
14 सितंबर 1991 को वाशिंगटन हाइट्स, न्यूयॉर्क में अग्रणी अमेरिकी कला इतिहासकार, फोटोग्राफर, पत्रकार, लेखक और हार्पर पत्रिका के प्रबंध संपादक रसेल लाइन्स (जन्म 2 दिसंबर 1910 ग्रेट बैरिंगटन, मैसाचुसेट्स) का निधन हुआ। उनका चिंतन बहुत गहन था। रसेल लिन्स पहले हार्पर्स मैगजीन में असिस्टेंट एडिटर और 1947 में मैनेजिंग एडिटर बने। इस पद पर #RussellLynes अगले बीस सालों तक रहे। लाइन्स को ऐतिहासिक चीजों को सुरक्षित रखने में दिलचस्पी थी उन्होंने द टेस्टमेकर्स और हार्पर्स के फरवरी 1965 के अंक में फ्रेडरिक चर्च के घर ओलाना (अपस्टेट न्यूयॉर्क) पर मंडरा रहे खतरे के बारे में खास और असरदार ढंग से लिखा था।
रसेल लाइन्स के कुछ प्रेरक, व्यंग्यपूर्ण, तीखे और विचारणीय उद्धरण यहां प्रस्तुत हैं
किसी भी लेखक को संपादित होना उतना नापसंद नहीं होता जितना उसे प्रकाशित न होना।
मैं आपसे सहमत होता, लेकिन तब हम दोनों ही गलत होते।
क्या आप हमेशा इतने मूर्ख होते हैं या आज कोई खास कोशिश कर रहे हैं?
दिमाग ही सब कुछ नहीं है। दरअसल आपके मामले में तो यह कुछ भी नहीं है।
जिस किसी ने भी आपको खघ्ुद बने रहने के लिए कहा हो, वह आपको इससे बुरी सलाह नहीं दे सकता।
अपने मन को भटकने न दें यह इतना छोटा है कि इसे अपने आप बाहर नहीं निकाला जा सकता।
मुझे नहीं पता कि आपको इतना मूर्ख क्या बनाता है, लेकिन यह सचमुच काम करता है।
जरूर, मुझे आपकी मदद करने में खुशी होगी…अब, आप किस तरफ से आए हैं?
आपको बेवकूफ कहना सभी बेवकूफ लोगों का अपमान होगा।
छलावरण एक ऐसा खेल है जिसे हम सभी खेलना पसंद करते हैं, लेकिन हमारे राज उतने ही जाहिर होते हैं जितना कि हम जो दिखाना चाहते हैं उससे, जितना कि हम जो छिपाना चाहते हैं उससे।
आपके गाँव से अभी फोन आया है। उन्हें एक बेवकूफ की कमी खल रही है।
टेनिस एक ऐसी लत है जो एक बार पूरी तरह लग जाए, तो आदमी उसे छोड़ता नहीं।
अगर आप आईक्यू टेस्ट लें, तो नतीजे नेगेटिव होंगे।
हाँ, मैंने आपके जैसे लोगों को पहले भी देखा है, लेकिन मुझे यह बात माननी पड़ी।
बौद्धिक रूप से अपंग व्यक्ति के लिए बुद्धि का विकल्प निराशावाद है। यह बेईमान व्यापारी के लिए विवेक का विकल्प है। यह संचारक के लिए, चाहे वह विज्ञापनदाता हो, संपादक हो या लेखक, आत्म-सम्मान का विकल्प है।
माफ करना, मैं थोड़ा व्यस्त हूँ। क्या मैं आपको बाद में अनदेखा कर सकता हूँ?
दोस्त कभी आपके बारे में कोई धारणा नहीं बनाते। वे आपके साथ बाहर जाने का कोई कारण नहीं चाहते। दरअसल दोस्त आपसे बस यही उम्मीद करते हैं कि आप वही रहें जो आप हैं।
नमस्ते, मैं एक इंसान हूँ! आप क्या हैं?
कला की दुनिया हमेशा आरामदायक नहीं होती, लेकिन यह कभी उबाऊ भी नहीं होती। यह आश्चर्यों, हास्य, बेखबर लोगों के लिए जाल और आत्मसंतुष्टि की चुनौतियों से भरी है। यह मनोदशाओं के साथ-साथ रहस्योद्घाटन, विश्वासों और भय, अप्रिय सत्य के साथ-साथ स्वादिष्ट कल्पना की दुनिया है। शायद यह कहना अहंकार होगा कि जो कोई इस दुनिया में कदम नहीं रखता, वह जीवन में केवल आधी रुचि रखता है। फिर भी, मैं यह कहता हूँ।
अपनी कमियों को ईमानदारी से स्वीकार करना हमेशा अच्छा होता है, लेकिन अपने दोस्तों की कमियों को विनम्रता से अविश्वास के साथ देखना चाहिए।
अपने लचीलेपन के बावजूद, टेलीविजन स्वाद को आकार देने वाला नहीं, बल्कि उसका दर्पण है।
अपमान को शालीनता से स्वीकार करने का एकमात्र तरीका है उसे नजरअंदाज करना, यदि आप उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते, तो उससे बेहतर कुछ कर दिखाएँय यदि आप उससे बेहतर नहीं कर सकते, तो उस पर हँस दें, यदि आप उस पर हँस नहीं सकते, तो शायद आप उस अपमान के हकदार थे।
असली घमंडी व्यक्ति कभी आराम नहीं करता, हमेशा कोई न कोई ऊँचा लक्ष्य हासिल करना होता है, और उसी के साथ-साथ, हमेशा ऐसे और भी लोग होते हैं जिन्हें नीची नजर से देखा जा सके।
हर पत्रकार के भीतर एक उपन्यास छिपा होता है, और उसके लिए वही सबसे अच्छी जगह है। -रसेल लाइन्स
Thought-provoking quote by American art historian, photographer, and writer Russell Lynes
समाचार पत्र / पत्रिका प्रकाशन, समाचार पोर्टल, फेसबुक पेज, यूट्यूब चैनल, कंटेंट राइटिंग इत्यादि कार्यों, रिपोर्टर बनने के लिए संदेश के जरिये व्हाट्सऐप 9045290693 पर संपर्क करें। धन्यवाद ! -एपी भारती (पत्रकार, रुद्रपुर, उत्तराखंड)

