
माना जाता है कि 12 जुलाई को 100 ईसापूर्व में सुबुरा, इटली में रोमन सीनेटर गायस जूलियस सीजर और उनकी पत्नी औरेलिया के बेटे गियस जूलियस सीजर का जन्म हुआ। जूलियस सीजर रोमन जनरल, राजनेता और लेखक बना और 49 से लेकर 44 ईसापूर्व अपनी हत्या तक रोमन गणराज्य के तानाशाह रहा। फर्स्ट ट्रियमविरेट (तीन नेताओं का गठबंधन) के बतौर सदस्य जूलियस सीजर ने गैलिक युद्धों में रोमन सेनाओं का नेतृत्व किया और सीजर के गृहयुद्ध में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पॉम्पी को हराया। उसने अपनी सत्ता को मजबूत किया और 44 ईसापूर्व में खुद को जीवन भर के लिए तानाशाह घोषित कर दिया, जिससे ऐसे राजनीतिक हालात बने जिनकी वजह से रोमन गणराज्य का पतन हुआ और रोमन साम्राज्य का उदय हुआ। जूलियस सीजर को अपनी ताकत का मनमान इस्तेमाल करने के कारण इतिहास के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माना जाता है। 60 ईसापूर्व में सीजर, क्रैसस और पॉम्पी ने फर्स्ट ट्रियमविरेट बनाया, एक अनौपचारिक राजनीतिक गठबंधन, कई सालों तक रोमन राजनीति पर हावी रहा। राजनीतिक शक्ति हासिल करने की जूलियस सीजर की कोशिशों का सीनेट में कई लोगों ने विरोध किया, जिनमें सिसरो के निजी समर्थन वाले केटो द यंगर भी शामिल थे। गैलिक युद्धों में लगातार सैन्य जीत हासिल करके सीजर रोमन गणराज्य का सबसे शक्तिशाली राजनेता बन गया। इन जीतों ने रोमन क्षेत्र का काफी विस्तार किया। जूलियस सीजर ने ब्रिटेन पर आक्रमण किया और राइन नदी पर एक पुल बनाया। इन उपलब्धियों और अपनी अनुभवी सेना की वफादारी के कारण पॉम्पी की स्थिति खतरे में पड़ गई। सीजर और पॉम्पी के बीच का गठबंधन टूट गया और 50 ईसापूव तक पॉम्पी ने खुद को फिर से सीनेट के साथ जोड़ लिया। जब जूलियस सीजर का कमांड समय खत्म होने वाला था और गैलिक युद्ध तकरीबन खत्म हो चुके थे तो रोमन सीनेट ने सीजर को अपना सैन्य कमांड छोड़ने और रोम लौटने का आदेश दिया। जनवरी 49 ईसापूर्व की शुरुआत में सीजर ने रूबिकॉन नदी पार करके और सेना के साथ रोम की ओर कूच करके खुलेआम सीनेट की बात मानने से इनकार कर दिया, सीनेट पर विजय हासिल की और 45 ईसापूर्व तक वा लगभग निर्विवाद अत्यंत प्रभावशाली स्थिति में आ गया।
सरकार पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने अपने कई दुश्मनों को माफ करने के बाद सीजर ने कई सुधार और सार्वजनिक कार्य किए। उन्होंने गणतांत्रिक चंद्र-सौर कैलेंडर की जगह जूलियन कैलेंडर बनाया, अनाज वितरण की मात्रा कम की, अपने अनुभवी सैनिकों को विदेशों में नई कॉलोनियों में बसाया, सीनेट का आकार काफी बढ़ाया, और स्पेन तथा आज के उत्तरी इटली के समुदायों को नागरिकता दी। 44 ईसापूर्व की शुरुआत में जूलियस सीजर को जीवन भर के लिए तानाशाह घोषित किया गया। जूलियस सीजर की शक्ति राज्य पर उनके दबदबे और उनके खुद को राजा बनाने की संभावना से डरे ब्रूटस और कैसियस के नेतृत्व में सीनेटरों के एक समूह ने 15 मार्च 44 ईसापूर्व को सीजर की हत्या कर दी। इसके बाद गृह युद्धों का एक नया दौर शुरू हुआ और रिपब्लिक की संवैधानिक सरकार कभी पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई। सीजर के भतीजे और गोद लिए गए उत्तराधिकारी ऑक्टेवियन (बाद में नाम हुआ, ऑगस्टस) ने तेरह साल बाद अपने विरोधियों को हराकर अकेले सत्ता हासिल की। फिर ऑक्टेवियन ने अपनी ताकत को मजबूत किया और रिपब्लिक को रोमन साम्राज्य में बदलकर उसका पहला सम्राट बना।
जूलियस सीजर कुशल वक्ता, लेखक और टिप्पणीकार था। उसके जीवन का अधिकांश हिस्सा उसके सैन्य अभियानों के बारे में उनके अपने वृत्तांतों मिलता है। अन्य समकालीन स्रोतों में सिसरो के पत्र और भाषण तथा सैलस्ट की ऐतिहासिक रचनाएँ शामिल हैं। सुएटोनियस और प्लूटार्क द्वारा लिखी गई सीजर की बाद की जीवनियाँ भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं। कई इतिहासकार सीजर को इतिहास के सबसे महान सैन्य कमांडरों में से एक मानते हैं। उसका उपनाम सम्राट का पर्याय बन गया सीजर उपाधि का इस्तेमाल पूरे रोमन साम्राज्य में किया गया और इससे कैसर और जार जैसे आधुनिक शब्द बने।
अपने जीवनकाल में जूलियस सीजर को लैटिन भाषा के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं और गद्य लेखकों में से एक माना, सिसरो ने भी सीजर की वाक्-कला और शैली की बहुत प्रशंसा की थी। केवल सीजर की युद्ध संबंधी टिप्पणियाँ ही आज उपलब्ध हैं। अन्य लेखकों ने उनकी कुछ अन्य रचनाओं के कुछ वाक्यों को उद्धृत किया है। उनकी खोई हुई रचनाओं में उनकी बुआ जूलिया के अंतिम संस्कार पर दिया गया भाषण और उनका एंटीकाटो शामिल है, यह दस्तावेज सिसरो की प्रशंसा-स्तुति के जवाब में कैटो पर हमला करने के लिए लिखा गया था। प्राचीन स्रोतों में जूलियस सीजर की कविताओं का भी उल्लेख मिलता है।
रोमन समाज यौन क्रिया के दौरान निष्क्रिय भूमिका को, चाहे लिंग कोई भी हो, अधीनता या हीनता का संकेत मानता था। सुएटोनियस का कहना है कि गॉल पर सीजर की जीत के जश्न के दौरान, उनके सैनिकों ने गाया था कि, सीजर ने भले ही गॉल को जीत लिया हो, लेकिन निकोमेडस ने सीजर को जीत लिया। सिसरो, बिबुलस, गियस मेमियस और अन्य लोगों जो मुख्य रूप से सीजर के दुश्मन थे, के अनुसार, अपने करियर की शुरुआत में बिथिनिया के निकोमेडस चतुर्थ के साथ उनके संबंध थे। कुछ रोमन नेताओं ने #JuliusCaesar को नीचा दिखाने के लिए उन्हें बिथिनिया की रानी कहकर ये कहानियाँ बार-बार दोहराईं। सीजर ने खुद अपनी जिंदगी भर इन आरोपों से इनकार किया, और कैसियस डियो के अनुसार, एक बार तो उन्होंने कसम खाकर भी ऐसा कहा था।
जूलियस सीजर की हत्या 15 मार्च, 44 ईसापूर्व को रोम के क्यूरिया ऑफ पॉम्पी में सीनेट की बैठक के दौरान हुई। इस दिन को आइड्स ऑफ मार्च के नाम से जाना जाता है। मार्कस जूनियस ब्रूटस और गियस कैसियस लॉन्गिनस के नेतृत्व में हुई 60 से ज्यादा सीनेटरों की एक साजिश के तहत जूलियस सीजर करीब 23 बार चाकू घोंपा गया। साजिश रचने वाले खुद को लिबरेटर (आजाद कराने वाले) कहते थे, उनका मानना था कि सीजर के जीवन भर के लिए तानाशाह बन जाने से रोमन गणराज्य खत्म हो गया है और उन्हें मारने से पारंपरिक सीनेटर शासन व्यवस्था फिर से बहाल हो जाएगी। इस हत्या से गणराज्य तो नहीं बचा अलबत्ता जनता में भारी आक्रोश फैल गया और रोम कई गृह-युद्धों में उलझ गया। इन संघर्षों के परिणामस्वरूप रोमन गणराज्य खत्म हो गया और सीजर के गोद लिए हुए उत्तराधिकारी ऑगस्टस के नेतृत्व में रोमन साम्राज्य का उदय हुआ।
यहां पेश हैं जूलियस सीजर के कुछ उद्धरण, तसल्ली से पढ़िए, सोचिए, इन कथनों के मतलब-मायने निकालिए-
मैं आया, मैंने देखा, मैंने जीत हासिल की।
मुझे उन अच्छी तरह से खाए-पिए, लंबे बालों वाले आदमियों से डर नहीं लगता, बल्कि उन लोगों से डर लगता है जो पीले और भूखे-प्यासे दिखते हैं।
कायर हजारों बार मरता है, जबकि बहादुर सिर्फ एक बार मौत का सामना करता है।
बिना ट्रेनिंग के उनमें ज्ञान की कमी थी। बिना ज्ञान के उनमें आत्मविश्वास की कमी थी। बिना आत्मविश्वास के वे जीत नहीं पाए।
अगर तुम्हें कानून तोड़ना ही है तो सत्ता हासिल करने के लिए तोड़ो, बाकी सभी मामलों में इसका पालन करो।
आखिरकार तुम वही बन जाते हो जो दूसरे तुम्हारे बारे में सोचते हैं, इससे बचना नामुमकिन है।
अनुभव ही हर चीज का शिक्षक है।
अगर मैं नाकाम होता हूँ, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि मुझमें बहुत ज्यादा घमंड और महत्वाकांक्षा है।
सबसे बड़ा दुश्मन उस जगह छिपा होगा जहाँ तुम कभी नहीं देखोगे।
आमतौर पर लोग वही बात जल्दी मान लेते हैं जिसे वे सच होते देखना चाहते हैं।
आप में से कई लोगों ने चाहा कि मैं मर जाऊँ। शायद कई लोग अब भी यही चाहते हैं। लेकिन मैं कोई रंजिश नहीं रखता और न ही बदला लेना चाहता हूँ। मैं बस यही चाहता हूँ कि… आप मेरे साथ मिलकर
एक नया रोम बनाएँ, एक ऐसा रोम जो अपने सभी नागरिकों को न्याय, शांति और जमीन दे, न कि सिर्फ कुछ खास लोगों को। इस काम में मेरा साथ दें, और पुरानी दूरियाँ भुला दी जाएँगी। अगर आप मेरा विरोध करते हैं, तो रोम आपको दूसरी बार माफ नहीं करेगा। सीनेटरों, युद्ध खत्म हो चुका है।
आमतौर पर जो चीज आँखों से ओझल होती है, वह लोगों के मन को उस चीज से ज्यादा परेशान करती है जो उन्हें दिखाई देती है।
सीखने से बेहतर है कुछ नया बनाना! कुछ नया बनाना ही जीवन का सार है।
और जब युद्ध का शोर चरम पर पहुँच जाता है, नफरत से खून खौलने लगता है और दिमाग बंद हो जाता है, तो नेता को नागरिकों के अधिकार छीनने की जरूरत नहीं पड़ती। बल्कि, डर और देशभक्ति के जुनून में डूबे नागरिक खुद ही अपने सारे अधिकार नेता को सौंप देंगे और खुशी-खुशी ऐसा करेंगे।
ऐसे लोग आसानी से मिल जाते हैं जो मरने के लिए तैयार हों, लेकिन ऐसे लोग मिलना मुश्किल है जो सब्र के साथ दर्द सहने को तैयार हों।
गणतंत्र और साम्राज्य के बीच का फर्क सेना की वफादारी का होता है।
लगातार डर में जीने से बेहतर है कि एक बार दुख सह लिया जाए।
सभी बुरी मिसालें जायज कदमों के तौर पर शुरू होती हैं।
पासा फेंका जा चुका है। जो हारे हुए पर दया दिखाता है, वह दो बार जीतता है।
मुझे मौत से ज्यादा सम्मान का नाम प्यारा है।
कायर अपनी असली मौत से पहले ही कई बार मर जाते हैं।
अगर मैं नाकाम होता हूँ, तभी इसे घमंड माना जाएगा।
मेरे कानों को दोस्तों की गुजारिश और मदद चाहने वालों की विनती से ज्यादा प्यारा कोई संगीत नहीं लगता।
मुझे गद्दारी पसंद है, लेकिन गद्दार से नफरत है।
युद्ध जीतने वालों को यह अधिकार देता है कि वे हारे हुए लोगों पर अपनी मर्जी की कोई भी शर्त थोप सकें। -जूलियस सीजर
All bad precedents begin as justifiable measures: a brief biography and thought-provoking quotes regarding the Roman dictator Julius Caesar—the man after whom the month of July is named
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