
29 जुलाई 1904 को पेरिस, फ्रांस में जे. आर. डी. टाटा (जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा) का जन्म हुआ। जे. आर. डी. टाटा फ्रांसीसी मूल के भारतीय उद्योगपति, परोपकारी, एविएटर और टाटा समूह के अध्यक्ष बने। भारत के टाटा परिवार के सदस्य जे. आर. डी. टाटा प्रसिद्ध व्यवसायी रतनजी दादाभाई टाटा और उनकी पत्नी सुजैन ब्रिएरे के पुत्र थे। #JRDTata भारत के प्रथम विमान चालक यानी पायलट लाइसेंस प्राप्त करने वाले व्यक्ति बने। उन्होंने विमानन कंपनी की स्थापना कर यात्री विमान सेवा प्रारंभ की। जे. आर. डी. टाटा ने कई बड़े उद्यम भारत में स्थापित किए। उनका निधन 29 नवंबर 1993 को (आयु 89 वर्ष) जिनेवा, स्विट्जरलैंड में हुआ।
जे. आर. डी. टाटा के कुछ प्रेरक, विचारणीय उद्धरण यहां प्रस्तुत हैं
उत्पादकता और दक्षता केवल निरंतर कड़ी मेहनत, बारीकियों पर निरंतर ध्यान और गुणवत्ता और प्रदर्शन के उच्चतम मानकों पर जोर देकर ही चरणबद्ध तरीके से प्राप्त की जा सकती है।
गहन विचार और कड़ी मेहनत के बिना कोई भी सार्थक उपलब्धि कभी हासिल नहीं होती।
हमेशा पूर्णता का लक्ष्य रखें, तभी आप उत्कृष्टता प्राप्त कर पाएँगे।
असामान्य विचारक उस चीज का पुनः उपयोग करते हैं जिसे सामान्य विचारक अस्वीकार करते हैं।
भौतिक दृष्टि से कोई भी सफलता या उपलब्धि तब तक सार्थक नहीं होती जब तक कि वह देश और उसके लोगों की जरूरतों या हितों की पूर्ति न करे और निष्पक्ष व ईमानदार तरीकों से हासिल न की जाए।
पैसा खाद की तरह है। जब आप इसे ढेर करते हैं तो यह बदबूदार हो जाता है, जब आप इसे फैलाते हैं तो यह बढ़ता है।
अच्छे मानवीय संबंध न केवल बेहतरीन व्यक्तिगत लाभ लाते हैं, बल्कि किसी भी उद्यम की सफलता के लिए आवश्यक भी होते हैं।
नेता बनने के लिए, आपको लोगों का स्नेह से नेतृत्व करना होगा।
मैं नहीं चाहता कि भारत एक आर्थिक महाशक्ति बने। मैं चाहता हूँ कि भारत एक खुशहाल देश बने।
अगर मेरी कोई खूबी है, तो वह है लोगों के साथ, उनके तौर-तरीकों और विशेषताओं के अनुसार, मिल-जुलकर रहना। कभी-कभी इसमें खुद को दबाना भी शामिल होता है। यह दर्दनाक है, लेकिन जरूरी भी है।
हमारी ज्यादातर परेशानियाँ खराब क्रियान्वयन, गलत प्राथमिकताओं और अप्राप्य लक्ष्यों के कारण होती हैं।
गुणवत्ता पहले तैयार की जाती है, उसके बाद ही उसका निरीक्षण किया जाता है।
अगर आप उत्कृष्टता चाहते हैं, तो आपको पूर्णता का लक्ष्य रखना होगा। यह आपको उन बारीकियों में जाने पर मजबूर करता है जिनसे आप बच सकते हैं। यह आपकी बहुत ऊर्जा लेता है, लेकिन यही एकमात्र तरीका है जिससे आप अंततः उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, इस लिहाज से, नखरेबाज होना जरूरी है।
जिंदगी थोड़ी खतरनाक तरीके से जियो।
सफाई उत्तम मानकों की पहचान है और सर्वोत्तम गुणवत्ता निरीक्षक विवेक है।
स्टील बनाने की तुलना चपाती बनाने से की जा सकती है। अच्छी चपाती बनाने के लिए, सोने की पिन भी तब तक काम नहीं करेगी जब तक आटा अच्छा न हो। -जे. आर. डी. टाटा
Always aim for perfection; only then will you achieve excellence. An inspiring quote by industrialist, philanthropist, aviator, and businessman J.R.D. Tata
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