो। तुम्हें लगता है कि कोई और तुम्हारे लिए सब कुछ आसान और सुगम बना देगा। लेकिन अब तुम इतने बड़े हो चुके हो और दुनिया को इतना देख चुके हो कि तुम्हें समझ जाना चाहिए कि इस तरह से तुम कहीं नहीं पहुँच पाओगे। तुम वही बनोगे जो तुम खुद को बनाओगे, और यह काम तुम्हें पूरी तरह से अकेले और खुद ही करना होगाकृचाहे तुम स्कूल में पढ़ रहे हो या कोई नौकरी कर रहे हो।
सीधे शब्दों में कहें तो, तुम जो भी काम हाथ में लो, उसे सीखने का पक्का इरादा कर लो, अपना पूरा ध्यान उसी पर लगाओ और सच में उस पर मेहनत करो। इसमें कोई बहुत बड़ी बुद्धिमानी नहीं हैय दुनिया का कोई भी मूर्ख इंसान भी यह बात जानता है चाहे बात घोड़े पालने की हो या नाटक लिखने की। तुम्हें बस यह स्वीकार करना होगा कि तुम्हें बिल्कुल शुरुआत से (नीचे से) काम शुरू करना होगा और इसे सीखने में कई साल लगाने होंगे।
मुझे पता था। मुझे पता था। एक होटल के कमरे में पैदा हुआ और धत् तेरे की एक होटल के कमरे में ही मर गया।”
बीता हुआ कल ही आज है, है ना? और यही आने वाला कल भी है।
मुझे डॉक्टरों से नफरत है! वे तुम्हें अपने पास बुलाते रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं यहाँ तक कि अपनी आत्मा तक बेच सकते हैं। और तो और, वे तुम्हारी आत्मा भी बेच देंगे, और तुम्हें तब तक पता भी नहीं चलेगा जब तक कि एक दिन तुम खुद को नर्क में न पाओ।
कोई भी मूर्ख इंसान यह जानता है कि जो तुम हासिल करना चाहते हो, उसके लिए कड़ी मेहनत करना ही खुश रहने का एकमात्र तरीका है।
कम से कम यह पूरी तरह से यथार्थवादी तो होगा। हकलाना हम जैसे धुंध में रहने वाले लोगों की स्वाभाविक वाक्पटुता है। -यूजीन ओ’नील
हमारी गरीबी में कोई रोमांटिक बात नहीं थी।
Life is a kind of room where the walls are mirrors — Thought-provoking quote by Eugene O’Neill, the American playwright and Nobel laureate in Literature