27 अगस्त 1950 को ट्यूरिन, इटली में प्रसिद्ध इतालवी उपन्यासकार, कवि, कहानीकार, अनुवादक, साहित्य समीक्षक और निबंधकार सेसारे पावेसे (जन्म 9 सितंबर 1908 सैंटो स्टेफानो बेल्बो, इटली) का निधन हुआ। सेसारे पावेसे को अपने समय के सबसे प्रभावशाली इतालवी लेखकों में से एक माना जाता है। 1930 के दशक में पावेसे राजनीति से पृथक थे, लेकिन वे फासीवाद-विरोधी समूहों के संपर्क में थे। उन्हें राजनीतिक कैदी के तौर पर कुछ समय के लिए जेल में भी रहना पड़ा था। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उन्हें इतालवी सेना में भर्ती किया जाना था, लेकिन उन्होंने कोई सक्रिय सेवा नहीं दी। युद्ध का कुछ समय उन्होंने अस्थमा के कारण अस्पताल में बिताया। ट्यूरिन में उनके कई दोस्त पार्टिसन्स (प्रतिरोध आंदोलन) में शामिल हो गए किंतु पावेसे ने शहर के आस-पास हुए सशस्त्र संघर्ष में कोई हिस्सा नहीं लिया। युद्ध के बाद #CesarePavese इतालवी कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी के अखबार लुनिता (एल’यूनिटा) के लिए काम किया। अपने जीवन के अंतिम दिनों में सेसारे पावेसे डिप्रेशन और राजनीतिक निराशा से जूझ रहे थे। उन्होंने बार्बिट्यूरेट्स (एक तरह की दवा) की ज्यादा मात्रा लेकर आत्महत्या कर ली। लेस्ली फीडलर ने पावेसे की मौत के बारे में लिखा, इटली के लोगों के लिए, उनकी मौत का महत्व वैसा ही है जैसा हमारे लिए हार्ट क्रेन की मौत का था, एक ऐसा अर्थ जो उनके अपने काम में गहराई तक जाता है और उस दौर के साहित्य में एक प्रतीक का काम करता है। सेसारे पावेसे की आत्महत्या की घटना एक होटल के कमरे में हुई जो उनकी दूसरी आखिरी किताब ट्रा डोने सोल (अकेली महिलाओं के बीच) के आखिरी दृश्य जैसी थीं। उनकी आखिरी किताब ला लूना ई आई फालो थी, यह 1950 में इटली में प्रकाशित हुई और 1952 में लुईस सिंक्लेयर ने इसका अंग्रेजी में द मून एंड द बोनफायर्स के नाम से अनुवाद कर छपवाई। सेसारे पावेसे धार्मिक मामले में नास्तिक थे।
यहां प्रस्तुत हैं सेसारे पावेसे के कुछ प्रेरक, विचारोत्तेजक उद्धरण
हर विलासिता की कीमत चुकानी पड़ती है, और हर चीज विलासिता ही है, यहाँ तक कि इस दुनिया में होना भी।
हमें दिन याद नहीं रहते, हमें पल याद रहते हैं। जीवन की असल समृद्धि उन यादों में है जिन्हें हम भूल चुके हैं।
यात्रा करना एक क्रूरता है। यह आपको अजनबियों पर भरोसा करने और घर व दोस्तों के जाने-पहचाने आराम को भूलने पर मजबूर करता है।
आप लगातार अपना संतुलन खोते रहते हैं। जरूरी चीजों के अलावा कुछ भी आपका नहीं है, हवा, नींद, सपने, समुद्र, आसमान, ये सभी चीजें शाश्वतता की ओर ले जाती हैं या ऐसी चीजों की ओर जिनकी हम कल्पना करते हैं। बेहतरीन व्यवहार पूरी तरह बेपरवाही से पैदा होता है। शायद इसीलिए हम हमेशा उस इंसान के दीवाने हो जाते हैं जो हमारे साथ बेपरवाही से पेश आता है।
कोई भी औरत पैसे के लिए शादी नहीं करती, किसी करोड़पति से शादी करने से पहले वे इतनी समझदार होती हैं कि पहले उससे प्यार कर बैठें।
महान प्रेमी हमेशा दुखी रहते हैं, क्योंकि उनके लिए प्यार बहुत बड़ी चीज होती है और वे अपने साथी से भी वैसी ही गहरी भावना की उम्मीद करते हैं जैसी वे खुद महसूस करते हैं दृ वरना उन्हें लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है।
जो इंसान आपकी किस्मत में साथ नहीं देना चाहता, उससे सिगरेट भी नहीं लेनी चाहिए।
दुनिया में सबसे बड़ी खुशी किसी चीज की शुरुआत करना है।
जो शब्द हमें छू जाते हैं, वे हमारे मन के उस हिस्से में गूंज पैदा करते हैं जिसे हमने अपना बना लिया है यानी वह जगह जहाँ हम रहते हैं और उस कंपन से हमें अपने अंदर नई शुरुआत करने के रास्ते मिलते हैं।
जिंदगी की सारी समस्या यही है, अपने अकेलेपन से कैसे बाहर निकलें, दूसरों से कैसे जुड़ें।
इंसान किसी औरत के प्यार में खुदकुशी नहीं करता, बल्कि इसलिए करता है क्योंकि प्यार चाहे कोई भी प्यार हो हमें हमारे असली रूप में दिखाता है, हमारी बेबसी, हमारी तकलीफ, हमारी कमजोरी और हमारी कोई अहमियत न होने का एहसास कराता है।
आपको प्यार तब मिलेगा जब आप अपनी कमजोरी दिखा सकें और सामने वाला इंसान उसका फायदा उठाकर अपनी ताकत न दिखाए।
हर किसी के लिए दया है, सिवाय उनके जो जिंदगी से ऊब चुके हैं।
जिंदगी दर्द है और प्यार का मजा एक तरह का दर्द-निवारक (एनेस्थेटिक) है।
दुख का सिलसिला शुरू हो गया है। हर शाम सूरज ढलते ही मेरा दिल सिकुड़ने लगता है और रात होने तक ऐसा ही रहता है।
लेकिन सबसे बुरी बात यह है, जिंदगी का राज यह है कि जिन लोगों को हम सबसे ज्यादा चाहते हैं, उनसे यह छिपाकर रखें कि वे हमारे लिए कितने मायने रखते हैं, वरना हम उन्हें खो देंगे।
अगर यह सच है कि इंसान दुख सहने का आदी हो जाता है, तो फिर ऐसा क्यों होता है कि जैसे-जैसे साल बीतते हैं, दुख और बढ़ता जाता है? नहीं, वे लोग पागल नहीं हैं जो मजा करते हैं, जिंदगी का आनंद लेते हैं, घूमते-फिरते हैं, प्यार करते हैं, लड़ते-झगड़ते हैं, वे पागल नहीं हैं। हम भी तो यही सब करना चाहते हैं।
अगर हम खुद किसी कठोर और मुश्किल चीज को चुनते हैं, तो वह भी सुकून देने वाली होती है। लेकिन अगर वही चीज हम पर दूसरों द्वारा थोपी जाए, तो वह बहुत तकलीफदेह होती है।
जिंदगी अनुभवों की खोज नहीं, बल्कि खुद को खोजने का नाम है। जब हम अपने मूल स्वरूप को जान लेते हैं, तो हमें एहसास होता है कि यह हमारी किस्मत के अनुरूप है और हमें शांति मिलती है।
इंतजार करना भी एक काम ही है। सबसे बुरी बात यह है कि इंतजार करने के लिए कुछ भी न हो। -सेसारे पावेसे
Thought-provoking quote by the Italian novelist, poet, short story writer, translator, critic, and essayist Cesare Pavese