हमें अकल तब आती है जब उसके कोई मायने नहीं रह जाते, नोबल पुरस्कार विजेता मैक्सिकन कहानीकार, पत्रकार गैब्रियल गार्सिया मार्कुएज के विचारोत्तेजक उद्धरण

17 अप्रैल 2014 को मैक्सिको सिटी, मैक्सिको में गैब्रियल जोस डे ला कॉनकॉर्डिया गार्सिया मार्कुएज (जन्म 6 मार्च 1927 अराकाटाका, कोलंबिया) का निधन हुआ। गैब्रियल गार्सिया मार्कुएज 20वीं सदी के…

उत्पीड़न समाज का पहला नियम है, हॉवर्ड ममफोर्ड जोन्स, अमेरिकी बौद्धिक इतिहासकार, साहित्य आलोचक, पत्रकार, कवि, प्रोफेसर के उद्धरण

16 अप्रैल 1892 को सैगिनॉ, मिशिगन, अमेरिका में हॉवर्ड ममफोर्ड जोन्स का जन्म हुआ। हॉवर्ड ममफोर्ड जोन्स अमेरिकी बौद्धिक इतिहासकार, साहित्य आलोचक, पत्रकार, कवि और मिशिगन विश्वविद्यालय तथा बाद में…

मैं अतीत को समझने में बहुत माहिर हूँ, पर वर्तमान मेरी समझ से बाहर है, प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक निक हॉर्नबी के झकझोरने वाले उद्धरण

17 अप्रैल 1957 को रेडहिल, यूनाइटेड किंगडम में निक हॉर्नबी (निकोलस पीटर जॉन हॉर्नबी) का जन्म हुआ। निक हॉर्नबी अंग्रेजी लेखक हैं। निक हॉर्नबी अपने संस्मरण फीवर पिच और उपन्यासों…

समझदारी से सोचना और बेवकूफी भरा काम करना, यही इंसान का स्वभाव है, नोबल पुरस्कार प्राप्त फ्रांसीसी कवि, पत्रकार, उपन्यासकार अनातोले फ्रांस

16 अप्रैल 1844 को पेरिस, फ्रांस में अनातोले फ्रांस (फ्रांसीसी नाम, फ्रांस्वा-अनातोले थिबो) एक फ्रांसीसी कवि, पत्रकार और उपन्यासकार बने। अनातोले फ्रांस की कई रचनाएँ बेस्ट-सेलर रहीं। व्यंग्यपूर्ण और संशयवादी…

मुझे हमेशा बारिश में चलना अच्छा लगता है, ताकि कोई मुझे रोते हुए न देख सके, प्रसिद्ध कॉमिक एक्टर, फिल्ममेकर चार्ली चैपलिन के उद्धरण

16 अप्रैल 1889 को लंदन, इंग्लैंड में चार्ली चैपलिन (चार्ल्स स्पेंसर चैपलिन जूनियर) का जन्म हुआ। चार्ली चैपलिन विश्व विख्यात अंग्रेज कॉमिक एक्टर, फिल्ममेकर, फिल्म एडिटर और कंपोजर बने जिन्हें…

मैं जागा, केवल यह देखने के लिए कि बाकी दुनिया अभी भी सो रही है, चित्रकार, इंजीनियर, सिद्धांतकार, मूर्तिकार और वास्तुकार लियोनार्डो दा विंची के अनुकरणीय उद्धरण

15 अप्रैल 1452 को एंचियानो, इटली में लियोनार्डो दा विंची का जन्म हुआ। लियोनार्डो दा विंची विश्व विख्यात उच्च पुनर्जागरणकालीन इतालवी बहुश्रुत, चित्रकार, ड्राफ्ट्समैन, इंजीनियर, वैज्ञानिक, सिद्धांतकार, मूर्तिकार और वास्तुकार…

घुटनों के बल पर जीने से बेहतर है कि अपने पैरों पर मर जाएँ, विद्रोही दार्शनिक, नाटककार, उपन्यासकार, पटकथा लेखक, राजनीतिज्ञ ज्यां पाल सात्र्र के झकझोरने वाले उद्धरण

15 अप्रैल 1980 को पेरिस, फ्रांस में विश्व विख्यात फ्रांसीसी दार्शनिक, नाटककार, उपन्यासकार, पटकथा लेखक, राजनीतिक कार्यकर्ता, जीवनीकार और साहित्यिक आलोचक, 20वीं सदी के फ्रांसीसी दर्शन और मार्क्सवाद में अग्रणी…

हम उसी चीज से बने हैं जिससे सपने बनते हैं, मैनुअल क्रिसोलोरास, ग्रीक शास्त्रीय विद्वान, मानवतावादी, दार्शनिक, प्रोफेसर के उद्धरण

15 अप्रैल 1415 को कॉन्स्टान्ज, जर्मनी में पुनर्जागरण काल के एक बीजान्टिन ग्रीक शास्त्रीय विद्वान, मानवतावादी, दार्शनिक, प्रोफेसर और प्राचीन ग्रीक ग्रंथों के अनुवादक मैनुअल क्रिसोलोरास का निधन हुआ। मैनुअल…

मन की स्वतंत्रता ही किसी के अस्तित्व का प्रमाण है, शीर्ष भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के उद्धरण

14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आगरा बंबई रोड पर महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में भीमराव रामजी अंबेडकर का जन्म हुआ। डॉ. अंबेडकर शीर्ष भारतीय…

यदि सब कुछ पारदर्शी होता, तो कोई विचारधाराएँ नहीं होतीं, अमेरिकी साहित्य आलोचक, दार्शनिक और मार्क्सवादी राजनीतिक सिद्धांतकार फ्रेडरिक जेमिसन के उद्धरण

14 अप्रैल 1934 को क्लीवलैंड, ओहियो में फ्रेडरिक रफ जेमिसन का जन्म हुआ। फ्रेडरिक जेमिसन जाने माने अमेरिकी साहित्य आलोचक, दार्शनिक और मार्क्सवादी राजनीतिक सिद्धांतकार बने। वे समकालीन सांस्कृतिक रुझानों…

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