11 जून 1572 को लंदन, इंग्लैंड में बेन जॉनसन का जन्म हुआ। बेन जॉनसन प्रसिद्ध अंग्रेजी अभिनेता, कवि और नाटककार बने। जॉनसन की कला ने अंग्रेजी कविता और स्टेज कॉमेडी पर गहरा और स्थायी प्रभाव डाला। उन्होंने कॉमेडी ऑफ ह्यूमर्स को लोकप्रिय बनाया। मुख्य रूप से अपने व्यंग्यात्मक नाटकों – एवरी मैन इन हिज ह्यूमर, वोल्पोन ऑर द फॉक्स,, द अल्केमिस्ट और बार्थोलोम्यू फेयर अपनी गीतात्मक और सूक्तिपूर्ण कविताओं के लिए बेन जॉनसन को चर्चा और सराहना मिली। उन्हें जेम्स प्रथम के शासनकाल में विलियम शेक्सपियर के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण अंग्रेजी नाटककार माना जाता है। जॉनसन इंग्लिश रेनेसां (पुनर्जागरण) के दौर के एक शास्त्रीय रूप से शिक्षित, खूब पढ़े-लिखे और सुसंस्कृत व्यक्ति थे, जिन्हें विवादों (व्यक्तिगत और राजनीतिक, कलात्मक और बौद्धिक) में दिलचस्पी थी। जैकोबियन युग (1603-1625) और कैरोलिन युग (1625-1642) के नाटककारों और कवियों पर उनका सांस्कृतिक प्रभाव लाजवाब था।
बोलना और अच्छी तरह बोलना दो अलग-अलग बातें हैं। मूर्ख व्यक्ति बातें करता है, लेकिन बुद्धिमान व्यक्ति बोलता है।
डर का कैदी होने से बड़ा कोई नर्क नहीं है।
किसी के बारे में आप यह जानकर कुछ नहीं सीखते कि वे लड़ाई कैसे जीतते हैं, बल्कि आप उनके बारे में सब कुछ तब सीखते हैं जब वे हारते हैं और फिर से वापसी करते हैं।
सच्ची खुशी दोस्तों की संख्या में नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और चुनाव में होती है।
शांति बस एक विचार की दूरी पर होती है।
अपनी आँखों से ही मेरे लिए जाम पियो, और मैं अपनी आँखों से वादा करूँगा, या प्याले में बस एक चुंबन छोड़ दो और मैं शराब नहीं माँगूँगा।
धर्म इंसानों को कितना बड़ा मूर्ख बना देता है।
जो बुराई को नहीं जानते, वे किसी पर शक भी नहीं करते।
जो व्यक्ति केवल खुद से सीखता है, उसका गुरु एक मूर्ख होता है।
जब उम्मीद खत्म हो जाए तब संघर्ष करना! जब जीवन का मजा खत्म हो जाए तब जीना! उस सपने में रहना जो गायब हो चुका है, सहना, और शांति से आगे बढ़ते रहना।
किसी व्यक्ति के अच्छा लिखने के लिए तीन चीजें जरूरी हैं, बेहतरीन लेखकों को पढ़ना, बेहतरीन वक्ताओं को देखना और अपनी शैली का खूब अभ्यास करना।
वे किसी एक युग के नहीं, बल्कि हर युग के लिए थे!
आज पियो, और सारे दुख भुला दो, शायद कल तुम ऐसा न कर पाओ, सबसे अच्छा है कि जब तक साँसें चल रही हैं, उनका इस्तेमाल करो, मरने के बाद शराब नहीं पी जा सकती।
जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षा वफादार गुलाम बनाती है।
अर्थ को समझो और शब्दों पर ध्यान मत दो।
हमारा पूरा जीवन एक नाटक की तरह है।
राय एक हल्की, व्यर्थ, कच्ची और अधूरी चीज है।
किताबें वफादार भंडार होती हैं, जिन्हें कुछ समय के लिए नजरअंदाज या भुलाया जा सकता है, लेकिन जब उन्हें दोबारा खोला जाता है, तो वे फिर से अपनी सीख देती हैं।
बदनामी, इसका सबसे अच्छा जवाब खामोशी है।
बुजुर्गों के लिए लंबी उम्र और दौलत, युवाओं के लिए अच्छी सेहत और खुशियाँ।
कोई भी इंसान इतना समझदार नहीं होता कि अगर वह सिर्फ अपनी ही सलाह माने, तो उससे गलती न हो। जो इंसान सिर्फ खुद से ही सीखता है, उसका उस्ताद एक बेवकूफ होता है।
एक अच्छा कवि जन्म से तो होता ही है, उसे बनाया भी जाता है।
दिमाग की सभी ताकतों में याददाश्त सबसे नाजुक और कमजोर होती है।
कामयाबी से आत्मविश्वास आता है, आत्मविश्वास मेहनत को कम कर देता है, और लापरवाही उस प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देती है जो सटीकता से बनी थी। -बेन जॉनसन
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