साहित्य इंसानियत से जुड़ा अंतर्मन कानूनी व्यवस्था को चुनौती देता है, अमेरिकी लेखक, कथाकार नेल्सन एल्ग्रेन के कुछ प्रेरक, विचारणीय, अनुकरणीय उद्धरण

28 मार्च 1909 को डेट्रॉइट, मिशिगन, अमेरिका में नेल्सन एल्ग्रेन का जन्म हुआ। नेल्सन एल्ग्रेन चर्चित अमेरिकी लेखक, कथाकार और उपन्यासकार बने। नेल्सन एल्ग्रेन के 1949 के उपन्यास द मैन…

हर इंसान ने वह दीवार देखी है जो उसके मन की सीमा तय करती है, प्रसिद्ध फ्रांसीसी कवि और शुरुआती फ्रांसीसी रोमांटिसिस्ट अल्फ्रेड डी विग्नी के गंभीर, विचारणीय उद्धरण

27 मार्च 1797 को लोशे, फ्रांस में अल्फ्रेड डी विग्नी (अल्फ्रेड विक्टर, कॉम्टे डी विग्नी) का जन्म हुआ। अल्फ्रेड डी विग्नी प्रसिद्ध फ्रांसीसी कवि और शुरुआती फ्रांसीसी रोमांटिसिस्ट बने। उन्होंने…

अव्यवस्था प्रकृति का नियम था, व्यवस्था मनुष्य का सपना था – अमेरिकी इतिहासकार हेनरी ब्रुक्स एडम्स के झकझोर देने वाले उद्धरण

27 मार्च 1918 को वाशिंगटन डीसी में दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों के वंशज, राजनीतिक परिवार के सदस्य अमेरिकी इतिहासकार हेनरी ब्रुक्स एडम्स (जन्म 16 फरवरी, 1838 बोस्टन, मैसाचुसेट्स) का निधन हुआ।…

पैसा आपको खुशी नहीं दिला सकता, लेकिन पैसे की कमी निश्चित रूप से आपको दुख दिलाती है, मनोविज्ञानी, व्यवहारिक अर्थशास्त्री डैनियल काहनेमैन के सोचने को मजबूर करने वाले कथन

27 मार्च 2024 को स्विट्जरलैंड में प्रसिद्ध डैनियल काहनेमैन (5 मार्च 1934 अनिवार्य फिलिस्तीन) का निधन हुआ। डैनियल काहनेमैन निर्णय और निर्णय लेने के मनोविज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अर्थशास्त्र पर…

खोजने और गलतियाँ करने से ही हम सीखते हैं, प्रभावशाली जर्मन लेखक जोहान वोल्फगैंग वॉन गोएथे के विचारणीय, प्रेरक उद्धरण

22 मार्च 1832 वीमर, जर्मनी में प्रसिद्ध जर्मन बहुज्ञ और जर्मन भाषा के सबसे प्रभावशाली लेखक जोहान वोल्फगैंग वॉन गोएथे (28 अगस्त 1749, गोएथे हाउस, फ्रैंकफर्ट एम मेन, जर्मनी) का…

लोग अब पापी नहीं रहे, वे केवल अपरिपक्व, वंचित, भयभीत या विशेष रूप से बीमार हैं – लेखिका और कवयित्री फिलिस मैकगिनली के कुछ उद्धरण

21 मार्च 1905 को ओंटारियो, ओरेगन, अमेरिका में फिलिस मैकगिनली का जन्म हुआ। फिलिस मैकगिनली लोकप्रिय अमेरिकी बाल साहित्य लेखिका और कवयित्री बनीं, उनकी कविताएँ हल्की-फुल्की शैली में हैं जिनमें…

ये बंदे, बंदगी कर के भी बंदे बन नहीं सकते और हम मयखाने से निकलते हैं खुदा बन कर, प्रखर अंग्रेजी पत्रकार, संपादक, राजनयिक, टिप्पणीकार खुशवंत सिंह के विचार

ये बंदे, बंदगी कर के भी बंदे बन नहीं सकते और हम मयखाने से निकलते हैं खुदा बन कर खुशवंत सिंह का शेर उन लोगों पर कटाक्ष है जो धर्म…

ऑर्कनी द्वीप पर कला और पर्यावरण के लिए अभूतपूर्व काम करने वाली विख्यात स्कॉटिश कार्यकत्री मार्जोरी लिंकलेटर के रोचक, प्रेरक उद्धरण

19 मार्च 1909 को एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में मार्जोरी लिंकलेटर का जन्म हुआ। मार्जोरी लिंकलेटर ऑर्कनी द्वीप पर कला और पर्यावरण के लिए काम करने वाली एक विख्यात स्कॉटिश कार्यकत्री बनीं।…

कोई ख्वाब देख डालो, कोई इंकिलाब लाओ, दिल की खेती सूख रही है, कैसी ये बरसात हुई, मशहूर उर्दू हिंदी कवि, लेखक, बॉलीवुड गीतकार, पटकथाकार राही मासूम रजा के कथन

15 मार्च 1992 मुंबई में मशहूर उर्दू और हिंदी कवि, लेखक और बॉलीवुड गीतकार राही मासूम रजा (जन्म 1 सितंबर 1927 गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) का इंतकाल हुआ। राही मासूम रजा…

रोजमर्रा की सामान्य पीड़ा से बढ़कर कोई नई भयावहता नहीं हो सकती लोकप्रिय विचित्र, डरावनी, काल्पनिक और विज्ञान कथाओं के प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक एच. पी. लवक्राफ्ट के उद्धरण

रोजमर्रा की सामान्य पीड़ा से बढ़कर कोई नई भयावहता नहीं हो सकती लोकप्रिय विचित्र, डरावनी, काल्पनिक और विज्ञान कथाओं के प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक एच. पी. लवक्राफ्ट के उद्धरण15 मार्च 1937…

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