नई दिल्ली, सैन फ्रांसिस्को। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और थ्रेड की मालिक कंपनी मेटा को भारी फजीयत के बाद अपने नए एआई इमेज जनरेशन फीचर को लॉन्च के महज तीन दिन बाद ही बंद करना पड़ है। यह फैसला उस समय लिया गया, जब इस फीचर को लेकर दुनियाभर में प्राइवेसी से जुड़े गंभीर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया यूजर्स, प्राइवेसी विशेषज्ञों तथा कई संगठनों ने इसका विरोध किया। मेटा ने कहा कि उसका उद्देश्य लोगों को एक उपयोगी क्रिएटिव टूल उपलब्ध कराना था और उन्हें यह नियंत्रण देना था कि उनका सार्वजनिक कंटेंट इस तरह इस्तेमाल किया जा सके या नहीं। मेटा ने माना कि यूजर्स से मिले फीडबैक के आधार पर यह फीचर लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया, इसलिए इसे हटा दिया गया है।
मेटा ने 7 जुलाई को अपने इन-हाउस एआई इमेज जनरेशन मॉडल म्यूज इमेज के साथ यह फीचर लॉन्च किया था। इस फीचर के जरिए कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक (पब्लिक) इंस्टाग्राम अकाउंट का यूजरनेम लिखकर उस अकाउंट की तस्वीरों के आधार पर एआई से नई तस्वीरें तैयार कर सकता था। यह फीचर केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सार्वजनिक इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर लागू था और ऐसे सभी अकाउंट डिफॉल्ट रूप से इसमें शामिल था। मेटा ने यूजर्स को सेटिंग्स के जरिए इससे बाहर निकलने का विकल्प भी दिया था।
यूजर्स को पता चलने पर उनकी सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि जिन लोगों की #Instagram तस्वीरों का इस्तेमाल एआई इमेज बनाने के लिए किया जा रहा था, उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं दी जाती थी। यही वजह रही कि प्राइवेसी विशेषज्ञों, कलाकारों के संगठनों, टैलेंट एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस फीचर का खुलकर विरोध किया। भारत में भी इस मामले ने सरकार का ध्यान खींचा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने कहा था कि यदि इस फीचर को लेकर कोई शिकायत मिलती है तो सरकार जांच करेगी कि यह भारतीय कानूनों के अनुरूप है या नहीं।
इस बीच मेटा ने इंस्टाग्राम पर उपलब्ध एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (ई2ईई) डायरेक्ट मैसेज फीचर को भी बंद कर दिया है। कंपनी ने यूजर्स से कहा है कि यदि उनके पास कोई जरूरी मैसेज, फोटो, वीडियो या अन्य मीडिया है तो उसे पहले डाउनलोड कर लें। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ऐसी तकनीक होती है, जिसमें केवल मैसेज भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति ही संदेश पढ़ सकते हैं। इस सुविधा के हटने के बाद जरूरत पड़ने पर मेटा मैसेज, फोटो, वीडियो और वॉयस नोट्स जैसी सामग्री तक पहुंच बना सकेगी, यह यूजर्स के लिए और हानिकारक होगा। हाल के वर्षों में एआई तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ डेटा सुरक्षा और यूजर्स की निजता को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। मेटा का यह फैसला दिखाता है कि नई एआई सुविधाओं को लागू करने से पहले कंपनियों को यूजर्स की प्राइवेसी और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर अधिक सावधानी बरतनी होगी।
Meta had to shut down its Instagram AI image generation feature three days after launch; it allowed users to create images of others without their knowledge
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