दुनिया में उतना ही मकसद या मतलब है जितना आप उसमें डालते हैं – हंस रीचेनबैक, जर्मन दार्शनिक, शिक्षक, तार्किक अनुभववादी के विचारणीय उद्धरण Hans Reichenbach Thoughts
26 सितंबर 1891 को हैम्बर्ग, जर्मनी में हंस रीचेनबैक विज्ञान का जन्म हुआ। हंस रीचेनबैक जर्मनी के प्रमुख दार्शनिक, शिक्षक और लॉजिकल एम्पिरिसिज्म (तार्किक अनुभववाद) के समर्थक थे। उन्होंने 1928…

