
7 जून 1935 को अल्मा, जॉर्जिया में हैरी यूजीन क्रूज का जन्म हुआ। हैरी यूजीन प्रसिद्ध अमेरिकी उपन्यासकार, लघु कथा लेखक और निबंधकार बने। हैरी यूजीन हिंसक और अजीब किरदारों का इस्तेमाल करते थे और उनकी कहानियों की सेटिंग डीप साउथ (अमेरिका का दक्षिणी इलाका) के इलाकों में होती थी। यहां पेश हैं हैरी यूजीन के कुछ उद्धरण, इन्हें पढ़िए, सोचिए, समझिए, जो सही लगे उसे आत्मसात करने का प्रयत्न कीजिएगा, इनसे कुछ सीखने को तो आपको मिलेगा ही।
एक कलाकार दुनिया को अपना काम देता है, न कि जीने का कोई आदर्श।
किसी भी तरह के निशान में कुछ तो खूबसूरती होती है। निशान का मतलब है कि दर्द खत्म हो गया है, घाव भर गया है और ठीक हो गया है।
एक समय ऐसा था जब बस एक ही फैसला करना होता था, रात का क्या किया जाए।
मुझे लगता है कि हम सब ऐसी चीज की तलाश में हैं जिसमें कोई दिखावा या झूठ न हो… अगर आप मुझसे कहें कि आप 450 पाउंड का बेंच प्रेस कर सकते हैं, तो हम बार पर वजन डालेंगे और आपको उसके नीचे लिटा देंगे। या तो आप यह कर सकते हैं या नहीं, आप झूठ नहीं बोल सकते। असल में, खेल ही इस दुनिया में सच के सबसे करीब हैं।
अगर आप उपन्यास या कहानी लिखने के लिए, या उन हजारों किताबों को पढ़ने के लिए समय का इंतजार करते हैं जिन्हें आपको पहले ही पढ़ लेना चाहिए था, अगर आप समय का इंतजार करते रहेंगे, तो आप कभी ऐसा नहीं कर पाएँगे। क्योंकि समय कभी नहीं मिलता, दुनिया नहीं चाहती कि आप ऐसा करें। दुनिया चाहती है कि आप चिड़ियाघर जाएँ और कॉटन कैंडी खाएँ, और हो सके तो हफ्ते के सातों दिन ऐसा ही करें।
अगर आप किसी चीज से प्यार करते हैं, तो उसे आजाद छोड़ दें, अगर वह आपसे प्यार करती है, तो वह आपके पास वापस आ जाएगीध्अगर नहीं आती, तो उसका शिकार करें और उसे मार डालें।
किसी आदमी के लिए यह अच्छी बात है कि उसे इस दुनिया में किसी चीज की जरूरत हो। मैं ऐसे आदमी पर भरोसा नहीं करूँगा जो बिना नशे के (पूरी तरह होश में रहकर) जिंदगी गुजार ले।
मैं पहली बार सियर्स कैटलॉग से प्रभावित हुआ था क्योंकि उसके पन्नों पर मौजूद सभी लोग एकदम सही-सलामत थे। जिन लोगों को मैं जानता था, उनमें से लगभग हर किसी के शरीर का कोई न कोई हिस्सा कटा-फटा था, किसी की उंगली कटी थी, किसी का पैर का अंगूठा कटा था, किसी का कान आधा कटा था, तो किसी की आँख में बाड़ के तार की चोट से धुंधलापन आ गया था। और अगर उनके शरीर का कोई हिस्सा कटा-फटा नहीं भी था, तो भी उन पर कँटीले तारों, चाकुओं या मछली पकड़ने वाले काँटों के निशान जरूर थे। लेकिन कैटलॉग में मौजूद लोगों को ऐसी कोई चोट नहीं लगी थी। वे न सिर्फ पूरी तरह सही-सलामत थे, उनके हाथ-पैर और आँखें बिना किसी निशान के सही थे, बल्कि वे सुंदर भी थे।
जिंदा बच जाना ही बहुत बड़ी जीत है।
लेखक अपना सारा समय उन्हीं चीजों के बारे में सोचने में बिताते हैं जिनके बारे में आम लोग सोचना तक नहीं चाहते। वहाँ देखने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए जहाँ आपको देखना है, यानी अपने अंदर, अपने अनुभवों में, दूसरे लोगों के साथ अपने रिश्तों में, धरती के साथ अपने रिश्ते में, आत्मा या उस मूल कारण के साथ अपने रिश्ते में, इन सब को देखना और उनसे कुछ बनाना।
शक इंसान को बेहतर बनाता है।
किसी और में अपना सूरज उगते और डूबते देखने के खिलाफ एक कानून होना चाहिए।
लेखक का काम है खुद को पूरी तरह खोल देना,
कुछ भी न छिपाना।
किसी भी चीज से नजर न हटाना।
उसे देखना।
पलकें न झपकाना।
उससे शर्मिंदा या लज्जित न होना।
सब कुछ हटाकर उस जगह पहुँचना जहाँ खून और हड्डियाँ हैं।
उसे कपड़ों और दूसरी चीजों, यानी ऐशो-आराम से छिपाने के बजाय!
शराब ने मुझे बुरी तरह हराया। शराब और मैंने साथ में बहुत-बहुत शानदार पल बिताए। हम हँसे, बातें कीं, पार्टी में साथ नाचे, फिर एक दिन मैं जागा तो बैंड घर जा चुका था और मैं टूटे हुए कांच के बीच पड़ा था, मेरी शर्ट उल्टी से भरी थी और मैंने कहा, अरे यार, खेल खत्म हो गया।
जिन लोगों के लिए भगवान मर चुके हैं, वे एक-दूसरे की पूजा करते हैं।
जहाँ तक मैं देख सकता हूँ, दुनिया में कोई भी अच्छा काम कभी भी परफेक्ट या संतुलित लोगों ने नहीं किया है। अच्छे काम वे लोग करते हैं जिनके व्यक्तित्व में खुरदरापन और कमियाँ होती हैं, क्योंकि वे किनारे चीजों को काटते हैं और एक छाप या डिजाइन छोड़ जाते हैं।
उसे किसी एक चीज से डर नहीं लगता था। उसे हर चीज से डर लगता था। उसकी जिंदगी से। उसकी जिंदगी उसे डराती थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह बाकी जिंदगी कैसे गुजारेगा।
वह जिन लोगों को जानता था, वे सभी बहुत छोटी रस्सी से बंधे होने के कारण धीरे-धीरे पागल हो रहे थे।
मैं परफेक्ट नहीं हूँ। यह बात एक ही साँस में निकल गई। देखो, मुझे लगता था कि मैं हूँ। शुक्र है कि मैं नहीं हूँ। देखो, परफेक्ट चीज के बचने का कोई मौका नहीं होता। दुनिया उसे खत्म कर देती है, हर परफेक्ट चीज को। (उसकी बात सुनो!) अब देखो, जो चीज परफेक्ट नहीं होती, वह खरपतवार की तरह बढ़ती है। हाँ, खरपतवार की तरह ! जो चीज परफेक्ट नहीं होती, उसे तालियाँ और मुस्कानें मिलती हैं, और वह आसानी से जीत जाती है। लेकिन अगर आप परफेक्ट हैं, तो दुनिया आपके लिए सही नहीं है। हो सकता है कि तुम सीधे किसी दीवार से जा टकराओ। यह आत्महत्या जैसा लगेगा। आस-पास के लोग कहेंगे, देखो, यह तो आत्महत्या है!
मैंने कभी जिंदगी का मजा नहीं लिया। मुझमें मजा लेने की काबिलियत ही नहीं है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जिंदगी का ज्यादा मजा नहीं ले पाते।
उसे पहली बार एहसास हुआ और उसने मान लिया कि कल भी हालात वैसे ही रहेंगे। या हमेशा वैसे ही रहेंगे। कुछ लोगों के लिए हालात बदल जाते हैं। लेकिन कुछ के लिए नहीं बदलते। वैसे, करने के लिए बहुत कुछ था। उनमें से एक था, यह दिखावा करने की कोशिश में पागल हो जाना कि एक दिन सब कुछ बदल जाएगा।
उसकी आवाज ठेठ देहाती और दमदार थी, थोड़ी नशे में डूबी हुई, थोड़ी शिकारी कुत्ते जैसी, और थोड़ी फरिश्ते जैसी।
वह कहता था, एक ऐसी औरत ढूँढो जो तुम्हारे साथ पूरी तरह फिट बैठे, और फिर तुम कभी पहले जैसे नहीं रहोगे। तुम्हें कभी सुकून नहीं मिलेगा। देखो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वह तुम्हारी बेइज्जती करती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वह तुमसे झूठ बोलती है, तुम्हें चोट पहुँचाती है, तुम्हारे मुँह पर थूकती है, या दूसरे मर्दों के साथ सोती है। तुम बस यही जानना चाहोगे, क्या तुम मेरे पास वापस आ रही हो? क्या तुम मुझे एक बार फिर उस जबरदस्त औरत के साथ सोने दोगी? बस एक बार और उस औरत के साथ, जिसके साथ तुम पूरी तरह फिट बैठते हो, यही तुम्हारी एकमात्र चाहत होगी। चाहे परिवार बर्बाद हो जाए, तुम खुद बर्बाद हो जाओ, किसी चीज से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
आप ऐसा टैटू बनवाते हैं और ऐसे बाल कटवाते हैं, और ऐसी शर्ट पहनते हैं जिससे टैटू दिखेय फिर जब आप लोगों के बीच जाते हैं, तो आपको नफरत, नापसंदगी और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुईश् वाला भाव महसूस होता है। आप इसे वैसे ही महसूस कर सकते हैं जैसे चूल्हे से गर्मी निकलती है। और मैं उनसे बस यही पूछना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्या किया है, मैंने ऐसा क्या किया है जिससे आपको इतनी तकलीफ हुई? मैंने आपसे अपने बाल ऐसे कटवाने के लिए नहीं कहा। मैंने आपसे यह नहीं पूछा कि आपको यह कैसा लगा, या आप इसे मंजूरी दें। तो आप मेरे बारे में ऐसा क्यों सोचते हैं? अगर आप मेरे टैटू और मेरे बालों के स्टाइल से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने तय कर लिया है कि बालों के साथ कुछ चीजें की जा सकती हैं और कुछ नहीं। और उनमें से कुछ चीजें सही, उचित और अच्छी हैं, जबकि बाकी चीजें एक बिगड़े हुए, बुरे स्वभाव को दिखाती हैं, इसलिए मैं बिगड़ी हुई और बुरी हूँ। सिर्फ इसलिए कि मैंने अपने बाल अलग तरह से कटवाए हैं? क्या आप सच में अपनी जिंदगी ऐसे ही जिएंगे? आपको क्या हो गया है?
उसे अपने स्तनों के बीच साँप का एहसास हुआ, वहाँ उसकी मौजूदगी महसूस हुई, और उसे वह साँप पसंद आया, कुंडली मारे हुए एस के आकार में अकड़ा हुआ, हमला करने के लिए तैयार। उसे यह बहुत पसंद था कि साँप उसके वी-नेक वाले स्वेटर पर सिला हुआ जैसा दिखता था, और धूप में उसका सख्त डायमंड-बैक पैटर्न चमकता था। मिस्टिक, जॉर्जिया में नवंबर की शुरुआत के हिसाब से मौसम असामान्य रूप से गर्म था, लगभग साठ डिग्री और उसे अपने पसीने की हल्की मस्क वाली गंध आ रही थी। उसे पसीना अच्छा लगता था, शरीर के जोड़ों, हड्डियों और मजबूत मांसपेशियों में तेल की तरह चिकना महसूस होना पसंद था, मांसपेशियाँ जो अब खिंची हुई और तैयार थीं, झपट्टा मारने या हमला करने के लिए, खासकर तब जब पीछे बज रहा बैंड स्कूल का गाना शुरू करता, ओल्ड मिस्टिक हाई के खतरनाक रैटलर्स, लड़ते रहो।
उसने जो भी काम किया, उसमें उसे चोट ही लगी। उसे इसकी उम्मीद थी, बल्कि वह ऐसा चाहता भी था। दर्द से ज्यादा कोई चीज इंसान को केंद्रित नहीं करती। अपने ही खून का स्वाद चखने से ज्यादा कोई चीज फालतू की बकवास को दिमाग से नहीं निकालती। डफी हमेशा उन लोगों से कहता था जो अपने बच्चों के भविष्य, भगवान या ब्रह्मांड की व्यवस्था को लेकर परेशान रहते थे कि जाओ और अपनी एक-दो पसलियाँ तुड़वा लो। कुछ पसलियाँ टूटने पर बच्चों, भगवान और ब्रह्मांड की व्यवस्था से जुड़े सारे विचार दिमाग से गायब हो जाते थे। डफी का मानना था कि टूटी पसलियों वाले किसी भी व्यक्ति को बेवजह की चिंता नहीं सताती। यह तरीका मनोचिकित्सक के पास जाने से सस्ता और कम अपमानजनक था।
अगर आप संवेदनशील इंसान हैं, अगर आप चीजों को गहराई से महसूस करते हैं और मुझे नहीं लगता कि आप लेखक बन सकते हैं जब तक कि आप चीजों को सिर्फ पल भर के लिए नहीं, बल्कि अपने भीतर गहराई से महसूस न करें, तो इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। मुझे नहीं लगता कि आप कोई अहम या काबिल लेखक बन सकते हैं जब तक कि आपको खुद पर, अपने कामों पर, अपनी पहचान पर और जिन्हें आपने दुख पहुँचाया है, उन पर गहरे शक न हों। और इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। यानी, हर चीज की कीमत चुकानी पड़ती है। आखिर में बस वही बचता है जो हम सबको मिलना है मौत का अनुभव करने का मौका।
गोरे लोग खतरनाक थे और साँप भी खतरनाक थे, और अब दोनों मिलकर काम कर रहे थे, हर कोई वही कर रहा था जो दूसरा कहता था। उसे पक्का यकीन था कि उसने खरपतवार से भरी एक खाई में एक ऐसा साँप देखा था जिसका सिर किसी गोरे आदमी जैसा था। बिग जो के घर जाते समय, जैसे ही वह घर से बाहर निकली, हालाँकि वह बात वह तुरंत भूल गई थी, उसने खाई में एक लंबा, काला और डायमंड-पैटर्न वाला साँप देखा जिसका सिर किसी गोरे आदमी का था। उसकी आँखें नीली थीं। इतनी नीली आँखें जो किसी गोरे आदमी की कभी नहीं होतीं। उसे यकीन था कि उसने उसे देखा था। उसे लगा कि उसने उसे देखा था। हो सकता है कि यह सिर्फ कोई सपना हो या किसी और समय की याद। जो भी हो, जब भी वह आँखें बंद करती, उसे वह अब भी दिखाई देता था। उसकी आँखें, उसकी पलकों के पीछे वहाँ लिपटी हुई नीली और खतरनाक। -हैरी यूजीन
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