जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है .. पुण्यतिथि पर प्रखर हिंदी कवि केदारनाथ अग्रवाल को उनके सम्मान में उनकी दो कविताएं Kedarnath Agrawal Hindi Poems
जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ हैतूफानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ हैजिसने सोने को खोदा लोहा मोड़ा…

